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जिले में 60 करोड़ की लागत से बनेगा मदर एवं चाइल्ड हेल्थ सेंटर, जगह चिह्नित
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Mother and Child Health Center to be built at a cost of 60 crores in the district, place marked
- फोटो : Yamuna Nagar
यमुनानगर। जिलेवासियों के लिए खुशखबरी है। अब जिला अस्पताल में 200 बेड अस्पताल के साथ 100 बेड का मदर एवं चाइल्ड हेल्थ सेंटर का निर्माण होने जा रहा है। प्रदेश सरकार चार जिलों सोनीपत, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर व पलवल में इन सेंटरों को बनाया जाएगा। प्रदेश में मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करने के उद्देश्य से खोले जाएंगे। इसके साथ-साथ चिकित्सकों, हेल्थ वर्करों सहित पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती भी की जाएगी। जिला अस्पताल को पहले से ही 200 बेड में अपग्रेड किया जा रहा है, जिसका कार्य अभी 40 प्रतिशत तक हो चुका है। मदर एवं चाइल्ड हेल्थ सेंटर के लिए स्वास्थ्य विभाग व पीडब्ल्यूडी विभाग के अफसरों ने भवन निर्माण के लिए जिला अस्पताल में जगह का चयन भी कर लिया है। सिविल सर्जन डॉ. विजय दहिया ने बताया कि मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करने के उद्देश्य से पहले चरण में चार जिलों में मदर एंड चाइल्ड हेल्थ सेंटर खोले जाएंगे। जिसमें यमुनानगर जिला भी शामिल है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक के साथ इन जिलों के सिविल सर्जन व अन्य अधिकारियों की पंचकूला में बैठक होगी, इसके लिए भवन निर्माण की रूपरेखा व बजट तय किया जाएगा।
चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ की होगी भर्ती
जिला अस्पताल में बनने जा रहे 100 बेड के मदर एंड चाइल्ड हेल्थ सेंटर के लिए चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ व नर्स की नियुक्तियां होंगी। डॉ. दहिया ने बताया कि बच्चों की गर्भ में देखभाल, प्रसव के बाद देखभाल व बच्चे को जन्म देने वाली महिला के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है। सेंटर में अत्याधुनिक मशीनें होंगी। इसके साथ ही न्यू बोर्न सिक यूनिट (एसएनसीयू) को भी अपग्रेड किया जाएगा। सेंटर बनने के बाद प्री-मैच्योर बच्चों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।
नवजात रहेंगे संक्रमण से दूर
अलग से मदर एंड चाइल्ड हेल्थ सेंटर खुलने से अस्पतालों में होने वाली डिलीवरी के बाद नवजातों को भी संक्रमण से दूर रखेगी। हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने 2030 तक राज्य में मातृ मृत्यु दर 70 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों का कहना है कि हरियाणा के अस्पतालों में बढ़ रही प्रसव की संख्या की वजह से मातृ मृत्यु दर में गिरावट देखने को मिल रही है और यही स्थिति शिशु मृत्यु दर की भी है। केंद्र व राज्य सरकार का एक भवन पर लगभग 60 करोड़ खर्च करने का लक्ष्य बताया जा रहा है। सेंटर के साथ हरियाणा के पीडियाट्रिक, गायनोकोलॉजी एक्सपर्ट को भी सेंटर के साथ जोड़ा जाएगा।
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चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ की होगी भर्ती
जिला अस्पताल में बनने जा रहे 100 बेड के मदर एंड चाइल्ड हेल्थ सेंटर के लिए चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ व नर्स की नियुक्तियां होंगी। डॉ. दहिया ने बताया कि बच्चों की गर्भ में देखभाल, प्रसव के बाद देखभाल व बच्चे को जन्म देने वाली महिला के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है। सेंटर में अत्याधुनिक मशीनें होंगी। इसके साथ ही न्यू बोर्न सिक यूनिट (एसएनसीयू) को भी अपग्रेड किया जाएगा। सेंटर बनने के बाद प्री-मैच्योर बच्चों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।
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नवजात रहेंगे संक्रमण से दूर
अलग से मदर एंड चाइल्ड हेल्थ सेंटर खुलने से अस्पतालों में होने वाली डिलीवरी के बाद नवजातों को भी संक्रमण से दूर रखेगी। हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने 2030 तक राज्य में मातृ मृत्यु दर 70 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों का कहना है कि हरियाणा के अस्पतालों में बढ़ रही प्रसव की संख्या की वजह से मातृ मृत्यु दर में गिरावट देखने को मिल रही है और यही स्थिति शिशु मृत्यु दर की भी है। केंद्र व राज्य सरकार का एक भवन पर लगभग 60 करोड़ खर्च करने का लक्ष्य बताया जा रहा है। सेंटर के साथ हरियाणा के पीडियाट्रिक, गायनोकोलॉजी एक्सपर्ट को भी सेंटर के साथ जोड़ा जाएगा।
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