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Yamuna Nagar News: शराब के गोदामों का आयकर विभाग ने जांचा रिकॉर्ड
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आयकर विभाग की टीम ने सोमवार को जिले में अंग्रेजी व देसी शराब के गोदामों पर दस्तक दी। टीम ने अंबाला रोड व जगाधरी एरिया में शराब के गोदामों पर जाकर रिकॉर्ड की जांच की। टीम ने कई घंटे तक शराब के गोदामों पर जांच की। बताया जा रहा है कि आगामी कुछ दिन तक आयकर विभाग की टीम जिले में ही रहेगी। आयकर विभाग की इस कार्रवाई से शराब कारोबारियों में हलचल मची रही।
बताया जा रहा है कि शराब कारोबार से जुड़े कारोबारियों ने ही आयकर विभाग को एक दूसरे की हेराफेरी की थी। करीब चार साल पहले साढौरा क्षेत्र में शराब ठेका लेने वाली फर्म में कुछ हिस्सेदार थे। उन्होंने ठेके को सबलेट कर दिया था। इसके बाद हिस्सेदारों में बंटवारे को लेकर विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि उन्होंने शराब की बिक्री में ठेकेदारों द्वारा किए जाने वाले गोलमाल की शिकायत कर दी। विभाग को बताया गया था कि शराब के गोदामों को लेने वाले ठेकेदार किस तरह से इसमें हेराफेरी करते हैं। इसी की जांच करने के लिए आयकर विभाग की टीम मुंबई से जिले में पहुंची। वहीं जो फर्म तब साढौरा क्षेत्र में ठेके लेती थी वह यमुनानगर में शराब कारोबार से जुड़ी है। वहीं जहरीली शराब पीने से हुई मौत के बाद आबकारी विभाग ने सभी जिलों में शराब के गोदामों पर स्टॉक की जांच की थी। जिसमें जिले में शराब की करीब 40 हजार पेटियां कम मिली थी। ऐसे में इस मामले से भी छापा को जोड़ कर देखा जा रहा है।
आयकर विभाग की टीम जैसे ही गोदामों पर पहुंची तो इसकी सूचना शराब कारोबारियों में आग की तरह फैल गई। जिसके बाद शराब ठेकेदार चुपचाप वहां से खिसक गए। वहीं ठेकेदारों ने अपने मोबाइल भी बंद कर लिए। पहले ही ठेकेदारों में जहरीली शराब पीने से हुई लोगों की मौत के बाद से डर का माहौल है। ऐसे में अब आयकर विभाग की छापामारी ने ठेकेदारों की नींद उड़ा दी है। माना जा रहा है कि आयकर विभाग की टीम तीन से चार दिन जिले में ही डेरा डालेगी ताकि सभी गोदामों पर शराब के लेनदेन से संबंधित रिकॉर्ड की जांच करेगी।
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बताया जा रहा है कि शराब कारोबार से जुड़े कारोबारियों ने ही आयकर विभाग को एक दूसरे की हेराफेरी की थी। करीब चार साल पहले साढौरा क्षेत्र में शराब ठेका लेने वाली फर्म में कुछ हिस्सेदार थे। उन्होंने ठेके को सबलेट कर दिया था। इसके बाद हिस्सेदारों में बंटवारे को लेकर विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि उन्होंने शराब की बिक्री में ठेकेदारों द्वारा किए जाने वाले गोलमाल की शिकायत कर दी। विभाग को बताया गया था कि शराब के गोदामों को लेने वाले ठेकेदार किस तरह से इसमें हेराफेरी करते हैं। इसी की जांच करने के लिए आयकर विभाग की टीम मुंबई से जिले में पहुंची। वहीं जो फर्म तब साढौरा क्षेत्र में ठेके लेती थी वह यमुनानगर में शराब कारोबार से जुड़ी है। वहीं जहरीली शराब पीने से हुई मौत के बाद आबकारी विभाग ने सभी जिलों में शराब के गोदामों पर स्टॉक की जांच की थी। जिसमें जिले में शराब की करीब 40 हजार पेटियां कम मिली थी। ऐसे में इस मामले से भी छापा को जोड़ कर देखा जा रहा है।
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आयकर विभाग की टीम जैसे ही गोदामों पर पहुंची तो इसकी सूचना शराब कारोबारियों में आग की तरह फैल गई। जिसके बाद शराब ठेकेदार चुपचाप वहां से खिसक गए। वहीं ठेकेदारों ने अपने मोबाइल भी बंद कर लिए। पहले ही ठेकेदारों में जहरीली शराब पीने से हुई लोगों की मौत के बाद से डर का माहौल है। ऐसे में अब आयकर विभाग की छापामारी ने ठेकेदारों की नींद उड़ा दी है। माना जा रहा है कि आयकर विभाग की टीम तीन से चार दिन जिले में ही डेरा डालेगी ताकि सभी गोदामों पर शराब के लेनदेन से संबंधित रिकॉर्ड की जांच करेगी।
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