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...कभी अलविदा न कहना गीत ने नम की आंखें
अमर उजाला ब्यूरो/यमुनानगर
Updated Fri, 05 Feb 2016 11:44 PM IST
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डीएवी गर्ल्स कॉलेज में गीत-संगीत पर आधारित म्यूजिकल कांसर्ट सरगम का आयोजन किया गया। इसमें यूएस से आए दीपक पारीक ने गिटार व अन्य वाद्ययंत्रों की धुन बजाई। इस दौरान उन्होंने पुराने फिल्मी गीत सुनाकर सभी का भरपूर मनोरंजन किया। जब कोई बात बिगड़ जाए, जब कोई मुश्किल पड़ जाए, तुम देना साथ मेरा ओ हम नवां . . . गीत को जब दीपक पारीक ने गिटार व अन्य वाद्ययंत्रों की धुन पर प्रस्तुत किया, तो पूरा सभागार तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा। एक बार शुरू हुआ सुर, लय व ताल का सिलसिला घंटों तक अबाध जारी रहा। सभागार में बैठे श्रोता संगीत की स्वर लहरियों में घंटों गोते लगाते नजर आए।
इसके बाद दीपक पारीक ने 60 तथा 70 के दशक के फिल्मी गीत सुनाए। जिसमें पुकारता चला हूं मैं..., लाखों है निगाहें में, जिंदगी की राहें में... ये चांद सा रोशन चेहरा... बार-बार देखो हजार बार देखो... प्रस्तुत किया। पारीक ने छात्राओं की फरमाइश पर भी गीत सुनाए। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने चलते-चलते मेरे ये गीत याद रखना, कभी अलविदा न कहना प्रस्तुत कर सभी की आंखें नम कर दी।
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तरुण ने गिटार, गुरबचन ने तबला, नरेंद्र वर्मा ने ऑक्टोपैड तथा दिनेश कुमार ने की-बोर्ड पर संगत की। कॉलेज प्रिंसिपल डा. सुषमा आर्य ने दीपक पारीक का आभार व्यक्त किया और कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को संगीत की विभिन्न विधाओं से रूबरू करवाना रहा। कार्यक्रम को सफल बनाने में संगीत विभाग की अध्यक्ष डा. नीता द्विवेदी व वाणिज्य विभागाध्यक्षा डा. सुरेंद्र कौर ने सहयोग दिया। म्यूजिकल कांसर्ट सरगम कार्यक्रम का आयोजन संगीत विभाग व वाणिज्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कॉलेज प्रिंसिपल डा. सुषमा आर्य व वुमन स्टडी सेंटर की डायरेक्टर डा. विश्व मोहिनी ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
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रागों पर आधारित गीत भी सुनाए
कार्यक्रम के दौरान दीपक पारीक ने राग दरबारी पर आधारित फिल्मी गीत झनक-झनक तोरी बाजे पायलिया...गीत प्रस्तुत किया, तो सभी मंत्रमुग्ध हो गए। उन्होंने कहा कि सभी गीत रागों पर आधारित होते हैं। राग को गाते समय नियमों का पूरा ध्यान रखा जाता है। जबकि फिल्मी गीतों के साथ रागों के नियमों में कुछ बदलाव भी किए जाते हैं।