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तनाव के बीच जीशान के शव का पोस्टमार्टम, उमड़ी भीड़
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गांव जयधर में तैनात पुलिस बल। संवाद
- फोटो : Yamuna Nagar
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। गांव जयधर में बकरीद पर हुए विवाद के बाद जहरीला पदार्थ खाकर जान देने वाले जीशान (19) के शव के पोस्टमार्टम के दौरान रविवार को तनाव के बीच सैकड़ों की संख्या में विशेष समुदाय के लोग पहुंच गए। इससे सिविल अस्पताल का पोस्टमार्टम हाउस रैली के मैदान में बदल गया। भीड़ देखकर अस्पताल प्रशासन के हाथ पांव भी फूल गए। इस पर सिविल अस्पताल में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। दो बड़ी बसों में लाइन से पुलिसकर्मी व शहर से लगते सभी थानों की फोर्स भी मौके पर बुलाई गई। इसके अलावा फायर ब्रिगेड की गाड़ी, वाटर कैनन तक तैनात करना पड़ा। तीन डीएसपी के साथ एसपी भी मौके पर पहुंचे। कड़ी सुरक्षा के बीच मे पोस्टमार्टम करवाया गया। चूंकि मामला दो समुदायों से जुड़ा हुआ था और टकराव की स्थिति बनी हुई थी। एसपी ने निष्पक्ष जांच और फिर गिरफ्तारी का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया। इसके बाद पीड़ित शव लेकर चले गए।
सिविल अस्पताल में भारी संख्या में विशेष समुदाय के लोग जमा थे। इस दौरान समुदाय के नेताओं ने लोगों को संबोधित किया। नेताओं ने लोगों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। लोगों से कहा कि कोई ऐसा काम न किया जाए, कि लोगों को परेशानी हो और माहौल बिगड़े। इस बीच एक युवक वहां पहुंचा और युवाओं को भड़काने की कोशिश करने लगा। उसे समुदाय के लोगों ने वहीं पकड़ लिया। समझाने पर जब युवक नहीं माना, तो लोगों ने उसकी धुनाई कर दी। मौजिज लोगों ने युवक को वहां से चले जाने को कहा। वहीं छछरौली, प्रतापनगर, बिलासपुर, साढ़ौर, रादौर सहित दूसरे जिलों से भी भारी संख्या में ट्रैक्टर ट्राली पर लोग सिविल अस्पताल पहुंच गए। देखते ही देखते अस्पताल रैली के मैदान में बदल गया।
छावनी बना अस्पताल प्रांगण
मामला बेहद गंभीर था, जिस कारण सिविल अस्पताल में पुलिस बल तैनात किया गया था। जब वहां बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए तो अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई। थाना शहर यमुुनानगर, जगाधरी, सदर यमुनानगर, सदर जगाधरी, थाना गांधीनगर, थाना फर्कपुर, महिला थाना, सीआईए वन, सीआईए-टू, स्पेशल स्टाफ के प्रभारी सहित कर्मचारी मौके पर रहे। अस्पताल के बाहर और अंदर पुलिस तैनात रही।
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नामजद की गिरफ्तारी होनी चाहिए
इस दौरान अब्दुल सत्तार, अफजल, याकूब, सब्बीर ने कहा कि कुछ बाहरी लोग आकर गांव में माहौल खराब कर रहे हैं। बाहरी लोगों पर अभी तक अंकुश नहीं लग रहा। जिशान की मौत के मामले के आरोपियों में से किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जल्द से जल्द सभी आरोपियों की गिरफ्तारी होनी चाहिए। समुदाय के नेता राणा आस मोहम्मद व अन्य ने लोगों से शांति बनाने की अपील की। कहा कि जीशान का जनाजा शांतिपूर्ण तरीके से लोग गांव ले जाएंगे।
यह है पूरा मामला
बकरीद के दिन गांव जयधर में कुर्बानी को लेकर दो समुदाय के बीच विवाद हो गया था। हिंदू संगठनों ने गांव में पशुओं की कुर्बानी का शांतिपूर्वक विरोध किया था। हिंदू संगठनों के लोगों ने आरोप लगाया था गांव के ही कुछ लोगों ने हिंदू व्यक्ति के घर के आगे पशु का मांस फेंका है। वहीं एक युवक को जबरन मांस खिलाने की कोशिश की। इस पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। जीशान को डर था कि उसका नाम पुलिस ने आरोपियों में डाल दिया है। इससे आहत होकर उसने शनिवार को जहरीला पदार्थ निगल लिया। निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। वहीं उसके परिजनों का आरोप है कि गांव के लोगों ने ही जीशान को आत्महत्या के लिए उकसाया है। जिसमें युवकों को नामजद कर केस दर्ज किया गया है। इस पूरे प्रकरण में पांच केस दर्ज हो चुके हैं।
