{"_id":"66df69dcd0a9edd4d802072b","slug":"samvatsari-is-a-festival-of-spiritual-practice-dr-swati-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1022-125071-2024-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"आध्यात्मिक साधना का पर्व संवत्सरी : डॉ. स्वाति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आध्यात्मिक साधना का पर्व संवत्सरी : डॉ. स्वाति
Tue, 10 Sep 2024 03:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 10 Sep 2024 03:04 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। एसएस जैन सभा मॉडल टाउन के प्रांगण में चल रहे चातुर्मास कार्यक्रम के 52वें दिन साध्वी डॉ. स्वाति के सानिध्य में संवत्सरी महापर्व धूमधाम से मनाया गया। इससे पूर्व निरंतर आठ दिनों से अतगढ़ सूत्र की वाचना व नवकार मंत्र का अखंड जाप किया गया।
साध्वी डॉ. स्वाति ने उपस्थित श्रद्धालुओं से कहा कि संवत्सरी महापर्व संपूर्ण जैन समाज के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण, आध्यात्मिक साधना का पर्व है। इस पर्व पर हर साधक अपने वर्षभर के जीवन व व्यवहार का मूल्यांकन करता है। यह पर्व हमारे हृदय में प्राणी मात्र के प्रति प्रेम भाव क्षमा भाव जगाता है।
इस पर्व पर साल भर में जो गलती या पाप किया है, उसके लिए माफी मांगने का और माफ कर देने का मौका होता है। साध्वी ने कहा कि इस दिन हमें अपने गिले-शिकवे, मनमुटाव व वैर-विरोध मिटा देना चाहिए, जिससे हम इस लोक को और परलोक को सुधार सकें। जैन समाज ने तपस्या करने वाले और सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले बच्चों को सम्मानित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
यमुनानगर। एसएस जैन सभा मॉडल टाउन के प्रांगण में चल रहे चातुर्मास कार्यक्रम के 52वें दिन साध्वी डॉ. स्वाति के सानिध्य में संवत्सरी महापर्व धूमधाम से मनाया गया। इससे पूर्व निरंतर आठ दिनों से अतगढ़ सूत्र की वाचना व नवकार मंत्र का अखंड जाप किया गया।
साध्वी डॉ. स्वाति ने उपस्थित श्रद्धालुओं से कहा कि संवत्सरी महापर्व संपूर्ण जैन समाज के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण, आध्यात्मिक साधना का पर्व है। इस पर्व पर हर साधक अपने वर्षभर के जीवन व व्यवहार का मूल्यांकन करता है। यह पर्व हमारे हृदय में प्राणी मात्र के प्रति प्रेम भाव क्षमा भाव जगाता है।
विज्ञापन
इस पर्व पर साल भर में जो गलती या पाप किया है, उसके लिए माफी मांगने का और माफ कर देने का मौका होता है। साध्वी ने कहा कि इस दिन हमें अपने गिले-शिकवे, मनमुटाव व वैर-विरोध मिटा देना चाहिए, जिससे हम इस लोक को और परलोक को सुधार सकें। जैन समाज ने तपस्या करने वाले और सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले बच्चों को सम्मानित किया।
विज्ञापन