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किसान आंदोलन के समर्थन में ट्रैक्टर से बारात लेकर पहुंचा दूल्हा
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pradarsan
- फोटो : Yamuna Nagar
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किसान आंदोलन के समर्थन में एक युवक अंबाला के नारायणगढ़ क्षेत्र के गांव भूखड़ी से ट्रैक्टर पर बारात लेकर दुल्हन के गांव में पहुंचा। जिसका विडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। बारात के इन ट्रैक्टरों पर दूल्हा-दुल्हन के पोस्टर नहीं, बल्कि जय किसान के बैनर लगे थे।
दूल्हे रजत नारा समेत अन्य बाराती ट्रैक्टर पर बारात लेकर यमुनानगर के हरिपुर जट्टान गांव में पहुंचे। दूल्हे का कहना है कि वे फिलहाल शहर में रहते हैं, लेकिन गांव में खेती है। पिता अब भी खेती कर रहे हैं। इसलिए किसानों की परेशानी को समझते हैं। किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए ही उसने ट्रैक्टर पर बारात ले जाने का निर्णय लिया। वह इंग्लैंड में वकालत की पढ़ाई कर रहे हैं। जनवरी में उन्हें इंग्लैंड वापस लौटना है। उसकी हरिपुर जट्टान गांव में चमनदीप कौर से शादी हुई है। हालांकि कुछ बारात कार में भी आई थी। वह भी ट्रैक्टरों के पीछे-पीछे चल रही थी।
रजत नारा व उनकी पत्नी चमनदीप कौर का कहना है कि उन्हें गर्व है कि वह किसान के बच्चे हैं। किसानों की मांगे जायज है। तीन कृषि कानूनों को सरकार रद्द करें। शादी के बाद वह भी किसान आंदोलन में शामिल होने दिल्ली बॉर्डर पर जाएंगे।
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दूल्हे रजत नारा समेत अन्य बाराती ट्रैक्टर पर बारात लेकर यमुनानगर के हरिपुर जट्टान गांव में पहुंचे। दूल्हे का कहना है कि वे फिलहाल शहर में रहते हैं, लेकिन गांव में खेती है। पिता अब भी खेती कर रहे हैं। इसलिए किसानों की परेशानी को समझते हैं। किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए ही उसने ट्रैक्टर पर बारात ले जाने का निर्णय लिया। वह इंग्लैंड में वकालत की पढ़ाई कर रहे हैं। जनवरी में उन्हें इंग्लैंड वापस लौटना है। उसकी हरिपुर जट्टान गांव में चमनदीप कौर से शादी हुई है। हालांकि कुछ बारात कार में भी आई थी। वह भी ट्रैक्टरों के पीछे-पीछे चल रही थी।
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रजत नारा व उनकी पत्नी चमनदीप कौर का कहना है कि उन्हें गर्व है कि वह किसान के बच्चे हैं। किसानों की मांगे जायज है। तीन कृषि कानूनों को सरकार रद्द करें। शादी के बाद वह भी किसान आंदोलन में शामिल होने दिल्ली बॉर्डर पर जाएंगे।
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