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Yamuna Nagar News: 15 दिन में दूर करें 20 ब्लैक स्पाॅट की खामियां
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जिला सचिवालय में रोड सेफ्टी की बैठक लेते डीसी पार्थ गुप्ता। संवाद
यमुनानगर। रोड सेफ्टी की बैठक जिला सचिवालय में डीसी पार्थ गुप्ता की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई। इसमें चिह्नित 20 ब्लैक स्पॉट (जहां हादसे अधिक होते हैं) स्थल पर खामियाें को दूर करने के निर्देश सभी एसडीएम को दिया। इसके लिए 15 दिन का वक्त भी तय कर दिया। वहीं कुछ काम ऐसे हैं भी जिन्हें पूरा करने के लिए अधिक बजट चाहिए। ऐसी कमियों को दूर करने में थोड़ा समय लग सकता है।
पिछले दिनों हुई बैठक में जिन 20 ब्लैक स्पॉट की लिस्ट अधिकारियों को दी गई थी उनका निरीक्षण करने के बाद सभी एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी। रिपोर्ट में सभी ने मुख्य सड़क से लगने वाले लिंक मार्गों पर स्पीड ब्रेकर बनवाना, कैटआई, ब्लिंकर, अवैध कट को बंद करना, सड़कों की मरम्मत, साइन बोर्ड लगाने, स्ट्रीट लाइट, ट्रैफिक कंट्रोल लाइट लगाने की सिफारिशें की हैं।
डीसी ने बताया कि हादसों के आंकड़ों की पड़ताल में पाया गया कि 10 फीसदी हादसे बढ़े हैं। इस पर चिंता जताते हुए डीसी ने तेजी से ब्लैक स्पॉट की कमियों को दूर करने को कहा ताकि अगली बार हादसों का ग्राफ नीचे जा सके। डीसी ने यह भी माना कि शहर की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बहुत ज्यादा है। उन्हें भी ऑफिस से निकलते वक्त सड़क पर चढ़ने में ही सात से आठ मिनट लग जाते हैं। आरटीए सचिव हैरतजीत कौर ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। वहीं एडीसी नवीन आहूजा ने भी बैठक में कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
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महाराणा प्रताप चौक पर दो साल में हादसों में 27 की मौत ः रोड सेफ्टी की बैठक में सबसे ज्यादा महाराणा प्रताप चौक (पुराना नाम कमानी चौक) से रेलवे बाईपास के बीच हो रहे हादसों पर अधिकारियों से सवाल जवाब हुए। इस जगह पर 2022 से 2024 तक कुल 51 सड़क हादसे हुए, जिनमें 27 लोगों की जान गई। गत माह ही इसी जगह सात साल के रॉय को डंपर ने कुचल दिया था। इसके बाद एक और व्यक्ति की जान यहां चली गई। एसडीएम जगाधरी सोनू राम ने अपनी रिपोर्ट देते हुए कहा कि आरओबी से पहले डिवाइडर तक जो रेलिंग लगाई गई है उसे ऊंचा उठाया जाए। यहां पर स्पीड ब्रेकर बनाने व रात को रोशनी के लिए स्ट्रीट लाइट लगाने की भी सिफारिश की गई। आरओबी के नीचे बंद पड़े अंडरपास को खोलने के लिए भी जरूरत है।
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पिछले दिनों हुई बैठक में जिन 20 ब्लैक स्पॉट की लिस्ट अधिकारियों को दी गई थी उनका निरीक्षण करने के बाद सभी एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी। रिपोर्ट में सभी ने मुख्य सड़क से लगने वाले लिंक मार्गों पर स्पीड ब्रेकर बनवाना, कैटआई, ब्लिंकर, अवैध कट को बंद करना, सड़कों की मरम्मत, साइन बोर्ड लगाने, स्ट्रीट लाइट, ट्रैफिक कंट्रोल लाइट लगाने की सिफारिशें की हैं।
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डीसी ने बताया कि हादसों के आंकड़ों की पड़ताल में पाया गया कि 10 फीसदी हादसे बढ़े हैं। इस पर चिंता जताते हुए डीसी ने तेजी से ब्लैक स्पॉट की कमियों को दूर करने को कहा ताकि अगली बार हादसों का ग्राफ नीचे जा सके। डीसी ने यह भी माना कि शहर की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बहुत ज्यादा है। उन्हें भी ऑफिस से निकलते वक्त सड़क पर चढ़ने में ही सात से आठ मिनट लग जाते हैं। आरटीए सचिव हैरतजीत कौर ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। वहीं एडीसी नवीन आहूजा ने भी बैठक में कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
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महाराणा प्रताप चौक पर दो साल में हादसों में 27 की मौत ः रोड सेफ्टी की बैठक में सबसे ज्यादा महाराणा प्रताप चौक (पुराना नाम कमानी चौक) से रेलवे बाईपास के बीच हो रहे हादसों पर अधिकारियों से सवाल जवाब हुए। इस जगह पर 2022 से 2024 तक कुल 51 सड़क हादसे हुए, जिनमें 27 लोगों की जान गई। गत माह ही इसी जगह सात साल के रॉय को डंपर ने कुचल दिया था। इसके बाद एक और व्यक्ति की जान यहां चली गई। एसडीएम जगाधरी सोनू राम ने अपनी रिपोर्ट देते हुए कहा कि आरओबी से पहले डिवाइडर तक जो रेलिंग लगाई गई है उसे ऊंचा उठाया जाए। यहां पर स्पीड ब्रेकर बनाने व रात को रोशनी के लिए स्ट्रीट लाइट लगाने की भी सिफारिश की गई। आरओबी के नीचे बंद पड़े अंडरपास को खोलने के लिए भी जरूरत है।