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डिप्टी सिविल सर्जन पर थप्पड़ मारने का आरोप, घटना के पांच दिन बाद धरने पर बैठे कर्मचारी
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सिविल सर्जन कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों से बात करे चौकी प्रभारी।
- फोटो : Yamuna Nagar
यमुनानगर। मुकंद लाल सिविल अस्पताल यमुनानगर में कार्यरत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के जिला कोऑर्डिनेटर संदीप शर्मा ने डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. संजय राठी पर थप्पड़ मारने और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। घटना शनिवार की है। कर्मचारी ने शर्मिंदगी की बात कहते हुए इस बारे में किसी को नहीं बताया। वीरवार को जब कर्मचारियों को इसका पता चला तो उन्होंने अस्पताल परिसर में ही नारेबाजी कर दी और धरने पर बैठ गए। सिविल सर्जन से बातचीत के बाद डॉ. संजय राठी ने कर्मचारियों से माफी मांगी। इसके बाद कर्मचारी शांत हुए और काम पर लौट गए। वहीं डॉ. संजय राठी ने कहा कि उन्होंने किसी को थप्पड़ नहीं मारा। वह सोनीपत क्षेत्र से हैं। हो सकता है कि उनके बोलने के लहजे को कर्मचारी ने दूसरे नजरिए से देखा हो।
नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत संदीप शर्मा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में बतौर जिला कोऑर्डिनेटर लगे हुए हैं। सात माह पहले ही उनकी ज्वाइनिंग हुई है। संदीप का कहना है कि काफी समय से डॉ. संजय राठी उनके साथ अभद्र व्यवहार कर रहे थे। पहले उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। बाद में उनकी अभद्रता बढ़ गई और वह गालियां देने लगे। शनिवार को पहले उन्होंने गालियां दी। बाद में अचानक से थप्पड़ मारने लगे। उस समय किसी को शर्मिंदगी की वजह से नहीं बताया। अब फिर से वह अभद्रता करने लगे। जिस पर मामले का पता अन्य कर्मियों को लगा।
एनएचएम कर्मचारियों ने इस घटना का विरोध करते हुए धरना शुरू कर दिया। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश संगठन मंत्री विजय कांबोज ने कहा कि अभद्रता करना गलत है। यह बर्दाश्त नहीं होगा। इस दौरान पुलिस भी पहुंची और कर्मचारियों को सिविल सर्जन कार्यालय के आगे से हटने की बात कही, लेकिन कर्मचारी वहां से नहीं हटे। कहा कि जब तक सिविल सर्जन के सामने बात नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा। इस दौरान सूरजभान, नीतीश, अरूण, सुशील गर्ग, सुनीता, सोहन, अंजू वर्मा, दिनेश भी मौजूद रहे। इस संबंध में रामपुरा चौकी इंचार्ज जगदीश चंद्र का कहना है कि अस्पताल में कर्मचारियों के हंगामे की सूचना पर वह पहुंचे थे। कर्मचारी संदीप शर्मा ने डिप्टी सिविल सर्जन पर आरोप लगाए हैं। यदि कोई शिकायत मिलती है, तो कार्रवाई की जाएगी।
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वर्जन
मामला संज्ञान में आने के बाद डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. संजय राठी और कर्मचारियों को बातचीत के लिए बुलाया था। डिप्टी सिविल सर्जन ने कर्मचारी से माफी मांग ली है। इसके बाद मामला निपट गया। कर्मचारियों को भी समझाया गया है कि वह अपनी ड्यूटी गंभीरता से करें।
-डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन, यमुनानगर।
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नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत संदीप शर्मा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में बतौर जिला कोऑर्डिनेटर लगे हुए हैं। सात माह पहले ही उनकी ज्वाइनिंग हुई है। संदीप का कहना है कि काफी समय से डॉ. संजय राठी उनके साथ अभद्र व्यवहार कर रहे थे। पहले उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। बाद में उनकी अभद्रता बढ़ गई और वह गालियां देने लगे। शनिवार को पहले उन्होंने गालियां दी। बाद में अचानक से थप्पड़ मारने लगे। उस समय किसी को शर्मिंदगी की वजह से नहीं बताया। अब फिर से वह अभद्रता करने लगे। जिस पर मामले का पता अन्य कर्मियों को लगा।
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एनएचएम कर्मचारियों ने इस घटना का विरोध करते हुए धरना शुरू कर दिया। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश संगठन मंत्री विजय कांबोज ने कहा कि अभद्रता करना गलत है। यह बर्दाश्त नहीं होगा। इस दौरान पुलिस भी पहुंची और कर्मचारियों को सिविल सर्जन कार्यालय के आगे से हटने की बात कही, लेकिन कर्मचारी वहां से नहीं हटे। कहा कि जब तक सिविल सर्जन के सामने बात नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा। इस दौरान सूरजभान, नीतीश, अरूण, सुशील गर्ग, सुनीता, सोहन, अंजू वर्मा, दिनेश भी मौजूद रहे। इस संबंध में रामपुरा चौकी इंचार्ज जगदीश चंद्र का कहना है कि अस्पताल में कर्मचारियों के हंगामे की सूचना पर वह पहुंचे थे। कर्मचारी संदीप शर्मा ने डिप्टी सिविल सर्जन पर आरोप लगाए हैं। यदि कोई शिकायत मिलती है, तो कार्रवाई की जाएगी।
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मामला संज्ञान में आने के बाद डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. संजय राठी और कर्मचारियों को बातचीत के लिए बुलाया था। डिप्टी सिविल सर्जन ने कर्मचारी से माफी मांग ली है। इसके बाद मामला निपट गया। कर्मचारियों को भी समझाया गया है कि वह अपनी ड्यूटी गंभीरता से करें।
-डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन, यमुनानगर।