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Yamuna Nagar News: नॉर्वे भेजने के नाम पर धोखाधड़ी
Wed, 05 Aug 2026 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 05 Aug 2026 12:17 AM IST
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यमुनानगर। नॉर्वे भेजने के नाम पर ठगी करने के मामले में थाना छप्पर पुलिस ने मोहाली निवासी राजेश कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और इमिग्रेशन एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। यह कार्रवाई आर्थिक अपराध शाखा की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
मलिकपुर निवासी मनोज कुमार ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया था कि आरोपी राजेश कुमार ने उसके बेटे अक्षय कुमार को नॉर्वे में वर्क वीजा पर भेजने का भरोसा देकर लाखों रुपये लिए। शिकायत के अनुसार मार्च और मई 2024 के दौरान आरोपी को नकद और बैंक खाते के माध्यम से रकम दी गई व बेटे के सभी दस्तावेज भी सौंप दिए गए।
इसके बावजूद न तो वीजा लगवाया गया और न ही पूरी राशि वापस की गई। आर्थिक अपराध शाखा की जांच में सामने आया कि दोनों पक्षों के बीच जनवरी 2025 में समझौता हुआ था। इसके तहत आरोपी ने किश्तों में राशि लौटाने का वादा किया और सुरक्षा के तौर पर एक ब्लैंक चेक भी दिया।
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जांच में यह भी पाया गया कि समझौते के बावजूद आरोपी ने केवल 20 हजार रुपये लौटाए, जबकि 92 हजार रुपये अब भी बकाया हैं। शिकायतकर्ता के रिश्तेदार अमित कुमार ने समझौते के अनुसार 62 हजार रुपये का भुगतान कर दिया था। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया कि आरोपी विदेश भेजने के लिए भारत सरकार से मान्यता प्राप्त कोई वैध इमिग्रेशन लाइसेंस या खर्च का रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सका। इससे प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी का मामला बनता पाया गया। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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मलिकपुर निवासी मनोज कुमार ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया था कि आरोपी राजेश कुमार ने उसके बेटे अक्षय कुमार को नॉर्वे में वर्क वीजा पर भेजने का भरोसा देकर लाखों रुपये लिए। शिकायत के अनुसार मार्च और मई 2024 के दौरान आरोपी को नकद और बैंक खाते के माध्यम से रकम दी गई व बेटे के सभी दस्तावेज भी सौंप दिए गए।
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इसके बावजूद न तो वीजा लगवाया गया और न ही पूरी राशि वापस की गई। आर्थिक अपराध शाखा की जांच में सामने आया कि दोनों पक्षों के बीच जनवरी 2025 में समझौता हुआ था। इसके तहत आरोपी ने किश्तों में राशि लौटाने का वादा किया और सुरक्षा के तौर पर एक ब्लैंक चेक भी दिया।
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जांच में यह भी पाया गया कि समझौते के बावजूद आरोपी ने केवल 20 हजार रुपये लौटाए, जबकि 92 हजार रुपये अब भी बकाया हैं। शिकायतकर्ता के रिश्तेदार अमित कुमार ने समझौते के अनुसार 62 हजार रुपये का भुगतान कर दिया था। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया कि आरोपी विदेश भेजने के लिए भारत सरकार से मान्यता प्राप्त कोई वैध इमिग्रेशन लाइसेंस या खर्च का रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सका। इससे प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी का मामला बनता पाया गया। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। संवाद