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नशे से जीवन खतरे में : कमलदीप
Sun, 07 Sep 2025 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 07 Sep 2025 12:36 AM IST
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नशा मुक्ति केंद्र में मरीजों से बातचीत करते एसपी। प्रवक्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। एसपी कमलदीप गोयल ने जिला नागरिक अस्पताल में बने नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और वहां भर्ती मरीजों की स्थिति जानी। उन्होंने कहा नशीली वस्तुओं के इस्तेमाल से जीवन खतरे में रहता है।
एसपी ने कहा कि आजकल युवा पीढ़ी विभिन्न प्रकार की नशीली वस्तुओं के प्रभाव में आकर जीवन को खतरे में डाल रही है। ऐसे में इस प्रकार के केंद्र का होना महत्वपूर्ण पहलू है, जिससे न केवल नशे से ग्रसित व्यक्ति का पुनर्वास संभव हो पाता है, बल्कि समाज को भी सुरक्षित बनाया जा सकता है। नशा मुक्ति अभियान हमारी प्राथमिकता में शामिल है।
समाज से नशे की जड़ को खत्म करना सामूहिक प्रयास है। पुलिस प्रशासन न केवल अपराधियों पर कार्रवाई करता है बल्कि उन लोगों के पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान देता है जो इस समस्या के शिकार बन चुके हैं। यह केंद्र इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हम सभी विभागों के साथ मिलकर नशे से मुक्ति के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी चलाते रहेंगे।
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आमजन से अपील है कि यदि उन्हें आसपास में नशे की लत में फंसे किसी व्यक्ति की जानकारी मिलती है तो वे संबंधित अधिकारियों को सूचित करें ताकि उसे सही उपचार मिल सके।
मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नवीन शर्मा ने बताया कि इस केंद्र में अब तक 18 मरीज दाखिल किए गए हैं। इनमें से सभी मरीज पहले विभिन्न नशीली वस्तुओं का सेवन करते थे। इससे जीवनशैली पर गंभीर प्रभाव पड़ा था। मरीजों का इलाज एक विशेष तरीके से चल रहा है, जिसमें काउंसलिंग और पुनर्वास पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
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यमुनानगर। एसपी कमलदीप गोयल ने जिला नागरिक अस्पताल में बने नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और वहां भर्ती मरीजों की स्थिति जानी। उन्होंने कहा नशीली वस्तुओं के इस्तेमाल से जीवन खतरे में रहता है।
एसपी ने कहा कि आजकल युवा पीढ़ी विभिन्न प्रकार की नशीली वस्तुओं के प्रभाव में आकर जीवन को खतरे में डाल रही है। ऐसे में इस प्रकार के केंद्र का होना महत्वपूर्ण पहलू है, जिससे न केवल नशे से ग्रसित व्यक्ति का पुनर्वास संभव हो पाता है, बल्कि समाज को भी सुरक्षित बनाया जा सकता है। नशा मुक्ति अभियान हमारी प्राथमिकता में शामिल है।
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समाज से नशे की जड़ को खत्म करना सामूहिक प्रयास है। पुलिस प्रशासन न केवल अपराधियों पर कार्रवाई करता है बल्कि उन लोगों के पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान देता है जो इस समस्या के शिकार बन चुके हैं। यह केंद्र इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हम सभी विभागों के साथ मिलकर नशे से मुक्ति के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी चलाते रहेंगे।
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आमजन से अपील है कि यदि उन्हें आसपास में नशे की लत में फंसे किसी व्यक्ति की जानकारी मिलती है तो वे संबंधित अधिकारियों को सूचित करें ताकि उसे सही उपचार मिल सके।
मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नवीन शर्मा ने बताया कि इस केंद्र में अब तक 18 मरीज दाखिल किए गए हैं। इनमें से सभी मरीज पहले विभिन्न नशीली वस्तुओं का सेवन करते थे। इससे जीवनशैली पर गंभीर प्रभाव पड़ा था। मरीजों का इलाज एक विशेष तरीके से चल रहा है, जिसमें काउंसलिंग और पुनर्वास पर भी ध्यान दिया जा रहा है।