जीशान के शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों के हवाले कर दिया गया है। स्थिति नियंत्रण में है। सभी पक्षों के लोगों से आग्रह किया गया है कि वे शांति और भाईचारा बनाए रखें। फिर से तनाव पैदा न हो इसके लिए गांव में पुलिस तैनात की गई है। - कमलदीप गोयल एसपी यमुनानगर
पुलिस की लापरवाही आई सामने
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बकरीद की पूर्व संध्या से शुरू हुए तनाव को बढ़ाने में पुलिस की लापरवाही सामने आ रही है। शुरूआत में पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई। जीशान की मौत के बाद पुलिस ने तेजी दिखाई और मामला दर्ज कर लिया।
पहले दिन से जयधर गांव छावनी बना हुआ है। विशेष समुदाय के कुछ लोगों ने एसपी से कहा कि एक पुलिस अधिकारी भी गांव का माहौल खराब करने में लापरवाह रहा है। वहीं उनकी बात नहीं सुनी गई। यदि पुलिस उस समय गंभीरता से काम करती तो मामला यहां तक नहीं पहुंचता। वहीं रविवार को भी गांव में पुलिस बल तैनात रहा। सभी रास्तों पर बेरिकेडिंग की गई थी। किसी को बाहर आने जाने की अनुमति नहीं थी। शनिवार को जीशान की मौत के बाद परिजन सहित रिश्तेदार व ग्रामीण जेपी अस्पताल पहुंच गए थे। वहां उन्होंने जीशान को आत्महत्या के लिए उकसाने को लेकर हंगामा किया।
इसके बाद पुलिस ने तेजी दिखाई। जिले के तमाम हिस्सों व सड़कों से ट्रैक्टर-ट्रालियों में भर कर लोग सिविल अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल में हजारों लोग जमा हो गए। जिन्हें अंदर जगह नहीं मिली वे बाहर खड़े रहे। वहीं जीशान की मौत से पहले कई तरह के ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए गए। इस पर ध्यान नहीं दिया गया। ऐसे में विवाद इतना बढ़ना पुलिस की लापरवाही व नाकामी दिखाता है।
सिविल अस्पताल में लोगों के बीच एसपी कमलदीप गोयल पहुंचे। यहां उन्होंने लोगों से बातचीत की। समुदाय के मौजिज लोग पुलिस अधिकारियों को पहले ही आश्वस्त कर चुके थे कि शांति भंग नहीं होने दी जाएगी। पत्रकारों से बातचीत करते हुए एसपी ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला था, जिसमें पुलिस ने निष्पक्ष काम किया।
जीशान के जनाजे में पहुंचे सैकड़ों लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। जयधर गांव निवासी जीशान के शव को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया है। वहीं जीशान के जनाजे में सैकड़ों लोग पहुंचे। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए गांव में प्रशासनिक अधिकारी व भारी पुलिस बल मौजूद रहा। गांव में प्रवेश करने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई। इस दौरान डीएसपी हेडक्वार्टर सुभाष चंद गांव में पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस की मौजूदगी में जिशान की कब्र पर फातिया पढ़ा गया।
डीएसपी ने ग्रामीणों व अन्य लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। कब्रिस्तान में सभी ने दुआ की। वहीं इस दौरान बुड़िया के पीर जी हाफिज हुसैन अहमद ने लोगों से शांति और भाईचारा रखने की अपील की गई। उन्होंने कहा कि दोनों तरफ के कुछ शरारती लोग माहौल खराब करना चाहते हैं, जिसे उन्हें अपनी सूझबूझ से रोकना होगा। डीएसपी सुभाष चंद ने बताया कि मृतक जीशान का शव शांतिपूर्ण तरीके से दफना दिया गया है। गांव में किसी तरह का तनाव नहीं है। डीएसपी ने शांति व भाईचारा बनाए रखने की अपील की है।
जीशान के पिता व भाई की हो चुकी है मौत
प्रतापनगर। गांव जयधर में जीशान की मौत से शोक है। वहीं सभी लोग विवाद निपटने की दुआ कर रहे हैं। गांव में हर कोई सहमा हुआ है। जिशान अपनी दादी का इकलौता सहारा था। जीशान नवीं तक ही पढ़ा था। पिता की मौत होने के बाद वह स्कूल नहीं जा पाया। जीशान अब दर्जी का काम सीखता था। पिता की लगभग 10 वर्ष पहले ही मौत हो चुकी थी। मां भी उसे छोड़कर चली गई। अब जीशान अपने ताऊ के साथ रहता था। करीब पांच साल पहले 19 वर्षीय भाई की भी नहाते समय नहर में डूबने से मौत हो गई थी। संवाद
