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Yamuna Nagar News: डेढ़ माह पहले नोटिस जारी होने के बाद भी नहीं हटीं अवैध दुकानें
Tue, 11 Aug 2026 01:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 11 Aug 2026 01:05 AM IST
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सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में उपस्थित आईएमए के पदाधिकारी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सड़क सुरक्षा कमेटी की बैठक में सोमवार को उपायुक्त प्रीति ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। पीडब्ल्यूडी की सड़क पर अवैध रूप से रखे गए अस्थायी खोखों को हटाने में देरी पर उन्होंने नगर निगम के एक्सईएन पुनीत मित्तल से जवाब मांगा।
कन्हैया साहिब चौक से महाराणा प्रताप चौक के बीच सड़क किनारे कुछ लोगों ने अस्थायी दुकानें रखकर हलवाई, वाशिंग सेंटर सहित अन्य काम शुरू कर रखे हैं। यह जमीन पीडब्ल्यूडी की है।
करीब डेढ़ माह पहले इन्हें हटाने के लिए नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। बैठक में डीसी ने जब एक्सईएन से कार्रवाई के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि अभी घेवर का सीजन चल रहा है और त्योहार नजदीक हैं। इस पर डीसी ने कड़े शब्दों में कहा कि केवल घेवर की दुकान चल रही है तो क्या लोगों के घर बर्बाद होने दें।
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ऐसे तो फिर दूसरी सड़कों पर भी बिठा दो। सड़क पर अवैध कब्जे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। डीसी ने कलानौर रोड पर सड़क के बरम पर खोले गए ढाबे का भी संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित क्षेत्र के पीडब्ल्यूडी एसडीओ को शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
जगाधरी-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे पर डिवाइडर निर्माण में देरी को लेकर भी डीसी ने नाराजगी जताई। एजेंसी को तय समय में डिवाइडर का निर्माण करना था, लेकिन समय पर काम पूरा नहीं किया गया। डीसी ने नगर निगम एक्सईएन से पूछा कि एजेंसी को अब तक ब्लैकलिस्ट क्यों नहीं किया गया। एक्सईएन ने बताया कि एजेंसी पर 22 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। इस पर उन्होंने मुख्यालय को एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के लिए पत्र लिखने के निर्देश दिए।
आईएमए को भी सख्त निर्देश
बैठक में आईएमए के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। डीसी के संज्ञान में आया कि योजना के तहत सड़क हादसों में घायल लोगों को सरकारी अस्पताल भेजा जा रहा है। डीसी ने आईएमए प्रतिनिधि से कहा कि कोई भी निजी अस्पताल उपचार देने से मना नहीं कर सकता। उन्होंने योजना की नोडल अधिकारी डॉ. सुशील सैनी को डॉक्टरों के साथ समीक्षा करने और अपडेट देने के निर्देश दिए।
500 का चालान काट कर छोड़े जा रहे बिना नंबर के ट्रक
आरटीए की ओर से ओवरलोड वाहनों के चालान में आई कमी पर भी डीसी ने नाराजगी जताई। जून में ओवरलोड के 330 चालान कर एक करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया था, जबकि जुलाई में केवल 199 चालान हुए और जुर्माने की राशि घटकर 82.65 लाख रुपये रह गई। सड़क सुरक्षा परिषद के सदस्य एडवोकेट सुशील आर्य ने बिना नंबर के ट्रक और डंपर चलने का मुद्दा उठाया। एडीटीओ ने बताया कि बिना नंबर प्लेट वाहन पर 500 रुपये का जुर्माना किया जाता है। डीसी ने कहा कि केवल 500 रुपये का जुर्माना करके वाहन छोड़ने का कोई फायदा नहीं है।
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यमुनानगर। सड़क सुरक्षा कमेटी की बैठक में सोमवार को उपायुक्त प्रीति ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। पीडब्ल्यूडी की सड़क पर अवैध रूप से रखे गए अस्थायी खोखों को हटाने में देरी पर उन्होंने नगर निगम के एक्सईएन पुनीत मित्तल से जवाब मांगा।
कन्हैया साहिब चौक से महाराणा प्रताप चौक के बीच सड़क किनारे कुछ लोगों ने अस्थायी दुकानें रखकर हलवाई, वाशिंग सेंटर सहित अन्य काम शुरू कर रखे हैं। यह जमीन पीडब्ल्यूडी की है।
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करीब डेढ़ माह पहले इन्हें हटाने के लिए नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। बैठक में डीसी ने जब एक्सईएन से कार्रवाई के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि अभी घेवर का सीजन चल रहा है और त्योहार नजदीक हैं। इस पर डीसी ने कड़े शब्दों में कहा कि केवल घेवर की दुकान चल रही है तो क्या लोगों के घर बर्बाद होने दें।
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ऐसे तो फिर दूसरी सड़कों पर भी बिठा दो। सड़क पर अवैध कब्जे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। डीसी ने कलानौर रोड पर सड़क के बरम पर खोले गए ढाबे का भी संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित क्षेत्र के पीडब्ल्यूडी एसडीओ को शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
जगाधरी-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे पर डिवाइडर निर्माण में देरी को लेकर भी डीसी ने नाराजगी जताई। एजेंसी को तय समय में डिवाइडर का निर्माण करना था, लेकिन समय पर काम पूरा नहीं किया गया। डीसी ने नगर निगम एक्सईएन से पूछा कि एजेंसी को अब तक ब्लैकलिस्ट क्यों नहीं किया गया। एक्सईएन ने बताया कि एजेंसी पर 22 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। इस पर उन्होंने मुख्यालय को एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के लिए पत्र लिखने के निर्देश दिए।
आईएमए को भी सख्त निर्देश
बैठक में आईएमए के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। डीसी के संज्ञान में आया कि योजना के तहत सड़क हादसों में घायल लोगों को सरकारी अस्पताल भेजा जा रहा है। डीसी ने आईएमए प्रतिनिधि से कहा कि कोई भी निजी अस्पताल उपचार देने से मना नहीं कर सकता। उन्होंने योजना की नोडल अधिकारी डॉ. सुशील सैनी को डॉक्टरों के साथ समीक्षा करने और अपडेट देने के निर्देश दिए।
500 का चालान काट कर छोड़े जा रहे बिना नंबर के ट्रक
आरटीए की ओर से ओवरलोड वाहनों के चालान में आई कमी पर भी डीसी ने नाराजगी जताई। जून में ओवरलोड के 330 चालान कर एक करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया था, जबकि जुलाई में केवल 199 चालान हुए और जुर्माने की राशि घटकर 82.65 लाख रुपये रह गई। सड़क सुरक्षा परिषद के सदस्य एडवोकेट सुशील आर्य ने बिना नंबर के ट्रक और डंपर चलने का मुद्दा उठाया। एडीटीओ ने बताया कि बिना नंबर प्लेट वाहन पर 500 रुपये का जुर्माना किया जाता है। डीसी ने कहा कि केवल 500 रुपये का जुर्माना करके वाहन छोड़ने का कोई फायदा नहीं है।