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Yamuna Nagar News: आतंकवादी कहने पर भड़के गोसेवकों का हंगामा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 10 Aug 2024 07:45 AM IST
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Ruckus among Gosevaks on being called terrorists
जगाधरी। लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे गो रक्षकों व प्रशासन के बीच उस समय तनाव का माहौल बन गया कि जब बातचीत के दौरान आतंकवाद शब्द इस्तेमाल किया गया। गो रक्षकों ने आरोप लगाया कि एक अफसर ने ने प्रदर्शन के दौरान उन्हें आतंकवादी कहा है, जबकि अफसर ने ऐसा न बोलने की बात कही है।
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इसी को लेकर गो रक्षकों व प्रशासन के बीच तनाव बढ़ गया। गुस्साए लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। गो रक्षक डीसी से मिलने व ज्ञापन देने पहुंचे थे। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें वहीं रोक दिया। जिससे वे लोग डीसी को बाहर ही बुलाने की मांग पर अड़ गए। प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे। इस दौरान एक आला अफसर किसी काम से बाहर जाने लगे लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उनके वाहन को बाहर नहीं जाने दिया। गोरक्षक लघु सचिवालय के गेट पर ही धरना देने लगे।
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दरअसल, इस प्रदर्शन का आह्वान गऊ संवर्धन न्यास की ओर से किया गया था। प्रदर्शन का नेतृत्व दिल्ली से आए स्वामी गोपाल दास और न्यास अध्यक्ष रोहित चौधरी ने किया। प्रदर्शन के दौरान सभी मॉडल टाउन के नेहरू पार्क में एकत्र हुए और गोवंश के साथ रोष मार्च निकालते हुए अनाजमंडी पहुंचे।
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उधर प्रदर्शन के चलते एहतियातन लघु सचिवालय में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रदर्शनकारियों के पहुंचते ही पुलिस ने उन्हें गेट के पास ही रोक दिया। जिस पर सभी नाराज हो गए। सभी लोग गेट पर ही बैठ गए और आवाजाही बंद कर दी। इस दौरान स्वामी जगतानंद, विश्व हिंदू परिषद के उदयवीर शास्त्री, पंडित सुबोध कोठियाल, विवेक बोहता, हरीश, दीक्षित, संजय मित्तल, विजय, मनोज अत्रि, हेमंत, तनुज सहित अन्य गोसेवक उपस्थित रहे।

प्रदर्शन के दौरान गो सेवक लघु सचिवालय गेट पर बैठ गए और डीसी को मौके पर बुलाने की मांग करते रहे। उधर बैठक में व्यस्त थे। कुछ अधिकारियों ने गो सेवकों से लघु सचिवालय का रास्ता छोड़ने के लिए समझाया लेकिन वे नहीं माने। इस दौरान एक आला अफसर बाहर किसी काम से जाना था, जैसे ही अफसर की गाड़ी गेट पर पहुंची तो गो सेवकों ने उन्हें निकलने नहीं दिया।
थोड़ी देर बाद उसी अफसर को डीसी का प्रतिनिधि बनाकर गो सेवकों से बातचीत करने के लिए भेज दिया गया। बातचीत के दौरान गोसेवक अचानक भड़क गए और उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि संबंधित अफसर ने उन्हें आतंकवादी कहा है, जबकि अफसर ने ऐसा शब्द न बोलने की बात कही। इसी बात को लेकर गो सेवकों व अफसर में तीखी बहस हुई। हंगामा बढ़ता देख डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने अफसर को अंदर बुला लिया।


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गोवंश लेकर बरामदे तक पहुंचे

तीखी बहस से स्थिति तनावपूर्ण होती देख डीसी ने गो सेवकों को मिलने का समय दे दिया। गो सेवक बछड़ा लेकर सचिवालय के बरामदे में पहुंच गए। यहां से 15 सदस्य डीसी से उनके कार्यालय में मिले। इस दौरान मंडल आयुक्त भी डीसी कार्यालय पहुंची हुई थीं। यहां स्वामी गोपालदास, रोहित चौधरी व अन्यों ने अपनी मांगें अफसरों के समक्ष रखी। अधिकारियों ने ज्ञापन सरकार को भेेजने का आश्वासन दिया। उन्होंने प्रशासन से जिले के 511 गांवों में 3994 एकड़ गोचरान भूमि कब्जे से मुक्त करवाने की मुख्य मांग भी उठाई। इस दौरान गो सेवकों ने आयुक्त व डीसी से संबंधित अफसर की शिकायत की। उन्होंने डीसी को अफसर के द्वारा आतंकवाद शब्द बोलने की वीडियो भी दी। डीसी ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इसके बाद वे एसपी गंगाराम पूनिया से मिले। उन्होंने टास्क फोर्स सदस्यों की संख्या बढ़ाने व गो तस्करी पर अंकुश लगाने की मांग की।
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