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यमुनानगर। गांव जयधर में बकरीद पर हुए विवाद के बाद जहरीला पदार्थ खाकर जान देने वाले जीशान (19) के शव के पोस्टमार्टम के दौरान रविवार को तनाव के बीच सैकड़ों की संख्या में विशेष समुदाय के लोग पहुंच गए। इससे सिविल अस्पताल का पोस्टमार्टम हाउस रैली के मैदान में बदल गया। भीड़ देखकर अस्पताल प्रशासन के हाथ पांव भी फूल गए। इस पर सिविल अस्पताल में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। दो बड़ी बसों में लाइन से पुलिसकर्मी व शहर से लगते सभी थानों की फोर्स भी मौके पर बुलाई गई। इसके अलावा फायर ब्रिगेड की गाड़ी, वाटर कैनन तक तैनात करना पड़ा। तीन डीएसपी के साथ एसपी भी मौके पर पहुंचे। कड़ी सुरक्षा के बीच मे पोस्टमार्टम करवाया गया। चूंकि मामला दो समुदायों से जुड़ा हुआ था और टकराव की स्थिति बनी हुई थी। एसपी ने निष्पक्ष जांच और फिर गिरफ्तारी का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया। इसके बाद पीड़ित शव लेकर चले गए।
सिविल अस्पताल में भारी संख्या में विशेष समुदाय के लोग जमा थे। इस दौरान समुदाय के नेताओं ने लोगों को संबोधित किया। नेताओं ने लोगों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। लोगों से कहा कि कोई ऐसा काम न किया जाए, कि लोगों को परेशानी हो और माहौल बिगड़े। इस बीच एक युवक वहां पहुंचा और युवाओं को भड़काने की कोशिश करने लगा। उसे समुदाय के लोगों ने वहीं पकड़ लिया। समझाने पर जब युवक नहीं माना, तो लोगों ने उसकी धुनाई कर दी। मौजिज लोगों ने युवक को वहां से चले जाने को कहा। वहीं छछरौली, प्रतापनगर, बिलासपुर, साढ़ौर, रादौर सहित दूसरे जिलों से भी भारी संख्या में ट्रैक्टर ट्राली पर लोग सिविल अस्पताल पहुंच गए। देखते ही देखते अस्पताल रैली के मैदान में बदल गया।
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छावनी बना अस्पताल प्रांगण
मामला बेहद गंभीर था, जिस कारण सिविल अस्पताल में पुलिस बल तैनात किया गया था। जब वहां बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए तो अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई। थाना शहर यमुुनानगर, जगाधरी, सदर यमुनानगर, सदर जगाधरी, थाना गांधीनगर, थाना फर्कपुर, महिला थाना, सीआईए वन, सीआईए-टू, स्पेशल स्टाफ के प्रभारी सहित कर्मचारी मौके पर रहे। अस्पताल के बाहर और अंदर पुलिस तैनात रही।
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इस दौरान अब्दुल सत्तार, अफजल, याकूब, सब्बीर ने कहा कि कुछ बाहरी लोग आकर गांव में माहौल खराब कर रहे हैं। बाहरी लोगों पर अभी तक अंकुश नहीं लग रहा। जिशान की मौत के मामले के आरोपियों में से किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जल्द से जल्द सभी आरोपियों की गिरफ्तारी होनी चाहिए। समुदाय के नेता राणा आस मोहम्मद व अन्य ने लोगों से शांति बनाने की अपील की। कहा कि जीशान का जनाजा शांतिपूर्ण तरीके से लोग गांव ले जाएंगे।
यह है पूरा मामला
बकरीद के दिन गांव जयधर में कुर्बानी को लेकर दो समुदाय के बीच विवाद हो गया था। हिंदू संगठनों ने गांव में पशुओं की कुर्बानी का शांतिपूर्वक विरोध किया था। हिंदू संगठनों के लोगों ने आरोप लगाया था गांव के ही कुछ लोगों ने हिंदू व्यक्ति के घर के आगे पशु का मांस फेंका है। वहीं एक युवक को जबरन मांस खिलाने की कोशिश की। इस पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। जीशान को डर था कि उसका नाम पुलिस ने आरोपियों में डाल दिया है। इससे आहत होकर उसने शनिवार को जहरीला पदार्थ निगल लिया। निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। वहीं उसके परिजनों का आरोप है कि गांव के लोगों ने ही जीशान को आत्महत्या के लिए उकसाया है। जिसमें युवकों को नामजद कर केस दर्ज किया गया है। इस पूरे प्रकरण में पांच केस दर्ज हो चुके हैं।
जीशान के शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों के हवाले कर दिया गया है। स्थिति नियंत्रण में है। सभी पक्षों के लोगों से आग्रह किया गया है कि वे शांति और भाईचारा बनाए रखें। फिर से तनाव पैदा न हो इसके लिए गांव में पुलिस तैनात की गई है। - कमलदीप गोयल एसपी यमुनानगर
