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Yamuna Nagar News: यूरिया की मांग बढ़ी, कम मिले 90 हजार बैग

Wed, 09 Jul 2025 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Wed, 09 Jul 2025 12:08 AM IST
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Demand for urea increased, 90 thousand bags less available
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। इस बार जून व जुलाई माह में जल्दी बारिश होने से जिले में यूरिया की मांग काफी बढ़ गई है। बारिश की वजह से किसान जल्द से जल्द खेतों में यूरिया डालना चाहते हैं। अचानक मांग बढ़ने से यूरिया की कमी हो गई है। इस बार पिछले साल के बजाय 90,000 बैग (4,050 मीट्रिक टन) यूरिया कम प्राप्त हुआ है।
अब तक कृषि विभाग की ओर से प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) के माध्यम से लगभग दो लाख बैग (9,000 मीट्रिक टन) यूरिया किसानों को वितरित किया जा चुका है। कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक 10 जुलाई तक के यमुनानगर में एक लाख बैग (4,500 मीट्रिक टन) यूरिया पहुंच जाएगा।
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इसमें से 50 प्रतिशत प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के माध्यम से और शेष 50 प्रतिशत निजी डीलरों के माध्यम से किसानों को दिया जाएगा। इस वक्त किसानों को यूरिया की सबसे ज्यादा जरूरत धान की फसल के लिए है। क्योंकि धान की रोपाई का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। जिले में इस बार लगभग 1.80 लाख एकड़ क्षेत्र में धान की रोपाई की गई है।
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जून और जुलाई में समय पर एवं पर्याप्त वर्षा होने के कारण यूरिया की मांग में अचानक वृद्धि हुई है। बारिश होने से खेतों में यूरिया डालने से फसल में फायदा होता है। अधिकारियों के मुताबिक जिले में इस बार लगभग 45,000 एकड़ क्षेत्र में गन्ने की खेती हुई है। वर्तमान अवस्था में गन्ने के लिए अभी यूरिया की ज्यादा आवश्यकता नहीं है।
इसी तरह 12,000 एकड़ में मक्का और 8,000 एकड़ में दलहन व सब्जियों की खेती हो रही है, जिसके लिए वर्तमान में सीमित मात्रा में ही यूरिया की आवश्यकता है। वहीं कृषि योग्य यूरिया की समय-समय पर प्लाईवुड फैक्टरियों में भी तस्करी होती रहती है। इससे किसानों को यूरिया के लिए परेशान होना पड़ता है।

किसानों से अपील है कि फसल की आवश्यकता के अनुसार ही यूरिया की खरीद करें। बेवजह यूरिया का स्टाॅक न करें। जिले में यूरिया आना शुरू हो गया है। मालगाड़ी से रेलवे यार्ड में यूरिया आ चुका है, जिसे ट्रकों में लोड करके गोदामों तक पहुंचाया जा रहा है। मांग को पूरा करने के लिए यूरिया का पर्याप्त प्रबंध किया गया है। - डॉ. आदित्य डबास, कृषि उपनिदेशक, यमुनानगर।
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