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Yamuna Nagar News: दक्षिण अफ्रीका से लौटा युवक मिला मलेरिया से संक्रमित
Fri, 03 Jul 2026 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 03 Jul 2026 12:51 AM IST
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संधाली गांव में मच्छर के लारवा की तलाश करता कर्मचारी। प्रवक्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले को मलेरिया मुक्त बनाने की स्वास्थ्य विभाग की मुहिम को झटका लगा है। दक्षिण अफ्रीका से लौटे 34 वर्षीय युवक में फाल्सीपेरम मलेरिया की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संक्रमित के परिजनों और आसपास रहने वाले लोगों के रक्त के नमूने लेकर जांच शुरू कर दी है।
गांव संधाली निवासी युवक दक्षिण अफ्रीका से नौ जून को भारत लौटा था। इसके बाद वह उत्तराखंड भी घूमने गया। इसी दौरान उसे तेज बुखार आने लगा। 19 जून को परिजन उसे शहर के एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर उसे पंचकूला के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां जांच में फाल्सीपेरम मलेरिया की पुष्टि हुई।
हालत में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर उसे गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया, जहां उसका उपचार जारी है। स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आया कि युवक को अप्रैल में भी दक्षिण अफ्रीका में बुखार हुआ था। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि संक्रमण विदेश से आया है, फिर भी एहतियात के तौर पर उसके परिजनों के रक्त के नमूने लिए गए हैं।
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अब तक किसी परिजन में मलेरिया की पुष्टि नहीं हुई है। विभाग ने संक्रमित के आसपास रहने वाले करीब 70 लोगों के भी सैंपल लेकर निगरानी बढ़ा दी है। मानसून के मौसम में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्र में विशेष सर्वे, मच्छर रोधी उपाय और लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा है।
जांच में पता चला है कि युवक को दक्षिण अफ्रीका में पहले भी मलेरिया हो चुका है। वहां पर उसका उपचार भी चल रहा था। उसके परिवार के अन्य सदस्य यहीं पर रहते हैं। युवक के घर व आसपास फॉगिंग कराई गई है। - डॉ. सुशीला सैनी, डिप्टी सिविल सर्जन मलेरिया।
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यमुनानगर। जिले को मलेरिया मुक्त बनाने की स्वास्थ्य विभाग की मुहिम को झटका लगा है। दक्षिण अफ्रीका से लौटे 34 वर्षीय युवक में फाल्सीपेरम मलेरिया की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संक्रमित के परिजनों और आसपास रहने वाले लोगों के रक्त के नमूने लेकर जांच शुरू कर दी है।
गांव संधाली निवासी युवक दक्षिण अफ्रीका से नौ जून को भारत लौटा था। इसके बाद वह उत्तराखंड भी घूमने गया। इसी दौरान उसे तेज बुखार आने लगा। 19 जून को परिजन उसे शहर के एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर उसे पंचकूला के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां जांच में फाल्सीपेरम मलेरिया की पुष्टि हुई।
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हालत में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर उसे गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया, जहां उसका उपचार जारी है। स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आया कि युवक को अप्रैल में भी दक्षिण अफ्रीका में बुखार हुआ था। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि संक्रमण विदेश से आया है, फिर भी एहतियात के तौर पर उसके परिजनों के रक्त के नमूने लिए गए हैं।
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अब तक किसी परिजन में मलेरिया की पुष्टि नहीं हुई है। विभाग ने संक्रमित के आसपास रहने वाले करीब 70 लोगों के भी सैंपल लेकर निगरानी बढ़ा दी है। मानसून के मौसम में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्र में विशेष सर्वे, मच्छर रोधी उपाय और लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा है।
जांच में पता चला है कि युवक को दक्षिण अफ्रीका में पहले भी मलेरिया हो चुका है। वहां पर उसका उपचार भी चल रहा था। उसके परिवार के अन्य सदस्य यहीं पर रहते हैं। युवक के घर व आसपास फॉगिंग कराई गई है। - डॉ. सुशीला सैनी, डिप्टी सिविल सर्जन मलेरिया।