पुलिस की लापरवाही आई सामने
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बकरीद की पूर्व संध्या से शुरू हुए तनाव को बढ़ाने में पुलिस की लापरवाही सामने आ रही है। शुरूआत में पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई। जीशान की मौत के बाद पुलिस ने तेजी दिखाई और मामला दर्ज कर लिया।
पहले दिन से जयधर गांव छावनी बना हुआ है। विशेष समुदाय के कुछ लोगों ने एसपी से कहा कि एक पुलिस अधिकारी भी गांव का माहौल खराब करने में लापरवाह रहा है। वहीं उनकी बात नहीं सुनी गई। यदि पुलिस उस समय गंभीरता से काम करती तो मामला यहां तक नहीं पहुंचता। वहीं रविवार को भी गांव में पुलिस बल तैनात रहा। सभी रास्तों पर बेरिकेडिंग की गई थी। किसी को बाहर आने जाने की अनुमति नहीं थी। शनिवार को जीशान की मौत के बाद परिजन सहित रिश्तेदार व ग्रामीण जेपी अस्पताल पहुंच गए थे। वहां उन्होंने जीशान को आत्महत्या के लिए उकसाने को लेकर हंगामा किया।
इसके बाद पुलिस ने तेजी दिखाई। जिले के तमाम हिस्सों व सड़कों से ट्रैक्टर-ट्रालियों में भर कर लोग सिविल अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल में हजारों लोग जमा हो गए। जिन्हें अंदर जगह नहीं मिली वे बाहर खड़े रहे। वहीं जीशान की मौत से पहले कई तरह के ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए गए। इस पर ध्यान नहीं दिया गया। ऐसे में विवाद इतना बढ़ना पुलिस की लापरवाही व नाकामी दिखाता है।
सिविल अस्पताल में लोगों के बीच एसपी कमलदीप गोयल पहुंचे। यहां उन्होंने लोगों से बातचीत की। समुदाय के मौजिज लोग पुलिस अधिकारियों को पहले ही आश्वस्त कर चुके थे कि शांति भंग नहीं होने दी जाएगी। पत्रकारों से बातचीत करते हुए एसपी ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला था, जिसमें पुलिस ने निष्पक्ष काम किया।
जीशान के जनाजे में पहुंचे सैकड़ों लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। जयधर गांव निवासी जीशान के शव को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया है। वहीं जीशान के जनाजे में सैकड़ों लोग पहुंचे। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए गांव में प्रशासनिक अधिकारी व भारी पुलिस बल मौजूद रहा। गांव में प्रवेश करने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई। इस दौरान डीएसपी हेडक्वार्टर सुभाष चंद गांव में पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस की मौजूदगी में जिशान की कब्र पर फातिया पढ़ा गया।
डीएसपी ने ग्रामीणों व अन्य लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। कब्रिस्तान में सभी ने दुआ की। वहीं इस दौरान बुड़िया के पीर जी हाफिज हुसैन अहमद ने लोगों से शांति और भाईचारा रखने की अपील की गई। उन्होंने कहा कि दोनों तरफ के कुछ शरारती लोग माहौल खराब करना चाहते हैं, जिसे उन्हें अपनी सूझबूझ से रोकना होगा। डीएसपी सुभाष चंद ने बताया कि मृतक जीशान का शव शांतिपूर्ण तरीके से दफना दिया गया है। गांव में किसी तरह का तनाव नहीं है। डीएसपी ने शांति व भाईचारा बनाए रखने की अपील की है।
जीशान के पिता व भाई की हो चुकी है मौत
प्रतापनगर। गांव जयधर में जीशान की मौत से शोक है। वहीं सभी लोग विवाद निपटने की दुआ कर रहे हैं। गांव में हर कोई सहमा हुआ है। जिशान अपनी दादी का इकलौता सहारा था। जीशान नवीं तक ही पढ़ा था। पिता की मौत होने के बाद वह स्कूल नहीं जा पाया। जीशान अब दर्जी का काम सीखता था। पिता की लगभग 10 वर्ष पहले ही मौत हो चुकी थी। मां भी उसे छोड़कर चली गई। अब जीशान अपने ताऊ के साथ रहता था। करीब पांच साल पहले 19 वर्षीय भाई की भी नहाते समय नहर में डूबने से मौत हो गई थी। संवाद

मृतक जीशान की फाइल फोटो।- फोटो : Yamuna Nagar

जीशान के पोस्टमार्टम के दौरान लोगों से शांति बनाने की अपील करते समुदाय के नेता। संवाद- फोटो : Yamuna Nagar

जीशान के शव के पोस्टमार्टम के दौरान सिविल अस्पताल में जुटे लोग। संवाद- फोटो : Yamuna Nagar

सिविल अस्पताल में युवाओं को भड़का रहे युवक को धुनते लोग। संवाद- फोटो : Yamuna Nagar