{"_id":"60a172448ebc3ef633114a75","slug":"farmers-blocked-chandigarh-haridwar-road-yamunanagar-yamuna-nagar-news-knl70147311","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों ने चंडीगढ़-हरिद्वार मार्ग किया जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों ने चंडीगढ़-हरिद्वार मार्ग किया जाम
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
यमुनानगर। हिसार में किसानों नेताओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में आंदोलनकारी किसान सड़क पर उतर आए। चंडीगढ़-हरिद्वार नेशनल हाइवे पर कैल क्रॉसिंग के पास किसानों ने जाम लगा दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाज की। किसानों ने शाम को साढ़े पांच बजे से साढ़े सात बजे तक जाम लगाया।
भाकियू टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि राज्य सरकार किसानों का दमन करना चाहती है। पिछले साल नवंबर में पंजाब से दिल्ली कूच कर रहे किसानों के रास्ते में अवरोध पैदा किए। पानी की बौछार की गई, लेकिन किसानों ने दिल्ली बॉर्डर पर जाकर ही दम लिया। तब से लेकर अब तक सरकार लगातार किसानों पर अत्याचार कर रही है। हिसार में पुलिस ने किसानों पर लाठियां बरसाईं, जिसमें बड़ी संख्या में किसान जख्मी हुई हैं। वहीं पुलिस ने तई किसानों को अपनी हिरासत में ले लिया है। उन्होंने कहा कि सोमवार को 11 बजे से जिले के सभी पुलिस थानों का घेराव किया जाएगा। यह घेराव कब खत्म होगा, इसका फैसला बाद में लिया जाएगा।
वहीं चढूनी गुट के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ किसान कुर्बानी देने के लिए घर से सिर पर कफन बांध कर निकले हैं। सरकार की कोई भी कार्रवाई का हम शांति के साथ जवाब देंगे। किसान हिंसा के खिलाफ हैं, लेकिन सरकार किसानों को उकसाने का काम कर रही है। अपने हक के लिए हम यह लड़ाई अंतिम सांस पर लड़ेंगे और देशभर के किसान एकजुट हैं। सरकार को कृषि कानून वापस लेने ही होंगे। इस दौरान जरनैल सिंह सांगवान, मोहनलाल मुंडाखेड़ा, करणवीर सलेमपुर, उधम सिंह कुंजल, कृष्णपाल, कश्मीरी लाल सैनी, संजू साढौरा, सरदार गुरबीर सिंह, अनिल संधू, राजीव तेजली, दीपक सांगवान समेत काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन
वाहन चालक रहे परेशान
जाम के चलते चंडीगढ़-हरिद्वार हाइवे पर सैकड़ों की संख्या में वाहन फंस गए। इनमें ज्यादातर इंटर स्टेट मूवमेंट पास लेकर जरूरी काम से आने जाने वाले लोग शामिल रहे। हालांकि लॉक डाउन के चलते वाहनों की संख्या कम ही रही। इसके बावजूद दोनों तरफ सैकड़ों वाहन फंसे रहे। काफी संख्या में लोगों ने संपर्क मार्गों का प्रयोग किया। शाम को साढ़े सात बजे के बाद यातायात सामान्य हो गया।
विज्ञापन
यमुनानगर। हिसार में किसानों नेताओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में आंदोलनकारी किसान सड़क पर उतर आए। चंडीगढ़-हरिद्वार नेशनल हाइवे पर कैल क्रॉसिंग के पास किसानों ने जाम लगा दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाज की। किसानों ने शाम को साढ़े पांच बजे से साढ़े सात बजे तक जाम लगाया।
भाकियू टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि राज्य सरकार किसानों का दमन करना चाहती है। पिछले साल नवंबर में पंजाब से दिल्ली कूच कर रहे किसानों के रास्ते में अवरोध पैदा किए। पानी की बौछार की गई, लेकिन किसानों ने दिल्ली बॉर्डर पर जाकर ही दम लिया। तब से लेकर अब तक सरकार लगातार किसानों पर अत्याचार कर रही है। हिसार में पुलिस ने किसानों पर लाठियां बरसाईं, जिसमें बड़ी संख्या में किसान जख्मी हुई हैं। वहीं पुलिस ने तई किसानों को अपनी हिरासत में ले लिया है। उन्होंने कहा कि सोमवार को 11 बजे से जिले के सभी पुलिस थानों का घेराव किया जाएगा। यह घेराव कब खत्म होगा, इसका फैसला बाद में लिया जाएगा।
विज्ञापन
वहीं चढूनी गुट के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ किसान कुर्बानी देने के लिए घर से सिर पर कफन बांध कर निकले हैं। सरकार की कोई भी कार्रवाई का हम शांति के साथ जवाब देंगे। किसान हिंसा के खिलाफ हैं, लेकिन सरकार किसानों को उकसाने का काम कर रही है। अपने हक के लिए हम यह लड़ाई अंतिम सांस पर लड़ेंगे और देशभर के किसान एकजुट हैं। सरकार को कृषि कानून वापस लेने ही होंगे। इस दौरान जरनैल सिंह सांगवान, मोहनलाल मुंडाखेड़ा, करणवीर सलेमपुर, उधम सिंह कुंजल, कृष्णपाल, कश्मीरी लाल सैनी, संजू साढौरा, सरदार गुरबीर सिंह, अनिल संधू, राजीव तेजली, दीपक सांगवान समेत काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन
वाहन चालक रहे परेशान
जाम के चलते चंडीगढ़-हरिद्वार हाइवे पर सैकड़ों की संख्या में वाहन फंस गए। इनमें ज्यादातर इंटर स्टेट मूवमेंट पास लेकर जरूरी काम से आने जाने वाले लोग शामिल रहे। हालांकि लॉक डाउन के चलते वाहनों की संख्या कम ही रही। इसके बावजूद दोनों तरफ सैकड़ों वाहन फंसे रहे। काफी संख्या में लोगों ने संपर्क मार्गों का प्रयोग किया। शाम को साढ़े सात बजे के बाद यातायात सामान्य हो गया।