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Yamuna Nagar News: ऑनलाइन लोन दिलाने का झांसा देकर धोखाधड़ी
Tue, 24 Feb 2026 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 24 Feb 2026 12:52 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में ऑनलाइन लोन दिलाने के नाम पर ठगी और धमकी का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राथमिकी में एक पुलिसकर्मी पर भी आरोपियों के साथ मिलीभगत करने और शिकायत को दबाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि कुछ समय पहले गांव में रहने वाली दो महिलाओं ने उनसे संपर्क कर बताया कि वे विभिन्न कंपनियों के माध्यम से 3-3 लाख रुपये तक का लोन दिलवा सकती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पहले दो छोटे लोन दिलाए जाएंगे और समय पर किस्त जमा कराने के बाद बड़ी राशि का लोन स्वीकृत करा दिया जाएगा। आरोप है कि उनके कहने पर पीड़ित ने अपने आधार कार्ड, बैंक खाते और अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराए।
शिकायत के अनुसार आरोपियों ने अलग-अलग फाइनेंस कंपनियों के नाम पर छोटे-छोटे लोन दिलवाए और उनकी किस्तें भरने का आश्वासन दिया। बाद में जब पीड़ित के खाते में लोन की राशि आई तो आरोपियों ने वह रकम अपने पास रख ली। कुछ समय बाद किस्तों का भुगतान नहीं हुआ तो कंपनियों की ओर से नोटिस और कॉल आने लगे। इस पर पीड़ित ने आरोपियों से संपर्क किया तो उन्होंने टालमटोल शुरू कर दी।
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प्राथमिकी में यह भी उल्लेख है कि पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस को दी थी। आरोप है कि संबंधित पुलिस कर्मी ने कार्रवाई करने के बजाय समझौता करने का दबाव बनाया और आरोपियों को बचाने की कोशिश की। जब परिवार ने शिकायत वापस लेने से इनकार किया तो उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकियां दी गईं।
पीड़ित ने बताया कि 24 सितंबर 2025 को उनके परिवार नंबर 7454 के तहत की गई शिकायत के बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद आरोपियों ने खुलेआम कहा कि यदि शिकायत वापस नहीं ली तो पूरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। डर के माहौल में परिवार को कई बार थाने और अधिकारियों के चक्कर काटने पड़े।
आखिरकार उच्च अधिकारियों को दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। जांच की जिम्मेदारी एक सब-इंस्पेक्टर को सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि किसी पुलिस कर्मी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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यमुनानगर। जिले में ऑनलाइन लोन दिलाने के नाम पर ठगी और धमकी का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राथमिकी में एक पुलिसकर्मी पर भी आरोपियों के साथ मिलीभगत करने और शिकायत को दबाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि कुछ समय पहले गांव में रहने वाली दो महिलाओं ने उनसे संपर्क कर बताया कि वे विभिन्न कंपनियों के माध्यम से 3-3 लाख रुपये तक का लोन दिलवा सकती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पहले दो छोटे लोन दिलाए जाएंगे और समय पर किस्त जमा कराने के बाद बड़ी राशि का लोन स्वीकृत करा दिया जाएगा। आरोप है कि उनके कहने पर पीड़ित ने अपने आधार कार्ड, बैंक खाते और अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराए।
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शिकायत के अनुसार आरोपियों ने अलग-अलग फाइनेंस कंपनियों के नाम पर छोटे-छोटे लोन दिलवाए और उनकी किस्तें भरने का आश्वासन दिया। बाद में जब पीड़ित के खाते में लोन की राशि आई तो आरोपियों ने वह रकम अपने पास रख ली। कुछ समय बाद किस्तों का भुगतान नहीं हुआ तो कंपनियों की ओर से नोटिस और कॉल आने लगे। इस पर पीड़ित ने आरोपियों से संपर्क किया तो उन्होंने टालमटोल शुरू कर दी।
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प्राथमिकी में यह भी उल्लेख है कि पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस को दी थी। आरोप है कि संबंधित पुलिस कर्मी ने कार्रवाई करने के बजाय समझौता करने का दबाव बनाया और आरोपियों को बचाने की कोशिश की। जब परिवार ने शिकायत वापस लेने से इनकार किया तो उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकियां दी गईं।
पीड़ित ने बताया कि 24 सितंबर 2025 को उनके परिवार नंबर 7454 के तहत की गई शिकायत के बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद आरोपियों ने खुलेआम कहा कि यदि शिकायत वापस नहीं ली तो पूरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। डर के माहौल में परिवार को कई बार थाने और अधिकारियों के चक्कर काटने पड़े।
आखिरकार उच्च अधिकारियों को दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। जांच की जिम्मेदारी एक सब-इंस्पेक्टर को सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि किसी पुलिस कर्मी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।