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Yamuna Nagar News: गांव बाकरपुर में बाबा साहेब की प्रतिमा हटाने पर हंगामा
Sun, 27 Oct 2024 04:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 27 Oct 2024 04:23 AM IST
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यमुनानगर। प्रशासन की टीम शनिवार को बाकरपुर गांव में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को हटाने के लिए पहुंची। टीम ने बाबा साहेब की प्रतिमा को हटाने की कार्रवाई की तो ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस व ग्रामीणों के बीच हलकी धक्का-मुक्की हुई। वहीं जब बाबा साहेब की प्रतिमा को गांव की चौपाल में रखने के लिए ले जाया जा रहा था तो कुछ ग्रामीण गाड़ी के आगे लेट गए। इस पर पुलिस ने उन्हें जबरन उठाया। इसके बाद प्रतिमा को गांव की ही एक चौपाल में रखवा दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में कई ग्रामीणों को हिरासत में भी लिया है। उधर, ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने सहमति के लिए सात दिन का समय दिया था। इसके बावजूद भी प्रतिमा को हटा दिया गया है।
तालाब की जमीन पर स्थापित की गई थी प्रतिमा
गांव में तालाब की जमीन पर बाबा साहेब की प्रतिमा स्थापित की गई थी। कुछ दिन पहले कोर्ट ने तालाब की जमीन से प्रतिमा को हटाने का आदेश दिया था। चार दिन पहले प्रशासन की टीम प्रतिमा को हटाने के लिए पहुंची थी। इसका ग्रामीणों ने विरोध किया था। इसके बाद टीम चाहरदीवारी तोड़ कर वहां से लौट आई थी। इसके बाद डीडीपीओ की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी। जिसमें प्रतिमा को दूसरे स्थान पर रखने की बात हुई थी। डीडीपीओ नरेंद्र सिंह व डीएसपी राजीव मिगलानी फोर्स के साथ शनिवार को गांव में पहुंचे और प्रतिमा को विवादित जमीन से हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। उधर, प्रशासन ने बाबा साहेब की प्रतिमा को हटाने के बाद तालाब की जमीन की खोदाई करा दी गई। जैसे ही टीम ने कार्रवाई शुरू की तो काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। इसी बीच प्रशासन की टीम प्रतिमा को हटाकर गांव की चौपाल में रखवाने लगी तो ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू दिया। ग्रामीणों ने प्रतिमा को चौपाल भवन में रखने पर आक्रोश व्यक्त किया। हालांकि, विरोध के बावजूद भी पुलिस टीम ने प्रतिमा को गांव की चौपाल में रखवा दिया।
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दर्जन भर से अधिक लोग हिरासत में लिए
प्रशासन की टीम ने विरोध कर रहे ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया पर लोग अपनी जिद पर अड़े रहे। इसके बाद पुलिस ने दर्जनभर महिला और पुरुषों को हिरासत में ले लिया। सभी को थाने पर लाया गया। पूर्व सरपंच का कहना है कि प्रशासन ने सात दिन का समय दिया था लेकिन, समय से पहले ही प्रतिमा को हटाने की कार्रवाई की गई है।
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वर्जन
अदालत ने तालाब की जमीन से प्रतिमा को हटाने के आदेश दिए थे। प्रतिमा को हटाकर सुरक्षित चौपाल भवन में रखवा दिया गया है। कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया था। जिन्हें समझाकर शांत करा दिया गया है। गांव में शांति है। इसके अलावा तालाब की जमीन की खोदाई करा दी गई है।
-नरेंद्र सिंह, डीडीपीओ यमुनानगर।
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तालाब की जमीन पर स्थापित की गई थी प्रतिमा
गांव में तालाब की जमीन पर बाबा साहेब की प्रतिमा स्थापित की गई थी। कुछ दिन पहले कोर्ट ने तालाब की जमीन से प्रतिमा को हटाने का आदेश दिया था। चार दिन पहले प्रशासन की टीम प्रतिमा को हटाने के लिए पहुंची थी। इसका ग्रामीणों ने विरोध किया था। इसके बाद टीम चाहरदीवारी तोड़ कर वहां से लौट आई थी। इसके बाद डीडीपीओ की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी। जिसमें प्रतिमा को दूसरे स्थान पर रखने की बात हुई थी। डीडीपीओ नरेंद्र सिंह व डीएसपी राजीव मिगलानी फोर्स के साथ शनिवार को गांव में पहुंचे और प्रतिमा को विवादित जमीन से हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। उधर, प्रशासन ने बाबा साहेब की प्रतिमा को हटाने के बाद तालाब की जमीन की खोदाई करा दी गई। जैसे ही टीम ने कार्रवाई शुरू की तो काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। इसी बीच प्रशासन की टीम प्रतिमा को हटाकर गांव की चौपाल में रखवाने लगी तो ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू दिया। ग्रामीणों ने प्रतिमा को चौपाल भवन में रखने पर आक्रोश व्यक्त किया। हालांकि, विरोध के बावजूद भी पुलिस टीम ने प्रतिमा को गांव की चौपाल में रखवा दिया।
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दर्जन भर से अधिक लोग हिरासत में लिए
प्रशासन की टीम ने विरोध कर रहे ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया पर लोग अपनी जिद पर अड़े रहे। इसके बाद पुलिस ने दर्जनभर महिला और पुरुषों को हिरासत में ले लिया। सभी को थाने पर लाया गया। पूर्व सरपंच का कहना है कि प्रशासन ने सात दिन का समय दिया था लेकिन, समय से पहले ही प्रतिमा को हटाने की कार्रवाई की गई है।
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अदालत ने तालाब की जमीन से प्रतिमा को हटाने के आदेश दिए थे। प्रतिमा को हटाकर सुरक्षित चौपाल भवन में रखवा दिया गया है। कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया था। जिन्हें समझाकर शांत करा दिया गया है। गांव में शांति है। इसके अलावा तालाब की जमीन की खोदाई करा दी गई है।
-नरेंद्र सिंह, डीडीपीओ यमुनानगर।