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Yamuna Nagar News: विभाग की लापरवाही से सुघ का प्राचीन टीला बन गया कब्रिस्तान

Fri, 16 May 2025 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 16 May 2025 12:52 AM IST
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Due to the negligence of the department, the ancient mound of Sugh became a graveyard
सुरेश सैनी
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यमुनानगर। जिला मुख्यालय से करीब 10 किमी दूर सुघ गांव में बना प्राचीन टीला पुरातत्व विभाग की लापरवाही के कारण खतरे में पड़ गया है। इस जगह की सुरक्षा व विकास होना तो दूर, विभागीय अफसरों ने यहां का सर्वे कर इतिश्री ही कर ली। इसी अनदेखी के चलते अब यहां शव दफनाए जा रहे हैं, नियमानुसार इस जमीन पर किसी प्रकार की कोई गतिविधि नहीं हो सकती। यहां तक इस टीले पर पांच से छह सती स्मारक भी बने हैं, वे भी जर्जर अवस्था में है।
पुरातत्व विभाग ने टोपरा कलां, सुघ और संधाय गांव की भूमि में समाई अमूल्य ऐतिहासिक बौद्ध विरासत को धरातल पर लाने के लिए बीती 25 जनवरी को कानपुर की भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (आईआईटी) टीम द्वारा सर्वे कराया गया था। इस दौरान पुरातत्व विभाग की टीम भी साथ रही। हैरत तब हो गई विभाग ने जब सुघ का सर्वे किया तब भी पुरातत्व के अधीन इस जमीन पर बने कब्रिस्तान या अन्य जगह पर हो अतिक्रमण पर कोई एक्शन नहीं लिया गया। बता दें यह टीला अमादलपुर दयालगढ़ गांव के पास स्थित है। टीले की परिधि लगभग 5 किमी है और यह यमुना नदी के बाढ़ क्षेत्र के पश्चिमी तट पर स्थित है। संवाद
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गड्ढों के बाद पता चला था तीन कालखंडों का
प्राचीन सुघ का स्थान वर्तमान में ग्राम अमादलपुर के अधिकार क्षेत्र में स्थित है। इस टीले की खुदाई पंजाब विश्वविद्यालय के डाॅ. सूरज भान ने की थी और आगे की खुदाई हरियाणा सरकार के पुरातत्व और संग्रहालय विभाग के डीएस मलिक और एम. अचार्य ने की थी। उत्खनन के दौरान व्यवसाय के तीन कालखंडों का पता चला। यहां से चित्रित धूसर मृदभांड, टेराकोटा, मानवकृतियां और प्राचीन सिक्के मिले थे।
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लोगों ने वहां कब्रिस्तान बनाया है। पुरातत्व विभाग की इस भूमि का इस तरह प्रयोग नहीं कर सकते। हमने इस भूमि की सुरक्षा के लिए स्थानीय प्रशासन को लिखा है। - बिनानी भट्टाचार्य, उप निदेशक पुरातत्व विभाग।
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