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Yamuna Nagar News: स्कूलों में बिजली गुल अंधेरे कमरों में पढ़ाई
Sat, 24 Oct 2026 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 24 Oct 2026 01:46 AM IST
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राजकीय प्राथमिक विद्यालय चिक्कन में अंधेरे में पढ़ते बच्चे। संवाद
जगाधरी। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छोटे बच्चों की पढ़ाई और बुनियादी सुविधाओं पर भी पड़ने लगा है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से प्राथमिक विद्यालयों में अंधेरे कमरों में पढ़ाई करनी पड़ी।
वहीं पीने के पानी की किल्लत, शौचालयों की साफ-सफाई और मिड-डे मील तैयार करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिन स्कूलों में पानी की मोटर और सबमर्सिबल पंप बिजली से चलते हैं, वहां पानी की व्यवस्था प्रभावित होने से बच्चों के लिए पीने के पानी से लेकर हाथ धोने तक की समस्या खड़ी हो रही है। जगाधरी और कई ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में परेशानी है।
प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले छोटे बच्चों के लिए स्वच्छ पेयजल, साफ शौचालय और समय पर पौष्टिक भोजन की व्यवस्था जरूरी है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से इन सुविधाओं को सुचारु बनाए रखना चुनौती बन गया है। स्कूलों में बिजली न होने से पढ़ाई का माहौल भी प्रभावित होता है।
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कमरों में पर्याप्त रोशनी न होने की स्थिति में बच्चों को पढ़ाने में शिक्षकों को परेशानी आती है। वहीं, पानी की मोटर नहीं चलने से पेयजल और शौचालयों की सफाई प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने इस स्थिति पर चिंता जताई है। संवाद
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वहीं पीने के पानी की किल्लत, शौचालयों की साफ-सफाई और मिड-डे मील तैयार करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिन स्कूलों में पानी की मोटर और सबमर्सिबल पंप बिजली से चलते हैं, वहां पानी की व्यवस्था प्रभावित होने से बच्चों के लिए पीने के पानी से लेकर हाथ धोने तक की समस्या खड़ी हो रही है। जगाधरी और कई ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में परेशानी है।
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प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले छोटे बच्चों के लिए स्वच्छ पेयजल, साफ शौचालय और समय पर पौष्टिक भोजन की व्यवस्था जरूरी है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से इन सुविधाओं को सुचारु बनाए रखना चुनौती बन गया है। स्कूलों में बिजली न होने से पढ़ाई का माहौल भी प्रभावित होता है।
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कमरों में पर्याप्त रोशनी न होने की स्थिति में बच्चों को पढ़ाने में शिक्षकों को परेशानी आती है। वहीं, पानी की मोटर नहीं चलने से पेयजल और शौचालयों की सफाई प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने इस स्थिति पर चिंता जताई है। संवाद