{"_id":"6144ed4a8ebc3e24c85b772a","slug":"teachers-roared-at-the-residence-of-the-education-minister-yamunanagar-yamuna-nagar-news-knl83568537","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्थायी जिला देने की मांग को लेकर शिक्षामंत्री के आवास पर गरजे शिक्षक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्थायी जिला देने की मांग को लेकर शिक्षामंत्री के आवास पर गरजे शिक्षक
विज्ञापन
तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते जेबीटी अध्यापक। संवाद
- फोटो : Yamuna Nagar
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। साल 2017 में लगे जेबीटी अध्यापकों ने स्थायी जिला देने की मांग को लेकर शुक्रवार को शिक्षामंत्री के आवास पर प्रदर्शन किया। अग्रसेन चौक स्थित बंद पड़े पेट्रोल पंप पर एकत्रित हुए अध्यापकों ने सरकार, विभाग व मंत्रियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यहां से अध्यापक जुलूस की शक्ल में शिक्षामंत्री के आवास पर पहुंचे और मांगों संबंधी ज्ञापन सौंपा।
अध्यापकों के प्रदर्शन को लेकर शिक्षामंत्री आवास पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने अध्यापकों को एक निश्चित दूरी पर ही रोक दिया। ज्ञापन लेने के लिए तहसीलदार मंत्री आवास पर मौजूद रहे। अध्यापक शिक्षामंत्री से मिलने की मांग पर अड़े रहे। इस पर अध्यापकों के प्रतिनिधिमंडल को सोमवार सुबह 10 बजे मिलने का समय दिया गया, जिसके बाद अध्यापकों ने तहसीलदार को ज्ञापन दिया।
प्रदर्शन की अगुवाई हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान संजय कांबोज ने की। पेट्रोल पंप पर जगाधरी प्रधान संदीप पिलानिया ने कहा कि वर्ष 2017 में करीब 12 सौ जेबीटी जिले में लगाए गए थे। इनमें आधे से अधिक महिलाएं हैं। नियुक्ति के समय जेबीटी को अस्थायी जिला दिया गया था। सरकार ने जल्द ही स्थायी जिला देने का आश्वासन दिया था।
विज्ञापन
चार साल बाद भी उन्हें स्थायी जिला नहीं दिया गया, जिससे अध्यापकों में भारी रोष है। अध्यापक अपनी आवास व्यवस्था और बच्चों की शिक्षा व दाखिले को लेकर परेशान हैं। वरिष्ठ उपप्रधान मनजीत कौर ने कहा कि यदि सरकार 2017 में लगे जेबीटी अध्यापकों को स्थायी जिला आवंटित करती है तो अतिथि अध्यापकों के लिए भी अपने गृह जिले में आने का रास्ता बनता है, जो आधा वेतन होने पर भी दूर जिलों में अपनी सेवाएं देने को मजबूर हैं। इस दौरान कई अध्यापक दुर्घटनाओं के शिकार हो चुके हैं। कविता लापरा ने कहा कि सरकार महिलाओं की परीक्षा ले रही है। स्थायी जिला आबंटित करने के वादा सरकार जल्द पूरा करें। अन्यथा वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर हो जाएंगे।
सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान महिपाल सोढे ने कहा कि अध्यापकों की मांगें न मानीं गईं तो संघ बड़ा आंदोलन चलाएगा। जिसमें तमाम विभागों के कर्मचारी व संगठनों सदस्य शामिल होंगे। विजेंद्र बिल्लू ने कहा कि सभी संगठनों को मिलकर शिक्षक व शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष करना चाहिए। अध्यापक संघ के राज्य सचिव जगपाल सिंह ने कहा कि हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ मांग करता है कि 2017 में लगे जेबीटी को जल्द से जल्द स्थायी जिला दिया जाए। इस दौरान दिनेश तंवर, गोविंद सिंह भाटिया, वीरेंद्र शर्मा, अनिल धनखड़, मनवीर सिंह, वीरेंद्र सिंह, हसीन रूहिल, नरेंद्र शर्मा, ऋषि पाल, सुमित, विनोद रोहिल्ला, अमित खरब, कुलदीप सिवाच आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
