{"_id":"6a72347a79b3657c9d044724","slug":"people-panicked-upon-hearing-the-disaster-siren-during-a-mock-drill-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1020-160715-2026-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: मॉक ड्रिल में आपदा सायरन सुनकर घबराए लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: मॉक ड्रिल में आपदा सायरन सुनकर घबराए लोग
Wed, 05 Aug 2026 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 05 Aug 2026 12:20 AM IST
विज्ञापन
मॉक ड्रिल के दौरान युवक को रेस्क्यू करती टीम। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। सुबह के 11 बजे थे और जिला सचिवालय में अन्य दिनों की तरह चहल-पहल थी। इस दौरान लोगों को आपातकालीन सायरन की आवाज सुनाई दी। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते आपदा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियां सक्रिय हो गईं। सुरक्षा कर्मी दनदनाते हुए लोगों तक पहुंचने लगे। कार्यालयों में मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
प्रथम व द्वितीय तल पर मौजूद लोगों को भू-तल पर लाया गया। यही नहीं ऊपरी मंजिल पर फंसे लोगों को फायर ब्रिगेड कर्मियों ने रेस्क्यू किया गया। लोगों को लगा कि भूकंप या बड़ी आपदा आई है और लोग अपनी खैर मनाने लगे। परंतु बाद में उन्हें पता चला कि यह तो जिला प्रशासन का आपदा से निपटने के लिए किया जाने वाला अभ्यास था।
यह अभ्यास राष्ट्रव्यापी नागरिक सुरक्षा के तहत जिले में एयर स्ट्राइक की स्थिति को ध्यान में रखते हुए किया गया। इस मॉक ड्रिल के दौरान जिला सचिवालय के सामने, अनाज मंडी जगाधरी, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी), खेड़ा अंबाला रोड में निर्धारित समयावधि में मॉक ड्रिल हुई। अभ्यास का उद्देश्य नागरिक सुरक्षा तंत्र और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था का परीक्षण तथा उसे और अधिक सुदृढ़ बनाना रहा। जगाधरी एसडीएम विश्वनाथ के नेतृत्व में मॉक ड्रिल करवाई गई, जिसमें एयर स्ट्राइक की काल्पनिक स्थिति बनाई गई थी। सायरन बजते ही सरकारी कार्यालयों और भवनों में मौजूद लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रथम और द्वितीय तल पर मौजूद लोगों को भवनों के भूतल पर लाया गया, जबकि ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोगों को फायर ब्रिगेड कर्मियों और आपदा मित्रों ने सुरक्षित बाहर निकालकर एंबुलेंस से उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने का अभ्यास किया।
विज्ञापन
विश्वनाथ ने बताया कि डीसी प्रीति, गृह मंत्रालय और सरकार के निर्देशानुसार यह अभ्यास कराया गया। जागरूकता बढ़ाने के लिए जिला सचिवालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया था, जिसका हेल्पलाइन नंबर 01732-237801 भी आमजन के लिए जारी किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान नगराधीश पीयूष गुप्ता, डीआरओ तरुण सहोता, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलता, सिविल अस्पताल की चिकित्सक टीम, सिविल डिफेंस अमरजीत मौजूद रहे।
विज्ञापन
जगाधरी। सुबह के 11 बजे थे और जिला सचिवालय में अन्य दिनों की तरह चहल-पहल थी। इस दौरान लोगों को आपातकालीन सायरन की आवाज सुनाई दी। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते आपदा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियां सक्रिय हो गईं। सुरक्षा कर्मी दनदनाते हुए लोगों तक पहुंचने लगे। कार्यालयों में मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
प्रथम व द्वितीय तल पर मौजूद लोगों को भू-तल पर लाया गया। यही नहीं ऊपरी मंजिल पर फंसे लोगों को फायर ब्रिगेड कर्मियों ने रेस्क्यू किया गया। लोगों को लगा कि भूकंप या बड़ी आपदा आई है और लोग अपनी खैर मनाने लगे। परंतु बाद में उन्हें पता चला कि यह तो जिला प्रशासन का आपदा से निपटने के लिए किया जाने वाला अभ्यास था।
विज्ञापन
यह अभ्यास राष्ट्रव्यापी नागरिक सुरक्षा के तहत जिले में एयर स्ट्राइक की स्थिति को ध्यान में रखते हुए किया गया। इस मॉक ड्रिल के दौरान जिला सचिवालय के सामने, अनाज मंडी जगाधरी, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी), खेड़ा अंबाला रोड में निर्धारित समयावधि में मॉक ड्रिल हुई। अभ्यास का उद्देश्य नागरिक सुरक्षा तंत्र और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था का परीक्षण तथा उसे और अधिक सुदृढ़ बनाना रहा। जगाधरी एसडीएम विश्वनाथ के नेतृत्व में मॉक ड्रिल करवाई गई, जिसमें एयर स्ट्राइक की काल्पनिक स्थिति बनाई गई थी। सायरन बजते ही सरकारी कार्यालयों और भवनों में मौजूद लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रथम और द्वितीय तल पर मौजूद लोगों को भवनों के भूतल पर लाया गया, जबकि ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोगों को फायर ब्रिगेड कर्मियों और आपदा मित्रों ने सुरक्षित बाहर निकालकर एंबुलेंस से उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने का अभ्यास किया।
विज्ञापन
विश्वनाथ ने बताया कि डीसी प्रीति, गृह मंत्रालय और सरकार के निर्देशानुसार यह अभ्यास कराया गया। जागरूकता बढ़ाने के लिए जिला सचिवालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया था, जिसका हेल्पलाइन नंबर 01732-237801 भी आमजन के लिए जारी किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान नगराधीश पीयूष गुप्ता, डीआरओ तरुण सहोता, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलता, सिविल अस्पताल की चिकित्सक टीम, सिविल डिफेंस अमरजीत मौजूद रहे।

मॉक ड्रिल के दौरान युवक को रेस्क्यू करती टीम। संवाद