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Yamuna Nagar News: नौ करोड़ से संवरेगा पश्चिमी यमुना नहर का किनारा
Sat, 24 Oct 2026 01:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 24 Oct 2026 01:58 AM IST
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रिवर वाटर फ्रंट का डिजाइन।
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पश्चिमी यमुना नहर के किनारे शहरवासियों को घूमने-फिरने और स्वच्छ वातावरण में समय बिताने की सुविधा मिलेगी। नगर निगम की दिव्य नगर योजना के तहत करीब नौ करोड़ रुपये की लागत से बाडी माजरा पुल से पुराने सहारनपुर रोड स्थित फतेहपुर पुल तक साढ़े चार किलोमीटर लंबा रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा।
विधायक घनश्याम दास अरोड़ा और मेयर सुमन बहमनी शनिवार को इस परियोजना का शिलान्यास करेंगे। मेयर ने बताया कि परियोजना से क्षेत्र को सुंदर बनाने के साथ शहर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी। उनके अनुसार, रिवर फ्रंट ओपी जिंदल पार्क से आजाद नगर और चिट्टा मंदिर रोड होते हुए फतेहपुर पुल तक बनाया जाएगा।
परियोजना में करीब 600 मिलीमीटर चौड़ा लैंडस्केप क्षेत्र, दो मीटर चौड़ा फुटपाथ और पानी की निकासी के लिए नाली बनाई जाएगी। इसके अलावा 1050 मिलीमीटर ऊंची पत्थर की दीवार पर 1200 मिलीमीटर ऊंची सुरक्षा जाली लगाई जाएगी। रिवर फ्रंट पर चौड़ी सड़क, फुटपाथ, आकर्षक डिजाइन की बेंच, उद्यान, हरियाली और सजावटी लाइटों की व्यवस्था की जाएगी। इससे लोगों को सुबह-शाम सैर करने, दौड़ लगाने और व्यायाम करने के लिए बेहतर स्थान मिलेगा। रात के समय पर्याप्त रोशनी होने से रास्तों पर दृश्यता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
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गंदे पानी की समस्या से मिलेगी राहत
मेयर ने बताया कि रिवर फ्रंट के आसपास आजाद नगर, चिट्टा मंदिर रोड और शांति कॉलोनी सहित कई घनी आबादी वाली कॉलोनियां हैं। नहर किनारे क्षेत्र विकसित होने से कचरा जमा होने की समस्या पर नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही नालियों और नालों के गंदे पानी को सीधे नहर में जाने से रोकने के प्रयास किए जाएंगे। इससे नहर के प्रदूषण को कम करने और पानी की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिल सकती है। परियोजना में बरसाती पानी के प्रबंधन पर भी ध्यान दिया जाएगा।
डूबने की घटनाओं पर रोक लगाने की उम्मीद
पश्चिमी यमुना नहर में गर्मियों के दौरान नहाते समय डूबने की घटनाएं भी सामने आती हैं। सुरक्षा जाली और व्यवस्थित किनारे विकसित होने से जोखिम कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इसके लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी भी जरूरी होगी। परियोजना पूरी होने पर नहर किनारे का क्षेत्र शहरवासियों के लिए मनोरंजन, सैर और प्राकृतिक वातावरण का नया केंद्र बन सकेगा।
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यमुनानगर। पश्चिमी यमुना नहर के किनारे शहरवासियों को घूमने-फिरने और स्वच्छ वातावरण में समय बिताने की सुविधा मिलेगी। नगर निगम की दिव्य नगर योजना के तहत करीब नौ करोड़ रुपये की लागत से बाडी माजरा पुल से पुराने सहारनपुर रोड स्थित फतेहपुर पुल तक साढ़े चार किलोमीटर लंबा रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा।
विधायक घनश्याम दास अरोड़ा और मेयर सुमन बहमनी शनिवार को इस परियोजना का शिलान्यास करेंगे। मेयर ने बताया कि परियोजना से क्षेत्र को सुंदर बनाने के साथ शहर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी। उनके अनुसार, रिवर फ्रंट ओपी जिंदल पार्क से आजाद नगर और चिट्टा मंदिर रोड होते हुए फतेहपुर पुल तक बनाया जाएगा।
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परियोजना में करीब 600 मिलीमीटर चौड़ा लैंडस्केप क्षेत्र, दो मीटर चौड़ा फुटपाथ और पानी की निकासी के लिए नाली बनाई जाएगी। इसके अलावा 1050 मिलीमीटर ऊंची पत्थर की दीवार पर 1200 मिलीमीटर ऊंची सुरक्षा जाली लगाई जाएगी। रिवर फ्रंट पर चौड़ी सड़क, फुटपाथ, आकर्षक डिजाइन की बेंच, उद्यान, हरियाली और सजावटी लाइटों की व्यवस्था की जाएगी। इससे लोगों को सुबह-शाम सैर करने, दौड़ लगाने और व्यायाम करने के लिए बेहतर स्थान मिलेगा। रात के समय पर्याप्त रोशनी होने से रास्तों पर दृश्यता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
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गंदे पानी की समस्या से मिलेगी राहत
मेयर ने बताया कि रिवर फ्रंट के आसपास आजाद नगर, चिट्टा मंदिर रोड और शांति कॉलोनी सहित कई घनी आबादी वाली कॉलोनियां हैं। नहर किनारे क्षेत्र विकसित होने से कचरा जमा होने की समस्या पर नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही नालियों और नालों के गंदे पानी को सीधे नहर में जाने से रोकने के प्रयास किए जाएंगे। इससे नहर के प्रदूषण को कम करने और पानी की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिल सकती है। परियोजना में बरसाती पानी के प्रबंधन पर भी ध्यान दिया जाएगा।
डूबने की घटनाओं पर रोक लगाने की उम्मीद
पश्चिमी यमुना नहर में गर्मियों के दौरान नहाते समय डूबने की घटनाएं भी सामने आती हैं। सुरक्षा जाली और व्यवस्थित किनारे विकसित होने से जोखिम कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इसके लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी भी जरूरी होगी। परियोजना पूरी होने पर नहर किनारे का क्षेत्र शहरवासियों के लिए मनोरंजन, सैर और प्राकृतिक वातावरण का नया केंद्र बन सकेगा।