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पोस्टर प्रतियोगिता में सुपरिणति ने मारी बाजी
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पोस्टर का प्रदर्शन करती छात्रा। संवाद
- फोटो : Yamuna Nagar
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माई सिटी रिपोर्टर
यमुनानगर। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर डीएवी गर्ल्स कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग ने ऑनलाइन राज्य स्तरीय पोस्टर बनाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया। प्रतियोगिता में डीएवी कॉलेज की बीए प्रथम वर्ष की छात्रा सुपरिणति वरेनियम ने पहला, बीए अंतिम वर्ष की एकता संसारवाल व प्रतीक्षा ने संयुक्त रूप से दूसरा, डीएन महाविद्यालय हिसार की बीए अंतिम वर्ष की तनिष्का ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। डीएवी गर्ल्स कॉलेज बीए प्रथम वर्ष की रितिका शाह को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया।
कार्यवाहक प्रिंसिपल डॉ. आभा खेतरपाल व मनोविभाग विभाग अध्यक्ष शालिनी छाबड़ा ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम की अध्यक्षता की। शालिनी छाबड़ा ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य एक ऐसा विषय है, जो हमारे जीवन में बेहद अहमियत रखता है। फिर भी ज्यादातर लोग इसकी अनदेखी करते हैं। मानसिक बीमारी व्यक्ति के महसूस करने, सोचने एवं काम करने के तरीकों को प्रभावित करती है। यह रोग व्यक्ति के स्वभाव, ध्यान, संयोजन, बातचीत करने की क्षमता में समस्या पैदा करती है।
उन्होंने बताया मानसिक रोग से पीड़ित व्यक्ति को दैनिक जीवन के कार्यकलापों के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है। व्यक्ति की इस मनोदशा के बहुत कारण जिम्मेवार होते हैं। परिवेश संबंधी तनाव, चिंता, अकेलापन साथियों का दबाव, आत्मसम्मान में कमी, परिवार में मृत्यु, तलाक, दुर्घटना, अल्कोहल एवं ड्रग्स जैसे मादक पदार्थों का सेवन आदि हैं। अगर कोई परेशानी तनाव या अवसाद पैदा कर रही है तो समय रहते मनोचिकित्सक को दिखाना आवश्यक है। हमारे समाज में लोग अंधविश्वास, मिथ्याओं के चलते मानसिक समस्याओं से पीड़ित व्यक्ति को समाज से अलग -थलग कर देते हैं, जिससे उसकी समस्याएं और भयानक रूप धारण कर लेती हैं और कुछ व्यक्ति आत्महत्या करने की कोशिश भी करते हैं।
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यमुनानगर। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर डीएवी गर्ल्स कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग ने ऑनलाइन राज्य स्तरीय पोस्टर बनाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया। प्रतियोगिता में डीएवी कॉलेज की बीए प्रथम वर्ष की छात्रा सुपरिणति वरेनियम ने पहला, बीए अंतिम वर्ष की एकता संसारवाल व प्रतीक्षा ने संयुक्त रूप से दूसरा, डीएन महाविद्यालय हिसार की बीए अंतिम वर्ष की तनिष्का ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। डीएवी गर्ल्स कॉलेज बीए प्रथम वर्ष की रितिका शाह को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया।
कार्यवाहक प्रिंसिपल डॉ. आभा खेतरपाल व मनोविभाग विभाग अध्यक्ष शालिनी छाबड़ा ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम की अध्यक्षता की। शालिनी छाबड़ा ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य एक ऐसा विषय है, जो हमारे जीवन में बेहद अहमियत रखता है। फिर भी ज्यादातर लोग इसकी अनदेखी करते हैं। मानसिक बीमारी व्यक्ति के महसूस करने, सोचने एवं काम करने के तरीकों को प्रभावित करती है। यह रोग व्यक्ति के स्वभाव, ध्यान, संयोजन, बातचीत करने की क्षमता में समस्या पैदा करती है।
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उन्होंने बताया मानसिक रोग से पीड़ित व्यक्ति को दैनिक जीवन के कार्यकलापों के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है। व्यक्ति की इस मनोदशा के बहुत कारण जिम्मेवार होते हैं। परिवेश संबंधी तनाव, चिंता, अकेलापन साथियों का दबाव, आत्मसम्मान में कमी, परिवार में मृत्यु, तलाक, दुर्घटना, अल्कोहल एवं ड्रग्स जैसे मादक पदार्थों का सेवन आदि हैं। अगर कोई परेशानी तनाव या अवसाद पैदा कर रही है तो समय रहते मनोचिकित्सक को दिखाना आवश्यक है। हमारे समाज में लोग अंधविश्वास, मिथ्याओं के चलते मानसिक समस्याओं से पीड़ित व्यक्ति को समाज से अलग -थलग कर देते हैं, जिससे उसकी समस्याएं और भयानक रूप धारण कर लेती हैं और कुछ व्यक्ति आत्महत्या करने की कोशिश भी करते हैं।
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