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Yamuna Nagar News: जाम में फंस रहे राहगीर, बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था से लोग परेशान
Sat, 25 Apr 2026 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 25 Apr 2026 12:28 AM IST
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शहर के मटका चौक पर जाम खुलवाता पुलिसकर्मी। संवाद
- फोटो : सांकेतिक
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर में अव्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खासकर स्कूल और संस्थानों की छुट्टी के समय मुख्य सड़कों पर हालात बेहद खराब हो जाते हैं। शहर में स्कूल व शिक्षण संस्थानों के मुख्य मुख्य मार्ग पर हर रोज लंबा जाम लगना आम बात बन चुकी है। इससे वाहन सड़कों पर रेंगते नजर आते हैं।
शुक्रवार को स्कूल व संस्थानों की छुट्टी के समय मटका चौक व कन्हैया चौक से लेकर महाराणा प्रताप चौक, संत निश्चल सिंह पब्लिक स्कूल के सामने लोग जाम से जूझते नजर आए। वाहनों की लंबी कतार के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी देर का सामना करना पड़ता है। स्कूलों में अभिभावकों के लिए वाहन पार्किंग नहीं होने के कारण सड़क पर वाहन खड़े हो जाते हैं।
छात्र-छात्राएं और आम नागरिक रोजाना जाम की समस्या से जूझ रहे हैं। हालांकि ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी इन चौराहों पर रहती है, लेकिन इसके बावजूद व्यवस्था में खास सुधार देखने को नहीं मिल रहा। वाहन चालकों का कहना है कि कई बार ट्रैफिक कर्मियों की संख्या कम होती है या फिर वे पूरी तरह से ट्रैफिक को नियंत्रित नहीं कर पाते, जिससे समस्या और बढ़ जाती है।
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स्थानीय लोगों के अनुसार जाम की सबसे बड़ी वजह स्कूलों की अव्यवस्थित पार्किंग और सड़क किनारे किया गया अतिक्रमण है। दुकानदारों की ओर से सड़कों पर सामान फैलाना और वाहन चालकों का मनमाने तरीके से पार्किंग करना यातायात को बाधित करता है। इसके अलावा ऑटो और ई-रिक्शा भी बिना तय स्टैंड के कहीं भी सवारी बैठाने और उतारने लगते हैं, जिससे ट्रैफिक का प्रवाह रुक जाता है।
नागरिकों का कहना है कि प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए ताकि ट्रैफिक सुचारू रूप से संचालित हो सके। इसके साथ ही अवैध पार्किंग पर सख्ती से कार्रवाई करने और सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए नियमित अभियान चलाने की जरूरत है। लोगों का मानना है कि जब तक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक स्थिति में सुधार संभव नहीं है।
कई बार जाम में फंस जाती है एंबुलेंस
शहर में लगने वाले जाम अब आम लोगों के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं के लिए भी बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं। कई बार ट्रैफिक इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहन भी बीच रास्ते में फंस जाते हैं। ऐसे हालात में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो जाता है, जिससे उनकी जान पर खतरा मंडराने लगता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जाम के दौरान वाहन चालक भी रास्ता देने में लापरवाही बरतते हैं। ट्रैफिक व्यवस्था की कमजोरी और अव्यवस्थित पार्किंग इस समस्या को और गंभीर बना रही है, जिससे आपात स्थिति में हालात और बिगड़ जाते हैं।
शहर में केवल स्कूल कॉलेजों की छुट्टी के समय कुछ देर के लिए जाम देखने को मिलता है। जल्द ही स्कूल व कॉलेज प्रशासन के साथ बैठक कर समस्या का समाधान कराया जाएगा। - संदीप कुमार, यातायात प्रभारी
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यमुनानगर। शहर में अव्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खासकर स्कूल और संस्थानों की छुट्टी के समय मुख्य सड़कों पर हालात बेहद खराब हो जाते हैं। शहर में स्कूल व शिक्षण संस्थानों के मुख्य मुख्य मार्ग पर हर रोज लंबा जाम लगना आम बात बन चुकी है। इससे वाहन सड़कों पर रेंगते नजर आते हैं।
शुक्रवार को स्कूल व संस्थानों की छुट्टी के समय मटका चौक व कन्हैया चौक से लेकर महाराणा प्रताप चौक, संत निश्चल सिंह पब्लिक स्कूल के सामने लोग जाम से जूझते नजर आए। वाहनों की लंबी कतार के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी देर का सामना करना पड़ता है। स्कूलों में अभिभावकों के लिए वाहन पार्किंग नहीं होने के कारण सड़क पर वाहन खड़े हो जाते हैं।
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छात्र-छात्राएं और आम नागरिक रोजाना जाम की समस्या से जूझ रहे हैं। हालांकि ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी इन चौराहों पर रहती है, लेकिन इसके बावजूद व्यवस्था में खास सुधार देखने को नहीं मिल रहा। वाहन चालकों का कहना है कि कई बार ट्रैफिक कर्मियों की संख्या कम होती है या फिर वे पूरी तरह से ट्रैफिक को नियंत्रित नहीं कर पाते, जिससे समस्या और बढ़ जाती है।
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स्थानीय लोगों के अनुसार जाम की सबसे बड़ी वजह स्कूलों की अव्यवस्थित पार्किंग और सड़क किनारे किया गया अतिक्रमण है। दुकानदारों की ओर से सड़कों पर सामान फैलाना और वाहन चालकों का मनमाने तरीके से पार्किंग करना यातायात को बाधित करता है। इसके अलावा ऑटो और ई-रिक्शा भी बिना तय स्टैंड के कहीं भी सवारी बैठाने और उतारने लगते हैं, जिससे ट्रैफिक का प्रवाह रुक जाता है।
नागरिकों का कहना है कि प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए ताकि ट्रैफिक सुचारू रूप से संचालित हो सके। इसके साथ ही अवैध पार्किंग पर सख्ती से कार्रवाई करने और सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए नियमित अभियान चलाने की जरूरत है। लोगों का मानना है कि जब तक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक स्थिति में सुधार संभव नहीं है।
कई बार जाम में फंस जाती है एंबुलेंस
शहर में लगने वाले जाम अब आम लोगों के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं के लिए भी बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं। कई बार ट्रैफिक इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहन भी बीच रास्ते में फंस जाते हैं। ऐसे हालात में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो जाता है, जिससे उनकी जान पर खतरा मंडराने लगता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जाम के दौरान वाहन चालक भी रास्ता देने में लापरवाही बरतते हैं। ट्रैफिक व्यवस्था की कमजोरी और अव्यवस्थित पार्किंग इस समस्या को और गंभीर बना रही है, जिससे आपात स्थिति में हालात और बिगड़ जाते हैं।
शहर में केवल स्कूल कॉलेजों की छुट्टी के समय कुछ देर के लिए जाम देखने को मिलता है। जल्द ही स्कूल व कॉलेज प्रशासन के साथ बैठक कर समस्या का समाधान कराया जाएगा। - संदीप कुमार, यातायात प्रभारी

शहर के मटका चौक पर जाम खुलवाता पुलिसकर्मी। संवाद- फोटो : सांकेतिक

शहर के मटका चौक पर जाम खुलवाता पुलिसकर्मी। संवाद- फोटो : सांकेतिक