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Yamuna Nagar News: इंतजार खत्म, अब कलेसर में पर्यटकों के लिए जंगल सफारी शुरू
Sat, 19 Oct 2024 05:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 19 Oct 2024 05:54 AM IST
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नवाब खान
प्रतापनगर। पिछले कई महीनों से कलेसर जंगल सफारी की बाट जोह रहे पर्यटकों के लिए अच्छी खबर है। वीरवार से पर्यटकों के लिए जंगल सफारी को खोल दिया गया है अब पर्यटक यहां पहुंचकर जंगली जीवों को देखने का आनंद ले रहे है।
जंगल सफारी को वन विभाग की तरफ से बरसात के सीजन में बंद कर दिया जाता है क्योंकि उस दौरान जंगल के सभी रास्ते खराब हो जाते हैं। जगह-जगह पानी भरा रहता है। जिस कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
बता दें कि कलेसर नेशनल पार्क में जंगल सफारी में रुचि रखने वाले पर्यटकों का इंतजार आखिर खत्म हो गया है। एक जुलाई से बंद हुई जंगल सफारी को 17 अक्टूबर वीरवार को पर्यटकों के लिए शुरू कर दिया गया है। वन्य जीव प्राणी विभाग के रक्षक सुमित कुमार ने बताया कि बरसात के सीजन में बंद की गई जंगल सफारी को शुरू कर दिया गया है। बरसात के सीजन में खराब हुए सभी रास्ते ठीक कर दिए गए हैं।
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जंगल में दर्जनों वन्य जीवों के होते हैं दीदार
कलेसर नेशनल पार्क में हिरण, चीतल, सांभर, वन बकरा, जंगली मुर्गा, तीतर, बटेर, खरगोश, गिलहरी, अजगर, कोबरा जैसे दर्जनों जीव जंतुओं का दीदार आराम से हो जाता है। वन्य एवं वन्य जीव प्राणी विभाग के मुताबिक एक टाइगर 46 तेंदुए और 15 हाथी मौजूद हैं। टाइगर तो यहां लंबे समय से अपना वर्चस्व स्थापित किए हुए हैं।
यहां पिछले कुछ सालों में तेंदुए की संख्या लगातार बढ़ी है वहीं, 4 हाथी तो यहां लंबे समय से डेरा जमाए हुए हैं। 10 से 12 हाथी तो ऐसे हैं जो कभी नेशनल पार्क तो कभी सिंबलवाडा तो कभी देहरादून के राजा जी नेशनल पार्क में आना-जाना करते रहते हैं। सांप और अजगर भी यहां सैंकड़ों की संख्या में मौजूद हैं। सांप और बिच्छू यमुना नदी और नेशनल हाईवे किनारे किसी भी समय दिखे जा सकते हैं। वन्य प्राणी विभाग के मुताबिक सांप रेक्टल प्रजाति के प्राणी है। जिनकी गणना संभव नहीं है। नेशनल पार्क में असंख्य सांप और अजगर मौजूद है।
वन्य प्राणी विभाग रक्षक सुमित कुमार ने बताया कि 30 जून 2024 से जुलाई, अगस्त व सितंबर 3 महीने के लिए जंगल सफारी को बंद कर दिया गया था क्योंकि इस दौरान बरसात का सीजन होता है।
ऐसे में जंगल के रास्तों में पानी भर जाता है व पूरे जंगल में कीचड़ हो जाता है। उन्होंने बताया कि वीरवार से जंगल सफारी को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। जंगल सफारी को खुले एक दिन हुआ है।
जैसे-जैसे पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी वैसे-वैसे सरकारी राजस्व में भी इजाफा होगा फिलहाल विभाग को जंगल सफारी से 1000 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। रक्षक सुमित कुमार ने बताया कि जंगल सफारी के सरकारी रेट निर्धारित किए हुए हैं जिसमें 50 प्रति व्यक्ति और 30 रुपये छोटे बच्चों के लिए निर्धारित हैं। जंगल सफारी के लिए सुबह 6 बजे से 11 बजे तक और शाम 3 बजे से 5 बजे तक का समय रखा गया है।
वर्जन
बरसात के सीजन में बंद पड़ी जंगल सफारी को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। यहां तीन गाड़ियां लगाई गई हैं। पर्यटक अब आराम से जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे।
-लीलू राम, इंस्पेक्टर, वन्य प्राणी विभाग यमुनानगर।
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प्रतापनगर। पिछले कई महीनों से कलेसर जंगल सफारी की बाट जोह रहे पर्यटकों के लिए अच्छी खबर है। वीरवार से पर्यटकों के लिए जंगल सफारी को खोल दिया गया है अब पर्यटक यहां पहुंचकर जंगली जीवों को देखने का आनंद ले रहे है।
जंगल सफारी को वन विभाग की तरफ से बरसात के सीजन में बंद कर दिया जाता है क्योंकि उस दौरान जंगल के सभी रास्ते खराब हो जाते हैं। जगह-जगह पानी भरा रहता है। जिस कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
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बता दें कि कलेसर नेशनल पार्क में जंगल सफारी में रुचि रखने वाले पर्यटकों का इंतजार आखिर खत्म हो गया है। एक जुलाई से बंद हुई जंगल सफारी को 17 अक्टूबर वीरवार को पर्यटकों के लिए शुरू कर दिया गया है। वन्य जीव प्राणी विभाग के रक्षक सुमित कुमार ने बताया कि बरसात के सीजन में बंद की गई जंगल सफारी को शुरू कर दिया गया है। बरसात के सीजन में खराब हुए सभी रास्ते ठीक कर दिए गए हैं।
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जंगल में दर्जनों वन्य जीवों के होते हैं दीदार
कलेसर नेशनल पार्क में हिरण, चीतल, सांभर, वन बकरा, जंगली मुर्गा, तीतर, बटेर, खरगोश, गिलहरी, अजगर, कोबरा जैसे दर्जनों जीव जंतुओं का दीदार आराम से हो जाता है। वन्य एवं वन्य जीव प्राणी विभाग के मुताबिक एक टाइगर 46 तेंदुए और 15 हाथी मौजूद हैं। टाइगर तो यहां लंबे समय से अपना वर्चस्व स्थापित किए हुए हैं।
यहां पिछले कुछ सालों में तेंदुए की संख्या लगातार बढ़ी है वहीं, 4 हाथी तो यहां लंबे समय से डेरा जमाए हुए हैं। 10 से 12 हाथी तो ऐसे हैं जो कभी नेशनल पार्क तो कभी सिंबलवाडा तो कभी देहरादून के राजा जी नेशनल पार्क में आना-जाना करते रहते हैं। सांप और अजगर भी यहां सैंकड़ों की संख्या में मौजूद हैं। सांप और बिच्छू यमुना नदी और नेशनल हाईवे किनारे किसी भी समय दिखे जा सकते हैं। वन्य प्राणी विभाग के मुताबिक सांप रेक्टल प्रजाति के प्राणी है। जिनकी गणना संभव नहीं है। नेशनल पार्क में असंख्य सांप और अजगर मौजूद है।
वन्य प्राणी विभाग रक्षक सुमित कुमार ने बताया कि 30 जून 2024 से जुलाई, अगस्त व सितंबर 3 महीने के लिए जंगल सफारी को बंद कर दिया गया था क्योंकि इस दौरान बरसात का सीजन होता है।
ऐसे में जंगल के रास्तों में पानी भर जाता है व पूरे जंगल में कीचड़ हो जाता है। उन्होंने बताया कि वीरवार से जंगल सफारी को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। जंगल सफारी को खुले एक दिन हुआ है।
जैसे-जैसे पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी वैसे-वैसे सरकारी राजस्व में भी इजाफा होगा फिलहाल विभाग को जंगल सफारी से 1000 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। रक्षक सुमित कुमार ने बताया कि जंगल सफारी के सरकारी रेट निर्धारित किए हुए हैं जिसमें 50 प्रति व्यक्ति और 30 रुपये छोटे बच्चों के लिए निर्धारित हैं। जंगल सफारी के लिए सुबह 6 बजे से 11 बजे तक और शाम 3 बजे से 5 बजे तक का समय रखा गया है।
वर्जन
बरसात के सीजन में बंद पड़ी जंगल सफारी को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। यहां तीन गाड़ियां लगाई गई हैं। पर्यटक अब आराम से जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे।
-लीलू राम, इंस्पेक्टर, वन्य प्राणी विभाग यमुनानगर।