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सवारी गाड़ियों के ठहराव की फाइल अनुमति के लिए मुख्यालय में फंसी
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मुस्तफाबाद सहित अन्य छोटे स्टेशनों पर सवारी गाड़ियों के ठहराव की फाइल अनुमति के फेर में रेल मुख्यालय में फंसी पड़ी है। अंबाला मंडल की ओर से गाड़ियों के ठहराव की अनुमति के लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेज दिया गया है लेकिन अभी ठहराव के आदेश अंबाला मंडल को नहीं मिले हैं। भारतीय किसान यूनियन ने ठहराव न देने पर ट्रैक जाम कर दोबारा आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
बता दें कि 14 जनवरी को भारतीय किसान यूनियन और ग्रामीणों ने मुस्तफाबाद रेलवे स्टेशन पर ट्रैक जाम कर प्रदर्शन किया था। भाकियू व ग्रामीणों की मांग है कि मुस्तफाबाद व जिले के कलानौर, दराजपुर सहित बराड़ा, तंदलवाल, केसरी, दुखेड़ी, सरसावा, पिलखनी इत्यादि छोटे स्टेशन पर गाड़ियों का ठहराव दिया जाए। ताकि ग्रामीणों को आवागमन में आसानी हो। इसी मांग को लेकर भाकियू व ग्रामीणों ने अंबाला सहारनपुर रेल ट्रैक मुस्तफाबाद स्टेशन पर चार घंटे जाम रखा था। जिसके बाद एडीआरएम ने 21 जनवरी तक गाड़ियों का ठहराव करने का आश्वासन दिया था। अब यह समय पूरा हो गया है, जबकि मंडल अधिकारियों के पास अभी तक मुख्यालय से ठहराव संबंधी आदेश नहीं आए हैं।
बॉक्स
22 महीने से नहीं रुकी ट्रेन
अंबाला रेलवे मंडल की ओर से दो सवारी गाड़ियों के ठहराव के लिए मुख्यालय में प्रस्ताव भेजा है। कोरोना संक्रमण के बीच अभी तक सिर्फ दो ही सवारी गाड़ियों का संचालन किया जा रहा है। हालांकि इन गाड़ियों में सामान्य टिकट प्रणाली लागू है, लेकिन इनका संचालन विशेष श्रेणी में एक्सप्रेस बना कर किया जा रहा है। जो सहारनपुर से चलकर जगाधरी, जगाधरी वर्कशॉप से चलकर सीधा अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर रुकती हैं। जबकि सहारनपुर से अंबाला के बीच पिलखनी, सरसावा, कलानौर, दराजपुर, मुस्तफाबाद, बराड़ा, तंदवाल, केसरी, दुखेड़ी छोटे स्टेशन पड़ते हैं। इन स्टेशन पर 22 महीने से कोई ट्रेन नहीं रुकी है।
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दो गाड़ियों का भेजा प्रस्ताव
कोरोना नियमों के तहत रेलवे की ओर से अंबाला सहारनपुर रूट पर अभी दो सवारी गाड़ियों का संचालन विशेष श्रेणी में किया जा रहा है। जबकि कोरोना संक्रमण व लॉकडाउन से पहले कुल नौ सवारी गाड़ियों का संचालन किया जा रहा था। अंबाला मंडल की ओर से फिलहाल इन्हीं दो गाड़ियों का ठहराव छोटे स्टेशन पर करने की अनुमति के लिए मुख्यालय भेजा है। परंतु अभी तक मुख्यालय की ओर से आदेश जारी नहीं किए गए हैं। अभी सहारनपुर नंगलडैम और सहारनपुर अंबाला ट्रेन का संचालन किया जा रहा है।
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26 के बाद करेंगे ट्रैक जाम
भारतीय किसान यूनियन जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने कहा कि 26 जनवरी को उनकी तिरंगा यात्रा है। वे सभी जिलास्तरीय कार्यक्रम में व्यस्त हैं। रेलवे के पास अब 26 जनवरी तक का समय है। इस समय तक यदि गाड़ियों का ठहराव नहीं किया गया तो इसके बाद रेलवे ट्रैक जाम कर आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान जब तक ठहराव के आदेश जारी नहीं होंगे, तब तक आंदोलन नहीं समाप्त किया जाएगा।
वर्जन
