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Yamuna Nagar News: बकाया किराया न देने पर सील होंगी दुकानें

Tue, 04 Feb 2025 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Tue, 04 Feb 2025 12:56 AM IST
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Shops will be sealed if outstanding rent is not paid
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। संपत्ति कर की तरह रेंट रिकवरी के लिए भी नगर निगम की ओर से सीलिंग की कार्रवाई होगी। इसके लिए नगर निगम अफसरों ने रेंट की बड़ी राशि के बकायेदारों की सूची तैयार कर ली है, जिनकी दुकानें कभी भी नगर निगम की टीम द्वारा सील की जा सकती हैं।
इन दुकानों के किरायेदारों को कई बार रिकवरी के नोटिस जारी हो चुके हैं, बावजूद इसके उनकी ओर से न तो रेंट की बकाया राशि जमा कराई गई और न ही नोटिस पर कोई जवाब दिया गया। ऐसे बकायेदारों के खिलाफ नगर निगम सीलिंग कार्रवाई अमल में लाने की तैयारी में है।
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नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी की दोनों शहर में करीब 1500 दुकानें हैं, जिनसे आने वाला रेंट नगर निगम की आय का बड़ा स्रोत है। इनमें वर्षों पुरानी दुकानों का रेंट महज दो-तीन हजार रुपये प्रतिमाह है। इसके बाद भी किरायेदार नगर निगम के रेंट का भुगतान नहीं कर रहे। कई किरायेदारों पर रेंट की लाखों रुपये की राशि बकाया है। नगर निगम की ओर से वर्ष-2024 में भी रिकवरी के नोटिस जारी किए गए थे।
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कार्रवाई पहले लोकसभा फिर विधानसभा चुनाव के चलते लगी आचार संहिता के कारण नहीं हो पाई। अब नए साल 2025 में नगर निगम की ओर से दोबारा नोटिस की कार्रवाई की गई है। इसमें कई किरायेदारों से न तो रेंट की बकाया राशि जमा कराई गई और न कोई जवाब दिया गया। ऐसे बड़े रेंट बकायेदारों की सूची तैयार की गई है, जिन पर सीलिंग कार्रवाई की तैयारी है। विभागीय सूत्रों की मानें तो सूची में करीब 60 बकायेदार है, जिनमें हरेक पर लाख रुपये से अधिक की राशि बकाया है। शहर में सफाई, स्ट्रीट लाइट, निकासी सहित अन्य व्यवस्थाओं सहित विभिन्न योजनाओं में होने वाले निर्माण कार्यों के लिए नगर निगम को फंड की जरूरत होती है।
साथ ही नगर निगम के स्टाफ के वेतन व अन्य भत्तों का भी खर्च है। इसलिए नगर निगम की आय के संपत्ति कर व रेंट जैसे बड़े स्रोत से ज्यादा से ज्यादा रिकवरी जरूरी है। इसी कारण नगर निगम अफसरों की ओर से जागरूकता के साथ नोटिस कार्रवाई की जा रही है।

संपत्ति कर न देने पर 19 संपत्तियां सील
नगर निगम अफसरों की ओर से संपत्ति कर के बकायेदारों पर भी बड़े स्तर पर संपत्तियों पर सीलिंग कार्रवाई की जा रही है। 15 जनवरी से शुरू हुई कार्रवाई में 16 दिन में 19 संपत्तियां सील की जा चुकी है, वहीं फरवरी में भी सौ और संपत्तियां को सील करने की तैयारी है। इसी तरह नगर निगम की दुकानों का लंबे समय से रेंट अदा नहीं कर रहे किरायेदारों पर भी कार्रवाई के लिए औपचारिकताएं पूरी की जा रही है।
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