Himachal: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बोले- बीबीएन में शहरी विकास के लिए निजी भूमि को विकसित करेगी सरकार
हिमाचल सरकार ने बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ विकास प्राधिकरण (बीबीएनडीए) में लैंड पूलिंग पॉलिसी 2025 शुरू कर दी है। वहीं, मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) क्षेत्र में शहरी विकास के लिए निजी भूमि को भी विकसित किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सोलन के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) क्षेत्र में शहरी विकास के लिए निजी भूमि को भी विकसित किया जाएगा। भूमि मालिकों को क्षेत्र के अनुपात में प्लॉट आवंटित किए जाएंगे। इसके लिए सरकार ने बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ विकास प्राधिकरण (बीबीएनडीए) में लैंड पूलिंग पॉलिसी 2025 शुरू कर दी है। क्षेत्र में संगठित विकास को बढ़ावा देने के लिए यह फैसला लिया गया है।
यह नीति भूमि मालिकों की सक्रिय भागीदारी से असंगठित भूमि व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित नियोजन से बदलने पर केंद्रित है। लैंड पूलिंग शहरी विकास के लिए ज़मीन मालिकों के साथ सहयोग करने का एक तरीका है। इसके तहत ज़मीन मालिक अपनी ज़मीन को स्थानीय विकास के लिए सरकार को ट्रांसफर करते हैं। इससे शहरी विकास में तेज़ी आती है और जमीन अधिग्रहण की जरूरत कम होती है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस नीति के तहत बिना अनिवार्य भूमि अधिग्रहण के भी बेहतर शहरी योजना और बुनियादी ढांचे का विकास संभव होगा। नीति के माध्यम से भूमि मालिकों के सहयोग से भूमि को पूल और विकसित कर क्षेत्र में आवश्यक सेवाएं और नियोजित लेआउट की सुविधा प्राप्त होगी। लेआउट की मंजूरी मिलने के बाद इसे दो महीने के भीतर प्रकाशित किया जाएगा। भूमि मालिकों को अनुमोदित योजना के अनुसार भूमि क्षेत्र के अनुपात में प्लॉट आवंटित किए जाएंगे। इसके बाद भूमि मालिक आवंटन अधिसूचना जारी होने के 60 दिन के भीतर एक बिक्री विलेख निष्पादित कर भूमि का स्वामित्व प्राधिकरण को देंगे। इसके बाद भूमि प्राधिकरण को हस्तांतरित कर दी जाएगी, जिसमें राज्य सरकार पंजीकरण शुल्क और स्टांप शुल्क से छूट प्रदान करेगी।
इस नीति में आवासीय, वाणिज्यिक, संस्थागत, मिश्रित उपयोग और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में बीबीएनडीए विकास परियोजना को बढ़ावा देगा। प्राधिकरण परियोजनाओं के लिए स्वयं भूमि की पहचान करेगा या फिर विज्ञापनों के माध्यम से भूमि मालिकों को स्वैच्छिक भागीदारी के लिए आमंत्रित किया जाएगा। भूमि मालिक सीधे या एग्रीगेटर के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। कम से कम 60 दिनों की निर्दिष्ट अवधि के भीतर अपनी भूमि का विवरण ऑनलाइन या ऑफलाइन प्रस्तुत कर सकते हैं, जिसे प्राधिकरण की ओर से बढ़ाया जा सकता है। आवेदनों की 30 दिनों के भीतर जांच की जाएगी और परियोजना कार्यान्वयन के लिए आवश्यक अनुमोदन मांगे जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नीति बीबीएन क्षेत्र में विकास को सुव्यवस्थित करने, बेहतर शहरी बुनियादी ढांचे को सुनिश्चित करने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगी।