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श्रीमद्भागवत गीता बहुत उदार ग्रंथ : ज्ञानानंद
Sun, 07 Sep 2025 12:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 07 Sep 2025 12:29 AM IST
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सत्संग करते स्वामी ज्ञानानंद महाराज। प्रवक्ता
- फोटो : संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। श्री कृष्ण कृपा सेवा समिति जगाधरी-यमुना नगर की और से शनिवार को जगाधरी के कान्हा उपवन में चार दिवसीय दिव्य गीता सत्संग का शुभारंभ किया गया। प्रथम दिवस स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता बहुत उदार ग्रंथ है।
उन्होंने कहा कि यह एक छोटा सा ग्रंथ 18 अध्याय 700 श्लोक संजोए हुए है। जो किसी को छोटा या बड़ा दिखाने की बात नहीं करता बहुत गहरा, बहुत उदार ग्रंथ है। विश्व के अनेक चिंतकों ने इस ग्रंथ को खुले मन से स्वीकारा है। भादो मास की अलग ही पहचान है, क्योंकि गणपति उत्सव का आयोजन महाराष्ट्र से आरंभ होकर आज विदेशों में भी मनाया जाता है।
राधा अष्टमी भी इसी मास की शोभा बढ़ा रहे हैं। यही भगवान वामन भी इसी भादो मास में आते हैं। इन्हीं समस्त परंपराओं के साथ भारत जगत गुरु बन रहा है। पहले दिन मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश सपरा, अरुण गर्ग, कुलदीप गर्ग, समिति प्रधान संदीप बंसल, संरक्षक जतिंद्र गुप्ता, अनिल छाबड़ा, जतिंद्र गांधी ने स्वामी ज्ञानानंद को पुष्प माला अर्पित की। इस अवसर पर प्रदीप मित्तल, नीरज, नीरू, भारत भूषण बंसल, राकेश गर्ग, केवल कृष्ण सैनी, भानू प्रताप सिंह, केवल कृष्ण सैनी समेत अन्य मौजूद रहे।
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जगाधरी। श्री कृष्ण कृपा सेवा समिति जगाधरी-यमुना नगर की और से शनिवार को जगाधरी के कान्हा उपवन में चार दिवसीय दिव्य गीता सत्संग का शुभारंभ किया गया। प्रथम दिवस स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता बहुत उदार ग्रंथ है।
उन्होंने कहा कि यह एक छोटा सा ग्रंथ 18 अध्याय 700 श्लोक संजोए हुए है। जो किसी को छोटा या बड़ा दिखाने की बात नहीं करता बहुत गहरा, बहुत उदार ग्रंथ है। विश्व के अनेक चिंतकों ने इस ग्रंथ को खुले मन से स्वीकारा है। भादो मास की अलग ही पहचान है, क्योंकि गणपति उत्सव का आयोजन महाराष्ट्र से आरंभ होकर आज विदेशों में भी मनाया जाता है।
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राधा अष्टमी भी इसी मास की शोभा बढ़ा रहे हैं। यही भगवान वामन भी इसी भादो मास में आते हैं। इन्हीं समस्त परंपराओं के साथ भारत जगत गुरु बन रहा है। पहले दिन मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश सपरा, अरुण गर्ग, कुलदीप गर्ग, समिति प्रधान संदीप बंसल, संरक्षक जतिंद्र गुप्ता, अनिल छाबड़ा, जतिंद्र गांधी ने स्वामी ज्ञानानंद को पुष्प माला अर्पित की। इस अवसर पर प्रदीप मित्तल, नीरज, नीरू, भारत भूषण बंसल, राकेश गर्ग, केवल कृष्ण सैनी, भानू प्रताप सिंह, केवल कृष्ण सैनी समेत अन्य मौजूद रहे।
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