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यमुना नगर: जिन्हें कंट्रोल करना है ट्रैफिक, उन लाइटों की बत्ती गुल
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शासन प्रशासन की ओर से सड़क सुरक्षा के दावे तो किए जा रहे हैं लेकिन शहर के 15 चौक-चौराहों पर लगी ट्रैफिक कंट्रोल लाइटों में एक भी ट्रैफिक कंट्रोल लाइट पूरी तरह से ठीक नहीं हैं। ज्यादातर ट्रैफिक लाइटें पूरी तरह से बंद पड़ी हैं तो किसी के आधे से ज्यादा प्वाइंट चलते ही नहीं। एक-दो चौक को छोड़ दें तो किसी में भी टाइमर नहीं लगा है। ट्रैफिक लाइटों की यह हालत नगर निगम के अधिकारियों की अनदेखी के चलते हो रखी है।
एक तरफ जहां कई जगहों पर बेवजह पैसा बर्बाद किया जा रहा है तो इन ट्रैफिक लाइटों को ठीक करने के लिए नगर निगम के पास न तो कर्मचारी है और न ही बजट। बजट भी तभी खर्च होगा जब किसी अधिकारी का ध्यान इनकी बदहाली पर जाएगा। यह हालात तब हैं जब नगर निगम के कमिश्नर, डीएमसी, एक्सईएन के अलावा जिला प्रशासन के तमाम अधिकारी दिन में पता नहीं कितनी बार इन चौक-चौराहों से गुजर रहे हैं। मंगलवार को सभी चौक-चौराहों पर लगी ट्रैफिक कंट्रोल लाइटों का जायजा लिया गया तो इनमें से एक भी पूरी तरह से ठीक नहीं मिली। यहां तक की जिन पार्षदों के एरिया में यह लगी हैं उन्होंने भी कभी इनकी शिकायत करने की जहमत नहीं उठाई।
सड़क सुरक्षा के दावे केवल फाइलों में सिमट कर रह गए हैं। चौक पर ट्रैफिक लाइट इसलिए लगाई जाती है ताकि वाहनों को कुछ देर रोक कर सड़क पर ट्रैफिक कंट्रोल किया जा सके। सड़कों पर जाम न लगे। परंतु खराब ट्रैफिक लाइटें शहर में जाम को बढ़ावा दे रही हैं। जगाधरी जेल चौक, गुलाब नगर, मेला सिंह चौक, चूना भट्ठी चौक, पंचायत भवन व विश्वकर्मा चौक पर तो सारी लाइटें पूरी तरह से अरसे से बंद पड़ी हैं। इसी तरह जगाधरी बस स्टैंड के पास ट्रैफिक लाइट में टाइमर ही नहीं है। वाहन चालकों को पता ही नहीं चलता कि कब उन्हें आगे बढ़ना है और कब रुकना है। कई बार तो वाहन निकल रहे होते हैं और अचानक रेड लाइट हो जाती है। इसी चौक पर यमुनानगर रोड पर लगा ट्रैफिक लाइट का पोल दो साल पहले टूट गया था। इसे लगाना तो दूर लाइटों वाला पोल ही गायब कर दिया गया। एक भी लाइट में पीली लाइट नहीं चल रही। जिससे चालकों को वाहन धीरे चलाने का कोई संकेत नहीं मिलता। जिन चौक-चौराहों पर ट्रैफिक नियम पूरे नहीं वहां पर ट्रैफिक पुलिस वाहनों के चालान काट रही है।
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शहर में 15 चौक-चौराहों पर ट्रैफिक कंट्रोल लाइट लगी है। इनमें जिला जेल चौक बिलासपुर रोड, गुलाब नगर चौक, डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक जगाधरी (जगाधरी बस स्टैंड चौक), मटका चौक, चूना भट्ठी चौक, महाराजा अग्रसेन चौक जगाधरी, सफायर होटल के पास, मातेश्वरी अहिल्याबाई होल्कर चौक (मधू चौक), प्यारा चौक, भगत सिंह चौक (पुराना फव्वारा चौक), मेला सिंह चौक, पंचायत भवन के पास शहीद उधम सिंह चौक, कन्हैया साहिब चौक, महाराणा प्रताप चौक व विश्वकर्मा चौक यमुनानगर पर लाइट लगी है।
जगाधरी-बिलासपुर स्टेट हाईवे पर जिला जेल चौक पर 10 लाख रुपये से 15 मई 2021 को नई ट्रैफिक कंट्रोल लाइट लगाई गई थी। जून में इसका टाइमर चलाया गया। माह माह में ही लाइट खराब होकर बंद हो गई। गत माह लोगों ने इसकी शिकायत नगर निगम कमिश्नर से की थी। इसे ठीक कर दिया था परंतु सप्ताहभर से यह फिर बंद है। 100 रुपये के सीएफएल की वारंटी भी एक साल की होती है। लेकिन 10 लाख की यह लाइट तो एक माह भी ठीक से नहीं चली। इस लाइट की क्वालिटी और वारंटी दोनों संदेह के घेरे में है। जबकि इस चौक से प्रतापनगर माइनिंग जोन से आने वाले हजारों ट्रकों के अलावा स्टेट हाईवे से गुजरने वाले हजारों वाहन हैं। हर समय हादसे का खतरा रहता है। फिर भी इस तरफ किसी का ध्यान नहीं है।
नगर निगम के एक्सईएन विकास धीमान ने बताया कि जेई को भेज कर सभी ट्रैफिक कंट्रोल लाइटों का सर्वे कराया जाएगा। जो लाइट खराब होंगी उन्हें जल्द ठीक करवा दिया जाएगा।
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एक तरफ जहां कई जगहों पर बेवजह पैसा बर्बाद किया जा रहा है तो इन ट्रैफिक लाइटों को ठीक करने के लिए नगर निगम के पास न तो कर्मचारी है और न ही बजट। बजट भी तभी खर्च होगा जब किसी अधिकारी का ध्यान इनकी बदहाली पर जाएगा। यह हालात तब हैं जब नगर निगम के कमिश्नर, डीएमसी, एक्सईएन के अलावा जिला प्रशासन के तमाम अधिकारी दिन में पता नहीं कितनी बार इन चौक-चौराहों से गुजर रहे हैं। मंगलवार को सभी चौक-चौराहों पर लगी ट्रैफिक कंट्रोल लाइटों का जायजा लिया गया तो इनमें से एक भी पूरी तरह से ठीक नहीं मिली। यहां तक की जिन पार्षदों के एरिया में यह लगी हैं उन्होंने भी कभी इनकी शिकायत करने की जहमत नहीं उठाई।
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सड़क सुरक्षा के दावे केवल फाइलों में सिमट कर रह गए हैं। चौक पर ट्रैफिक लाइट इसलिए लगाई जाती है ताकि वाहनों को कुछ देर रोक कर सड़क पर ट्रैफिक कंट्रोल किया जा सके। सड़कों पर जाम न लगे। परंतु खराब ट्रैफिक लाइटें शहर में जाम को बढ़ावा दे रही हैं। जगाधरी जेल चौक, गुलाब नगर, मेला सिंह चौक, चूना भट्ठी चौक, पंचायत भवन व विश्वकर्मा चौक पर तो सारी लाइटें पूरी तरह से अरसे से बंद पड़ी हैं। इसी तरह जगाधरी बस स्टैंड के पास ट्रैफिक लाइट में टाइमर ही नहीं है। वाहन चालकों को पता ही नहीं चलता कि कब उन्हें आगे बढ़ना है और कब रुकना है। कई बार तो वाहन निकल रहे होते हैं और अचानक रेड लाइट हो जाती है। इसी चौक पर यमुनानगर रोड पर लगा ट्रैफिक लाइट का पोल दो साल पहले टूट गया था। इसे लगाना तो दूर लाइटों वाला पोल ही गायब कर दिया गया। एक भी लाइट में पीली लाइट नहीं चल रही। जिससे चालकों को वाहन धीरे चलाने का कोई संकेत नहीं मिलता। जिन चौक-चौराहों पर ट्रैफिक नियम पूरे नहीं वहां पर ट्रैफिक पुलिस वाहनों के चालान काट रही है।
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शहर में 15 चौक-चौराहों पर ट्रैफिक कंट्रोल लाइट लगी है। इनमें जिला जेल चौक बिलासपुर रोड, गुलाब नगर चौक, डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक जगाधरी (जगाधरी बस स्टैंड चौक), मटका चौक, चूना भट्ठी चौक, महाराजा अग्रसेन चौक जगाधरी, सफायर होटल के पास, मातेश्वरी अहिल्याबाई होल्कर चौक (मधू चौक), प्यारा चौक, भगत सिंह चौक (पुराना फव्वारा चौक), मेला सिंह चौक, पंचायत भवन के पास शहीद उधम सिंह चौक, कन्हैया साहिब चौक, महाराणा प्रताप चौक व विश्वकर्मा चौक यमुनानगर पर लाइट लगी है।
जगाधरी-बिलासपुर स्टेट हाईवे पर जिला जेल चौक पर 10 लाख रुपये से 15 मई 2021 को नई ट्रैफिक कंट्रोल लाइट लगाई गई थी। जून में इसका टाइमर चलाया गया। माह माह में ही लाइट खराब होकर बंद हो गई। गत माह लोगों ने इसकी शिकायत नगर निगम कमिश्नर से की थी। इसे ठीक कर दिया था परंतु सप्ताहभर से यह फिर बंद है। 100 रुपये के सीएफएल की वारंटी भी एक साल की होती है। लेकिन 10 लाख की यह लाइट तो एक माह भी ठीक से नहीं चली। इस लाइट की क्वालिटी और वारंटी दोनों संदेह के घेरे में है। जबकि इस चौक से प्रतापनगर माइनिंग जोन से आने वाले हजारों ट्रकों के अलावा स्टेट हाईवे से गुजरने वाले हजारों वाहन हैं। हर समय हादसे का खतरा रहता है। फिर भी इस तरफ किसी का ध्यान नहीं है।
नगर निगम के एक्सईएन विकास धीमान ने बताया कि जेई को भेज कर सभी ट्रैफिक कंट्रोल लाइटों का सर्वे कराया जाएगा। जो लाइट खराब होंगी उन्हें जल्द ठीक करवा दिया जाएगा।