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Yamuna Nagar News: मंदिरों में की पूजा, निर्जला रह किया एकादशी व्रत

Wed, 19 Jun 2024 06:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Wed, 19 Jun 2024 06:04 AM IST
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Worshiped in temples, observed Ekadashi fast without drinking water
संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। साल की सबसे बड़ी एकादशी मंगलवार को रही। ज्येष्ठ मास के शुल्क पक्ष की एकादशी पर श्रद्धालुओं ने निर्जला व्रत कर भगवान श्रीहरि की आराधना की। इस दौरान शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के तमाम मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान हुए। जिसके लिए सुबह ही मंदिरों में श्रद्धालु पहुंचने लगे थे। तड़के ही मंदिरों के कपाल श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।
अत्याधिक गर्मी होने के कारण लोग तड़के ही मंदिर पहुंच गए थे। इस दौरान लोगों में मंदिरों में भगवान श्रीहरि विष्णु व मां लक्ष्मी के सम्मुख माथा टेका, दीप प्रज्ज्वलित किए और पुष्प व प्रसाद अर्पित किया। इसके साथ लोगों ने अपना व्रत आरंभ किया। इस एकादशी पर निर्जला व्रत रखा जाता है। व्रतकर्ता पूरा दिन कुछ खाते पीते नहीं है।
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व्रत का पारण बुधवार तड़के होगा। श्रद्धालु बुधवार को भोजन जल ग्रहण कर व्रत का पारण करेंगे। इस दौरान मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पूजा करके परिवार के सुख, समृद्धि व मंगल की कामना की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मंदिरों, ब्राह्मणों व जरूरतमंदों को मिट्टी के मटके, खरबूजा, हाथ पंखा सहित अन्य वस्तुएं दान की।
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ज्योतिषाचार्य पंडित ललित शर्मा ने बताया कि ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी या भीमसेनी एकादशी कहा जाता है। इस दिन बिना पानी ग्रहण किए व्रत कर श्रीहरि की पूजा करने का विशेष फल मिलता है। वर्ष भर की सभी एकादशी से यह व्रत अधिक महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि निर्जला एकादशी व्रत करने से साल के सभी एकादशी व्रत का पुण्य प्राप्त होता है। एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और कथा का श्रवण किया जाता है। इस व्रत करने वाले को स्वर्ग की प्राप्ति होती है। श्रीहरि की कृपा से वह मोक्ष को प्राप्त करता है। मंगलवार सुबह मंदिरों में पहुंचकर भक्तों ने दर्शन व पूजन किया।
उन्होंने बताया कि इस दिन दान करने का भी विशेष महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इन दिनों भयंकर गर्मी पड़ती है, ऐसे में गर्मी से परेशान व्यक्ति को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य होता है। जिस कारण इस दिन मिट्टी का मटका, खरबूजा, हाथ पंखा दान किया जाता है।


वहीं शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने ठंडे मीठे पानी की छबील लगाकर राहगीरों की प्यास बुझाई गई। कई स्थानों पर छबील के साथ काले चने, हलवा व अन्य खाद्य पदार्थ प्रसाद में बांटे गए। एकादशी पर रेलवे स्टेशन के पास न्यू मार्केट, पेपर मिल गेट, प्यारा चौक, मॉडल टाउन, छोटा मॉडल टाउन, खालसा कॉलेज, अजादनगर, न्यू हमीदा कॉलोनी, कैंप, पुराना हमीदा, चांदपुर, गांधीनगर, आईटीआई, विष्णु नगर, जगाधरी वर्कशॉप, ससौली रोड, कांसापुर रोड, बैंक काॅलोनी, भाई कन्हैया साहिब चौक, सेक्टर-17, सेक्टर-18, जगाधरी बस स्टैंड के पास, छोटी लाइन, दुर्गा गार्डन, रेलवे रोड बाजार सहित जगाधरी के तमाम स्थानों पर मीठा पानी वितरित किया गया।
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