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ई-चालान का लिंक खोलने मेें बरतें सावधानी : एसपी
Sat, 07 Feb 2026 12:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 07 Feb 2026 12:22 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बढ़ते साइबर अपराधों पर एसपी कमलदीप गोयल ने आमजन के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी फर्जी ट्रैफिक ई-चालान की वेबसाइट बनाकर लिंक भेज रहे हैं। ऐसे लिंक पर क्लिक करना भारी पड़ सकता है।
एसपी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति गलती से ई-चालान भरने के लिए नकली वेबसाइट पर क्लिक कर देता है, तो वह सीधे साइबर अपराधियों के जाल में फंस सकता है। इससे ट्रैफिक चालान निपटाने की बजाय ठगी का शिकार होकर साइबर अपराधियों को भुगतान करना पड़ सकता है।
साइबर ठग लोगों को गुमराह करने के लिए ऐसे संदेश भेज रहे हैं, जिनमें लिखा होता है, आपका चालान नंबर, वाहन पंजीकरण संख्या, चालान राशि 500 रुपये। इन संदेशों के साथ एक लिंक दिया जाता है, जो दिखने में असली लगता है, लेकिन वास्तव में वह फर्जी वेबसाइट होती है। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी ठगी के लिए https://echal-lanparivahan.in/ जैसी फर्जी वेबसाइट का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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ट्रैफिक ई-चालान की आधिकारिक वेबसाइट https://echallan.parivahan.gov.in/ है। ठग लोगों का भरोसा जीतने के लिए संदेश को पूरी तरह वास्तविक रूप में तैयार करते हैं। एसपी गोयल ने कहा कि किसी भी प्रकार की वित्तीय या ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं।
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यमुनानगर। बढ़ते साइबर अपराधों पर एसपी कमलदीप गोयल ने आमजन के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी फर्जी ट्रैफिक ई-चालान की वेबसाइट बनाकर लिंक भेज रहे हैं। ऐसे लिंक पर क्लिक करना भारी पड़ सकता है।
एसपी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति गलती से ई-चालान भरने के लिए नकली वेबसाइट पर क्लिक कर देता है, तो वह सीधे साइबर अपराधियों के जाल में फंस सकता है। इससे ट्रैफिक चालान निपटाने की बजाय ठगी का शिकार होकर साइबर अपराधियों को भुगतान करना पड़ सकता है।
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साइबर ठग लोगों को गुमराह करने के लिए ऐसे संदेश भेज रहे हैं, जिनमें लिखा होता है, आपका चालान नंबर, वाहन पंजीकरण संख्या, चालान राशि 500 रुपये। इन संदेशों के साथ एक लिंक दिया जाता है, जो दिखने में असली लगता है, लेकिन वास्तव में वह फर्जी वेबसाइट होती है। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी ठगी के लिए https://echal-lanparivahan.in/ जैसी फर्जी वेबसाइट का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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ट्रैफिक ई-चालान की आधिकारिक वेबसाइट https://echallan.parivahan.gov.in/ है। ठग लोगों का भरोसा जीतने के लिए संदेश को पूरी तरह वास्तविक रूप में तैयार करते हैं। एसपी गोयल ने कहा कि किसी भी प्रकार की वित्तीय या ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं।