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अब मरीजों से मनमाना किराया नहीं वसूल सकेंगे एंबुलेंस चालक
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यमुनानगर। जिले में एंबुलेंस संचालकों द्वारा लोगों से की जा रही लूट के खिलाफ अब जिला प्रशासन की नींद टूटी है। अनाप-शनाप किराए के कई मामले सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सोमवार को एंबुलेंस के रेट तय किए। मरीजों को ले जाने वाली साधारण परिवहन एंबुलेंस के लिए 10 किलोमीटर तक के सफर के लिए 400 रुपये और इससे अधिक दूरी के लिए 12 रुपये प्रति किलोमीटर वसूल किए जा सकते हैं।
इसी प्रकार बेसिक लाइफ सपोर्ट सुविधा से युक्त एंबुलेंस के लिए 10 किलोमीटर तक 400 रुपये और इससे अधिक सफर के लिए 12 रुपये प्रति किलोमीटर किराया वसूल कर सकते हैं। एडवांस लाइफ सपोर्ट सुविधा से युक्त एंबुलेंस 10 किलोमीटर तक 1400 रुपये और 10 किलोमीटर से अधिक सफर की स्थिति में 20 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से किराया वसूल कर सकते हैं। यह दरें जिला स्तरीय समिति के परामर्श पर तय की गई हैं। इस समिति में जिला परिवहन अधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र, सिविल सर्जन डॉ. विजय दहिया और उपायुक्त कार्यालय के लेखाधिकारी करनैल सिंह शामिल किए गए थे।
-जिलाधीश मुकुल कुमार ने बताया कि कोरोना महामारी के इस कार्यकाल में एंबुलेंस सेवा में लोगों द्वारा अधिक राशि वसूलने जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए रेट निर्धारित कर दिए हैं। निर्धारित दरों से अधिक राशि वसूल करने पर एंबुलेंस सेवा प्रदान करने वाले व्यक्ति के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 और रेपडिमिक्स अधिनियम 1897 के तहत कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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रेमडेसिविर के सही वितरण के लिए समिति गठित
यमुनानगर। वहीं रेमडेसिविर दवाई के अंधाधुंध प्रयोग को रोकने और सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए जिलाधीश मुकुल कुमार ने अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्ष अतिरिक्त उपायुक्त रणजीत कौर बनाई गई है और सिविल सर्जन कार्यालय के परामर्शदाता डॉ. शिवेन्द्र सिंह, यमुनानगर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ. सुनीता सोनी और चीफ फार्मासिस्ट सुदेश को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। रेमडेसिविर इंजेक्शन प्राप्त करने के लिए सभी कोविड अस्पतालों को समिति के पास आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ निर्धारित प्रारूप को अच्छी तरह भर कर संलग्न करना होगा। निर्धारित प्रारूप की सॉफ्ट व हार्ड कॉपी सिविल सर्जन कार्यालय को उपलब्ध करवा दी गई है। यह समिति प्रतिदिन दो बार बैठक करके प्राप्त होने वाले आवेदनों की समीक्षा करेगी और आवश्यकता अनुसार तुरंत कार्रवाई करेगी। समिति द्वारा लिए गए निर्णय सभी स्टॉक होल्डर को ई-मेल द्वारा भिजवा दिए जाएंगे। आवेदन पर मना होने की स्थिति में लिखित रूप में संबंधित अस्पताल अथवा चिकित्सक को सूचित किया जाएगा। सिविल सर्जन द्वारा संबंधित अस्पताल द्वारा अधिकृत किए गए चिकित्सक, व्यक्ति को दवाई दी जाएगी। सिविल सर्जन सुनिश्चित करेंगे की समिति द्वारा अनुमति प्राप्त अस्पताल या चिकित्सक को आवेदन के दिन ही दवाई उपलब्ध हो सके और दवाई का यह स्टोर सातों दिन 24 घंटे खुला रहना चाहिए। इसके अलावा रेमडेसिविर के वितरण के लिए निर्धारित की गई शर्तों और जारी किए गए आदेशों के बारे में सभी स्टॉक होल्डर को अवगत करवाया गया है।
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इसी प्रकार बेसिक लाइफ सपोर्ट सुविधा से युक्त एंबुलेंस के लिए 10 किलोमीटर तक 400 रुपये और इससे अधिक सफर के लिए 12 रुपये प्रति किलोमीटर किराया वसूल कर सकते हैं। एडवांस लाइफ सपोर्ट सुविधा से युक्त एंबुलेंस 10 किलोमीटर तक 1400 रुपये और 10 किलोमीटर से अधिक सफर की स्थिति में 20 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से किराया वसूल कर सकते हैं। यह दरें जिला स्तरीय समिति के परामर्श पर तय की गई हैं। इस समिति में जिला परिवहन अधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र, सिविल सर्जन डॉ. विजय दहिया और उपायुक्त कार्यालय के लेखाधिकारी करनैल सिंह शामिल किए गए थे।
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-जिलाधीश मुकुल कुमार ने बताया कि कोरोना महामारी के इस कार्यकाल में एंबुलेंस सेवा में लोगों द्वारा अधिक राशि वसूलने जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए रेट निर्धारित कर दिए हैं। निर्धारित दरों से अधिक राशि वसूल करने पर एंबुलेंस सेवा प्रदान करने वाले व्यक्ति के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 और रेपडिमिक्स अधिनियम 1897 के तहत कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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रेमडेसिविर के सही वितरण के लिए समिति गठित
यमुनानगर। वहीं रेमडेसिविर दवाई के अंधाधुंध प्रयोग को रोकने और सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए जिलाधीश मुकुल कुमार ने अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्ष अतिरिक्त उपायुक्त रणजीत कौर बनाई गई है और सिविल सर्जन कार्यालय के परामर्शदाता डॉ. शिवेन्द्र सिंह, यमुनानगर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ. सुनीता सोनी और चीफ फार्मासिस्ट सुदेश को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। रेमडेसिविर इंजेक्शन प्राप्त करने के लिए सभी कोविड अस्पतालों को समिति के पास आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ निर्धारित प्रारूप को अच्छी तरह भर कर संलग्न करना होगा। निर्धारित प्रारूप की सॉफ्ट व हार्ड कॉपी सिविल सर्जन कार्यालय को उपलब्ध करवा दी गई है। यह समिति प्रतिदिन दो बार बैठक करके प्राप्त होने वाले आवेदनों की समीक्षा करेगी और आवश्यकता अनुसार तुरंत कार्रवाई करेगी। समिति द्वारा लिए गए निर्णय सभी स्टॉक होल्डर को ई-मेल द्वारा भिजवा दिए जाएंगे। आवेदन पर मना होने की स्थिति में लिखित रूप में संबंधित अस्पताल अथवा चिकित्सक को सूचित किया जाएगा। सिविल सर्जन द्वारा संबंधित अस्पताल द्वारा अधिकृत किए गए चिकित्सक, व्यक्ति को दवाई दी जाएगी। सिविल सर्जन सुनिश्चित करेंगे की समिति द्वारा अनुमति प्राप्त अस्पताल या चिकित्सक को आवेदन के दिन ही दवाई उपलब्ध हो सके और दवाई का यह स्टोर सातों दिन 24 घंटे खुला रहना चाहिए। इसके अलावा रेमडेसिविर के वितरण के लिए निर्धारित की गई शर्तों और जारी किए गए आदेशों के बारे में सभी स्टॉक होल्डर को अवगत करवाया गया है।