फिलहाल दो सवारी गाड़ियों का संचालन किया जा रहा है। तीनों गाड़ियों का छोटे स्टेशन पर ठहराव देने के लिए प्रस्ताव भेज दिया गया है। अभी मुख्यालय से इसके आदेश नहीं मिले हैं। आदेश आने के बाद गाड़ियों का ठहराव कर दिया जाएगा।
हरिमोहन, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला।
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बता दें कि 14 जनवरी को भारतीय किसान यूनियन और ग्रामीणों ने मुस्तफाबाद रेलवे स्टेशन पर ट्रैक जाम कर प्रदर्शन किया था। भाकियू व ग्रामीणों की मांग है कि मुस्तफाबाद व जिले के कलानौर, दराजपुर सहित बराड़ा, तंदलवाल, केसरी, दुखेड़ी, सरसावा, पिलखनी इत्यादि छोटे स्टेशन पर गाड़ियों का ठहराव दिया जाए। ताकि ग्रामीणों को आवागमन में आसानी हो। इसी मांग को लेकर भाकियू व ग्रामीणों ने अंबाला सहारनपुर रेल ट्रैक मुस्तफाबाद स्टेशन पर चार घंटे जाम रखा था। जिसके बाद एडीआरएम ने 21 जनवरी तक गाड़ियों का ठहराव करने का आश्वासन दिया था। अब यह समय पूरा हो गया है, जबकि मंडल अधिकारियों के पास अभी तक मुख्यालय से ठहराव संबंधी आदेश नहीं आए हैं।
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22 महीने से नहीं रुकी ट्रेन
अंबाला रेलवे मंडल की ओर से दो सवारी गाड़ियों के ठहराव के लिए मुख्यालय में प्रस्ताव भेजा है। कोरोना संक्रमण के बीच अभी तक सिर्फ दो ही सवारी गाड़ियों का संचालन किया जा रहा है। हालांकि इन गाड़ियों में सामान्य टिकट प्रणाली लागू है, लेकिन इनका संचालन विशेष श्रेणी में एक्सप्रेस बना कर किया जा रहा है। जो सहारनपुर से चलकर जगाधरी, जगाधरी वर्कशॉप से चलकर सीधा अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर रुकती हैं। जबकि सहारनपुर से अंबाला के बीच पिलखनी, सरसावा, कलानौर, दराजपुर, मुस्तफाबाद, बराड़ा, तंदवाल, केसरी, दुखेड़ी छोटे स्टेशन पड़ते हैं। इन स्टेशन पर 22 महीने से कोई ट्रेन नहीं रुकी है।
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दो गाड़ियों का भेजा प्रस्ताव
कोरोना नियमों के तहत रेलवे की ओर से अंबाला सहारनपुर रूट पर अभी दो सवारी गाड़ियों का संचालन विशेष श्रेणी में किया जा रहा है। जबकि कोरोना संक्रमण व लॉकडाउन से पहले कुल नौ सवारी गाड़ियों का संचालन किया जा रहा था। अंबाला मंडल की ओर से फिलहाल इन्हीं दो गाड़ियों का ठहराव छोटे स्टेशन पर करने की अनुमति के लिए मुख्यालय भेजा है। परंतु अभी तक मुख्यालय की ओर से आदेश जारी नहीं किए गए हैं। अभी सहारनपुर नंगलडैम और सहारनपुर अंबाला ट्रेन का संचालन किया जा रहा है।
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26 के बाद करेंगे ट्रैक जाम
भारतीय किसान यूनियन जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने कहा कि 26 जनवरी को उनकी तिरंगा यात्रा है। वे सभी जिलास्तरीय कार्यक्रम में व्यस्त हैं। रेलवे के पास अब 26 जनवरी तक का समय है। इस समय तक यदि गाड़ियों का ठहराव नहीं किया गया तो इसके बाद रेलवे ट्रैक जाम कर आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान जब तक ठहराव के आदेश जारी नहीं होंगे, तब तक आंदोलन नहीं समाप्त किया जाएगा।
वर्जन
फिलहाल दो सवारी गाड़ियों का संचालन किया जा रहा है। तीनों गाड़ियों का छोटे स्टेशन पर ठहराव देने के लिए प्रस्ताव भेज दिया गया है। अभी मुख्यालय से इसके आदेश नहीं मिले हैं। आदेश आने के बाद गाड़ियों का ठहराव कर दिया जाएगा।
हरिमोहन, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला।