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Yamuna Nagar News: किसानों ने मुआवजे के लिए किया प्रदर्शन

Tue, 26 May 2026 01:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Tue, 26 May 2026 01:54 AM IST
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Farmers staged a protest for compensation
प्रदर्शन के बाद डीसी को ज्ञापन देते भाकियू नेता। प्रवक्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। बिजली टावर लगाने के मुआवजे के लिए सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के लिए किसान जगाधरी की अनाजमंडी में एकत्रित हुए। यहां से जुलूस की शक्ल में किसान जिला सचिवालय पहुंचे। किसानों ने नई मुआवजा नीति के संशोधन का विरोध करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भाकियू की ओर से डीसी को ज्ञापन सौंपा गया।
किसानों का कहना है कि प्रदेश के रोहतक, भिवानी, हिसार, सोनीपत और यमुनानगर सहित लगभग 20 जिलों में हाईटेंशन लाइन परियोजनाएं चल रही हैं, जिनमें मार्केट रेट कमेटी द्वारा भूमि मूल्यांकन किया जा रहा है। उनका आरोप है कि कई मामलों में बाजार मूल्य से आधी से भी कम कीमत पर मुआवजा तय किया जा रहा है।
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किसानों ने बताया कि 29 अप्रैल के संशोधन में लॉटरी सिस्टम से मार्केट रेट निर्धारण और सबसे कम मूल्यांकन रिपोर्ट में 10 प्रतिशत वृद्धि कर दर तय करने का प्रावधान शामिल है, जिससे पावर ग्रिड और बिजली विभाग को मनमानी करने का अवसर मिल रहा है। किसानों ने इसे असंवैधानिक बताते हुए तुरंत निरस्त करने की मांग की।
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भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले लंबे समय से इसका विरोध किया जा रहा है। किसानों ने कहा कि 2025 में लागू मुआवजा नीति से कुछ राहत मिली थी, लेकिन नए संशोधन ने फिर से उनकी चिंताएं बढ़ा दी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संशोधित नियमों से किसान अपने वास्तविक बाजार मूल्य से वंचित हो रहे हैं और प्रशासनिक प्रक्रिया को अत्यधिक प्रभावशाली बनाया गया है।
इस दौरान भारतीय किसान यूनियन नेता हरपाल सिंह सुढ़ल ने कहा कि सरकार ने पहले जो ऐतिहासिक मुआवजा नीति लागू की थी, उससे कई जिलों में किसानों को लाभ मिला था, लेकिन नया संशोधन किसानों के अधिकारों को कमजोर कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया तो प्रदेशस्तरीय आंदोलन शुरू किया जाएगा और हाईटेंशन लाइन परियोजनाओं का विरोध तेज किया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान कृष्णपाल सुढ़ल, राजेश दहिया, मोंटी सरावां, संजू सरावां, रोहित, दलवीर, प्रिंस, अधिवक्ता साहब सिंह गुर्जर, बलबीर सिंह हरिपुर सहित मौजूद रहे। किसानों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।
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