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Yamuna Nagar News: शिक्षकों ने मांगों के समर्थन में की नारेबाजी
Wed, 30 Aug 2023 11:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 30 Aug 2023 11:47 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। अनाजमंडी में बुधवार को भी अध्यापकों की भूख हड़ताल जारी रही। भूख हड़ताल के लिए सुबह ही अध्यापक अनाजमंडी गेट स्थित धरना स्थल पर पहुंच गए थे। शिक्षकों ने मांगों के समर्थन में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं पांच नए अध्यापकों ने अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन का मोर्चा संभाला।
अध्यापकों की भूख हड़ताल 23 अप्रैल से चल रही है और इसे 128 दिन हो गए हैं। भूख हड़ताल का नेतृत्व फरीदाबाद जिला प्रधान भीम सिंह ने किया। उनके साथ जिला सचिव वीरेंद्र सिंह, अजय कुमार, जिला कार्यालय सचिव सोनू, सर्व कर्मचारी संघ से सोनू कुमार अनशन पर बैठे। इस दौरान अध्यापकों ने आशा वर्कर पारुल की मौत पर शोक और परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।
अध्यापक नेता एवं जिला प्रधान संजय कांबोज, अमरीक सिंह, वीरेंद्र कुमार, राजेश कांबोज, संदीप पिलानिया ने अध्यापकों को मालाएं पहनाकर अनशन पर बैठाया। इस दौरान नेताओं ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी कर रही है। आशा वर्कर्स, आंगनबाड़ी वर्कर्स, रोडवेज कर्मचारी, अध्यापक, लिपिक, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, नगर निगम कर्मचारी, स्वास्थ्य कर्मचारी सहित सभी विभागों के कर्मचारी अपना हक लेने के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।
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सरकार कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने की बजाए दमनकारी नीतियां अपना रही है। एक महीने से चल रहा आशा वर्कर का आंदोलन दबाने के लिए सरकार ने पुलिस बल का प्रयोग किया। यमुनानगर की आशा वर्कर सोमवार को विधानसभा घेराव करने के लिए रवाना हुई तो टोल प्लाजा के पास पुलिस ने उन्हें बंधक बना लिया। इस दौरान आशा वर्कर पारुल बेहोश हो गई और बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उपारुल की मौत मानसिक व विभागीय दबाव के कारण हुई है।
उन्होंने कहा कि आशा वर्कर्स की सभी मांगें पूरी कर मृतक पारुल के परिवार को सहायता दी जाए। साथ ही कहा कि सरकार सार्वजनिक शिक्षा का विस्तार करे। आबादी के अनुसार स्कूल खोले जाएं। 50 हजार खाली पदों पर सीधी भर्ती की जाए, जेबीटी टीचर्स को स्थायी जिला दिया जाए, विद्यार्थियाें की छात्रवृत्तियां व अन्य शुल्क जल्द व एक मुश्त जारी किए जाए। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती, उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी।
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जगाधरी। अनाजमंडी में बुधवार को भी अध्यापकों की भूख हड़ताल जारी रही। भूख हड़ताल के लिए सुबह ही अध्यापक अनाजमंडी गेट स्थित धरना स्थल पर पहुंच गए थे। शिक्षकों ने मांगों के समर्थन में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं पांच नए अध्यापकों ने अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन का मोर्चा संभाला।
अध्यापकों की भूख हड़ताल 23 अप्रैल से चल रही है और इसे 128 दिन हो गए हैं। भूख हड़ताल का नेतृत्व फरीदाबाद जिला प्रधान भीम सिंह ने किया। उनके साथ जिला सचिव वीरेंद्र सिंह, अजय कुमार, जिला कार्यालय सचिव सोनू, सर्व कर्मचारी संघ से सोनू कुमार अनशन पर बैठे। इस दौरान अध्यापकों ने आशा वर्कर पारुल की मौत पर शोक और परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।
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अध्यापक नेता एवं जिला प्रधान संजय कांबोज, अमरीक सिंह, वीरेंद्र कुमार, राजेश कांबोज, संदीप पिलानिया ने अध्यापकों को मालाएं पहनाकर अनशन पर बैठाया। इस दौरान नेताओं ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी कर रही है। आशा वर्कर्स, आंगनबाड़ी वर्कर्स, रोडवेज कर्मचारी, अध्यापक, लिपिक, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, नगर निगम कर्मचारी, स्वास्थ्य कर्मचारी सहित सभी विभागों के कर्मचारी अपना हक लेने के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।
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सरकार कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने की बजाए दमनकारी नीतियां अपना रही है। एक महीने से चल रहा आशा वर्कर का आंदोलन दबाने के लिए सरकार ने पुलिस बल का प्रयोग किया। यमुनानगर की आशा वर्कर सोमवार को विधानसभा घेराव करने के लिए रवाना हुई तो टोल प्लाजा के पास पुलिस ने उन्हें बंधक बना लिया। इस दौरान आशा वर्कर पारुल बेहोश हो गई और बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उपारुल की मौत मानसिक व विभागीय दबाव के कारण हुई है।
उन्होंने कहा कि आशा वर्कर्स की सभी मांगें पूरी कर मृतक पारुल के परिवार को सहायता दी जाए। साथ ही कहा कि सरकार सार्वजनिक शिक्षा का विस्तार करे। आबादी के अनुसार स्कूल खोले जाएं। 50 हजार खाली पदों पर सीधी भर्ती की जाए, जेबीटी टीचर्स को स्थायी जिला दिया जाए, विद्यार्थियाें की छात्रवृत्तियां व अन्य शुल्क जल्द व एक मुश्त जारी किए जाए। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती, उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी।