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डेंगू के डंक ने 234 को किया संक्रमित, लोगों में दहशत
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यमुनानगर। जिला में डेंगू का डंक कम होने का नाम ले रहा है। डेंगू का डंक अब तक 234 को संक्रमित कर चुका है। लगातार बढ़ रहे डेंगू के मरीजों के चलते लोगों में भी काफी दहशत बनी हुई है। वहीं जिले के निजी अस्पतालों में मरीजों की लाइन लगी हुई है।
इसके विपरीत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी डेंगू समाप्त होने का दावा कर रहे हैं। जबकि मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। एक सप्ताह में डेंगू के मरीजों में 60 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। जिले में डेंगू मरीजों की संख्या सवा दो सौ के पार हो गई है। एक सप्ताह पहले जहां मरीजों की संख्या 172 थी, वहीं अब इनकी संख्या 234 हो गई है।
वीरवार को मिले दस नये केस
वीरवार को भी जिले में दस डेंगू मरीज मिले हैं। डेंगू के प्रकोप का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सरकारी अस्पताल में कर्मचारी टेस्टिंग किट खत्म होने की बात कह रहे हैं। ऐसे में लोगों को बीमारी के साथ लाचारी का दंश भी भोगना पड़ रहा है। जबकि स्वास्थ्य विभाग इन सभी दावों को मानने से इनकार कर रहा है। विभाग का कहना है कि डेंगू का समाप्त हो चुका है, लेकिन मरीज बढ़ने के दावों पर अधिकारी चुपी साध लेते हैं। यदि निजी अस्पतालों के आंकड़ों की बात करें तो जिले में डेंगू पीड़ितों की संख्या दो हजार के पार हो गई है। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डेंगू से अभी तक कोई मौत नहीं हुई है, जबकि जिले में करीब डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों की ऐसे बुखार से मौत हो चुकी हैं। परिजनों का दावा है सदस्यों का निजी अस्पताल में डेंगू का इलाज चल रहा था और उनकी मौत भी डेंगू से हुई है।
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पीजीआई में महिला की मौत
साढौरा के मोहल्ला खारी कुंई निवासी 38 वर्षीया संगीता की पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार के दौरान मौत हो गई है। परिजनों के अनुसार संगीता निजी अस्पताल में भर्ती थी और उसका डेंगू का इलाज चल रहा था। जहां से हालत बिगड़ने पर उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। फूल व्यापारी प्रदीप सैनी ने बताया कि उसकी पत्नी संगीता को 20 दिन से बुखार था। पहले मौसमी असर समझकर दवाई ली, लेकिन कोई आराम नहीं आया। इसके बाद जांच करवाई तो चिकित्सकों ने उसे डेंगू होने की पुष्टि की। इसके बाद उसे उपचार के लिए अंबाला के नारायणगढ़ के सरकारी अस्पताल में लेकर गए। वहां पर दो दिनों तक इलाज चला, लेकिन हालात में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद अंबाला कैंट के सिविल अस्पताल ले आए। जहां से संगीता को पीजीआई रेफर कर दिया गया था। प्रदीप ने बताया कि डेंगू के कारण उसकी किडनी और फेफड़ों में इंफेक्शन हो गया था। जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई। सीएचसी के एसएमओ डॉ. अमरीश मंगला ने बताया कि संगीता की रिपोर्ट मिलने के बाद ही उसकी मौत के कारण का पता चलेगा।
छह हजार 320 घरों में मिला लारवा
स्वास्थ्य विभाग की ओर से घर घर जांच की जा रही है। अब तक जिले में 4,87,732 घरों की जांच की गई हैं। जिसमें से छह हजार 320 घरों में डेंगू के लारवा मिले हैं। इन सभी घरों के मालिकों को नोटिस दिए गए हैं। अधिकांश घरों में कूलर, फ्रिज की ट्रे, छत पर पड़े सामान, गमलों इत्यादि में लारवा मिले हैं। ऐसे स्थानों पर फोगिंग भी करवाई है।
किट खत्म होने से लौट रहे मरीज
सरकारी अस्पताल में डेंगू जांच के लिए पहुंचने वाले लोगों को बैरंग लौटना पड़ है। चूंकि अस्पताल में जांच किट खत्म होने की कर्मचारी बात कह रहे हैं। अस्पताल में पहुंचे लोगों ने जब डेंगू जांच करने के लिए कहा तो लैब मौजूद कर्मचारियों ने किट न होने की बात कही। कर्मचारी कई लोगों को किट न होने की बात कहकर लौट चुके हैं। एक कर्मचारी ने बताया कि अस्पताल में दो दिन से किट नहीं है, इसके लिए अधिकारियों को बता दिया गया है। इसके अलावा उनके हाथ में कुछ नहीं हैं।
वर्जन
अस्पताल में किट की कोई कमी है। लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं, जो भी लोग पहुंचे थे, उनके नमूने लेकर जांच की जा रही है। यदि कर्मचारियों द्वारा लोगों को यह कहा जा रहा है, तो जांच करवा कर कार्रवाई जाएंगी। जिले में डेंगू की स्थिति काबू में है। फिलहाल 234 डेंगू के मरीज मिले हैं। पीजीआई में महिला की मौत की हमें कोई सूचना नहीं मिली है। इसके बारे में पता करवाया जाएगा।
डॉ. वागिश गुटेन, जिला मलेरिया अधिकारी।
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इसके विपरीत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी डेंगू समाप्त होने का दावा कर रहे हैं। जबकि मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। एक सप्ताह में डेंगू के मरीजों में 60 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। जिले में डेंगू मरीजों की संख्या सवा दो सौ के पार हो गई है। एक सप्ताह पहले जहां मरीजों की संख्या 172 थी, वहीं अब इनकी संख्या 234 हो गई है।
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वीरवार को मिले दस नये केस
वीरवार को भी जिले में दस डेंगू मरीज मिले हैं। डेंगू के प्रकोप का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सरकारी अस्पताल में कर्मचारी टेस्टिंग किट खत्म होने की बात कह रहे हैं। ऐसे में लोगों को बीमारी के साथ लाचारी का दंश भी भोगना पड़ रहा है। जबकि स्वास्थ्य विभाग इन सभी दावों को मानने से इनकार कर रहा है। विभाग का कहना है कि डेंगू का समाप्त हो चुका है, लेकिन मरीज बढ़ने के दावों पर अधिकारी चुपी साध लेते हैं। यदि निजी अस्पतालों के आंकड़ों की बात करें तो जिले में डेंगू पीड़ितों की संख्या दो हजार के पार हो गई है। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डेंगू से अभी तक कोई मौत नहीं हुई है, जबकि जिले में करीब डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों की ऐसे बुखार से मौत हो चुकी हैं। परिजनों का दावा है सदस्यों का निजी अस्पताल में डेंगू का इलाज चल रहा था और उनकी मौत भी डेंगू से हुई है।
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पीजीआई में महिला की मौत
साढौरा के मोहल्ला खारी कुंई निवासी 38 वर्षीया संगीता की पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार के दौरान मौत हो गई है। परिजनों के अनुसार संगीता निजी अस्पताल में भर्ती थी और उसका डेंगू का इलाज चल रहा था। जहां से हालत बिगड़ने पर उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। फूल व्यापारी प्रदीप सैनी ने बताया कि उसकी पत्नी संगीता को 20 दिन से बुखार था। पहले मौसमी असर समझकर दवाई ली, लेकिन कोई आराम नहीं आया। इसके बाद जांच करवाई तो चिकित्सकों ने उसे डेंगू होने की पुष्टि की। इसके बाद उसे उपचार के लिए अंबाला के नारायणगढ़ के सरकारी अस्पताल में लेकर गए। वहां पर दो दिनों तक इलाज चला, लेकिन हालात में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद अंबाला कैंट के सिविल अस्पताल ले आए। जहां से संगीता को पीजीआई रेफर कर दिया गया था। प्रदीप ने बताया कि डेंगू के कारण उसकी किडनी और फेफड़ों में इंफेक्शन हो गया था। जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई। सीएचसी के एसएमओ डॉ. अमरीश मंगला ने बताया कि संगीता की रिपोर्ट मिलने के बाद ही उसकी मौत के कारण का पता चलेगा।
छह हजार 320 घरों में मिला लारवा
स्वास्थ्य विभाग की ओर से घर घर जांच की जा रही है। अब तक जिले में 4,87,732 घरों की जांच की गई हैं। जिसमें से छह हजार 320 घरों में डेंगू के लारवा मिले हैं। इन सभी घरों के मालिकों को नोटिस दिए गए हैं। अधिकांश घरों में कूलर, फ्रिज की ट्रे, छत पर पड़े सामान, गमलों इत्यादि में लारवा मिले हैं। ऐसे स्थानों पर फोगिंग भी करवाई है।
किट खत्म होने से लौट रहे मरीज
सरकारी अस्पताल में डेंगू जांच के लिए पहुंचने वाले लोगों को बैरंग लौटना पड़ है। चूंकि अस्पताल में जांच किट खत्म होने की कर्मचारी बात कह रहे हैं। अस्पताल में पहुंचे लोगों ने जब डेंगू जांच करने के लिए कहा तो लैब मौजूद कर्मचारियों ने किट न होने की बात कही। कर्मचारी कई लोगों को किट न होने की बात कहकर लौट चुके हैं। एक कर्मचारी ने बताया कि अस्पताल में दो दिन से किट नहीं है, इसके लिए अधिकारियों को बता दिया गया है। इसके अलावा उनके हाथ में कुछ नहीं हैं।
वर्जन
अस्पताल में किट की कोई कमी है। लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं, जो भी लोग पहुंचे थे, उनके नमूने लेकर जांच की जा रही है। यदि कर्मचारियों द्वारा लोगों को यह कहा जा रहा है, तो जांच करवा कर कार्रवाई जाएंगी। जिले में डेंगू की स्थिति काबू में है। फिलहाल 234 डेंगू के मरीज मिले हैं। पीजीआई में महिला की मौत की हमें कोई सूचना नहीं मिली है। इसके बारे में पता करवाया जाएगा।
डॉ. वागिश गुटेन, जिला मलेरिया अधिकारी।