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उपज का भंडारण कर आय बढ़ाएं किसान : डॉ. रावल
Thu, 23 Nov 2023 02:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 23 Nov 2023 02:00 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। कृषि विज्ञान केंद्र दामला की ओर से कृषि उत्पादन भंडारण प्रणाली पर किसानों, व्यापारियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। केंद्र के मुख्य समन्वयक डॉ. संदीप रावल ने किसानों को उच्च क्षमता भंडारण विकसित कर आमदनी बढ़ाने का संदेश दिया।
उन्होंने बताया कि उचित तकनीकी जानकारी से किसान फसल का उचित मूल्य भी प्राप्त कर सकता है, क्योंकि जब कृषि उत्पादन भारी मात्रा में एक साथ बाजार में उतरता है तो मांग से ज्यादा आवक होने पर कीमत में गिरावट आ जाती है। भंडारित किया कृषि उत्पाद समय बीतने पर उचित मूल्य प्रदान करता है, जिससे किसानों को लाभ होता है।
राष्ट्रीय विपणन संस्थान जयपुर के सलाहकार सांखला ने बताया कि वर्तमान में अधिकांश किसान खेत की उपज बढ़ाने पर अधिक ध्यान देते हैं। बाजार में उपज की अच्छी कीमत के लिए संघर्ष करना पड़ता है। इसके पीछे बड़ी वजह कृषि उत्पादों के भंडारण के लिए संस्थागत संसाधनों का अभाव होना है।
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भंडारण तकनीकी को किसानों तक पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय विपणन संस्थान की ओर से उचित कदम उठाए जा रहे हैं। इसके लिए किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र करनाल से डॉ. महा सिंह ने फसलों व भंडारण के रखरखाव व कीट व बीमारियों और उनके समाधान सहित भंडारण भूमिका और भंडारण प्रबंधन के लाभ व विशेषताएं बताई। कार्यक्रम में केंद्र के सलाहकार डॉ. एनके गोयल व प्रशिक्षण सहायक डॉ. करण सैनी ने भी किसानोें को जागरूक किया।
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रादौर। कृषि विज्ञान केंद्र दामला की ओर से कृषि उत्पादन भंडारण प्रणाली पर किसानों, व्यापारियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। केंद्र के मुख्य समन्वयक डॉ. संदीप रावल ने किसानों को उच्च क्षमता भंडारण विकसित कर आमदनी बढ़ाने का संदेश दिया।
उन्होंने बताया कि उचित तकनीकी जानकारी से किसान फसल का उचित मूल्य भी प्राप्त कर सकता है, क्योंकि जब कृषि उत्पादन भारी मात्रा में एक साथ बाजार में उतरता है तो मांग से ज्यादा आवक होने पर कीमत में गिरावट आ जाती है। भंडारित किया कृषि उत्पाद समय बीतने पर उचित मूल्य प्रदान करता है, जिससे किसानों को लाभ होता है।
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राष्ट्रीय विपणन संस्थान जयपुर के सलाहकार सांखला ने बताया कि वर्तमान में अधिकांश किसान खेत की उपज बढ़ाने पर अधिक ध्यान देते हैं। बाजार में उपज की अच्छी कीमत के लिए संघर्ष करना पड़ता है। इसके पीछे बड़ी वजह कृषि उत्पादों के भंडारण के लिए संस्थागत संसाधनों का अभाव होना है।
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भंडारण तकनीकी को किसानों तक पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय विपणन संस्थान की ओर से उचित कदम उठाए जा रहे हैं। इसके लिए किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र करनाल से डॉ. महा सिंह ने फसलों व भंडारण के रखरखाव व कीट व बीमारियों और उनके समाधान सहित भंडारण भूमिका और भंडारण प्रबंधन के लाभ व विशेषताएं बताई। कार्यक्रम में केंद्र के सलाहकार डॉ. एनके गोयल व प्रशिक्षण सहायक डॉ. करण सैनी ने भी किसानोें को जागरूक किया।