जगाधरी। साल 2017 में लगे जेबीटी अध्यापकों ने स्थायी जिला देने की मांग को लेकर शुक्रवार को शिक्षामंत्री के आवास पर प्रदर्शन किया। अग्रसेन चौक स्थित बंद पड़े पेट्रोल पंप पर एकत्रित हुए अध्यापकों ने सरकार, विभाग व मंत्रियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यहां से अध्यापक जुलूस की शक्ल में शिक्षामंत्री के आवास पर पहुंचे और मांगों संबंधी ज्ञापन सौंपा।
अध्यापकों के प्रदर्शन को लेकर शिक्षामंत्री आवास पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने अध्यापकों को एक निश्चित दूरी पर ही रोक दिया। ज्ञापन लेने के लिए तहसीलदार मंत्री आवास पर मौजूद रहे। अध्यापक शिक्षामंत्री से मिलने की मांग पर अड़े रहे। इस पर अध्यापकों के प्रतिनिधिमंडल को सोमवार सुबह 10 बजे मिलने का समय दिया गया, जिसके बाद अध्यापकों ने तहसीलदार को ज्ञापन दिया।
विज्ञापन
प्रदर्शन की अगुवाई हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान संजय कांबोज ने की। पेट्रोल पंप पर जगाधरी प्रधान संदीप पिलानिया ने कहा कि वर्ष 2017 में करीब 12 सौ जेबीटी जिले में लगाए गए थे। इनमें आधे से अधिक महिलाएं हैं। नियुक्ति के समय जेबीटी को अस्थायी जिला दिया गया था। सरकार ने जल्द ही स्थायी जिला देने का आश्वासन दिया था।
विज्ञापन
चार साल बाद भी उन्हें स्थायी जिला नहीं दिया गया, जिससे अध्यापकों में भारी रोष है। अध्यापक अपनी आवास व्यवस्था और बच्चों की शिक्षा व दाखिले को लेकर परेशान हैं। वरिष्ठ उपप्रधान मनजीत कौर ने कहा कि यदि सरकार 2017 में लगे जेबीटी अध्यापकों को स्थायी जिला आवंटित करती है तो अतिथि अध्यापकों के लिए भी अपने गृह जिले में आने का रास्ता बनता है, जो आधा वेतन होने पर भी दूर जिलों में अपनी सेवाएं देने को मजबूर हैं। इस दौरान कई अध्यापक दुर्घटनाओं के शिकार हो चुके हैं। कविता लापरा ने कहा कि सरकार महिलाओं की परीक्षा ले रही है। स्थायी जिला आबंटित करने के वादा सरकार जल्द पूरा करें। अन्यथा वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर हो जाएंगे।
सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान महिपाल सोढे ने कहा कि अध्यापकों की मांगें न मानीं गईं तो संघ बड़ा आंदोलन चलाएगा। जिसमें तमाम विभागों के कर्मचारी व संगठनों सदस्य शामिल होंगे। विजेंद्र बिल्लू ने कहा कि सभी संगठनों को मिलकर शिक्षक व शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष करना चाहिए। अध्यापक संघ के राज्य सचिव जगपाल सिंह ने कहा कि हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ मांग करता है कि 2017 में लगे जेबीटी को जल्द से जल्द स्थायी जिला दिया जाए। इस दौरान दिनेश तंवर, गोविंद सिंह भाटिया, वीरेंद्र शर्मा, अनिल धनखड़, मनवीर सिंह, वीरेंद्र सिंह, हसीन रूहिल, नरेंद्र शर्मा, ऋषि पाल, सुमित, विनोद रोहिल्ला, अमित खरब, कुलदीप सिवाच आदि उपस्थित रहे।