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Yamuna Nagar News: झोलाछाप की दुकान से प्रतिबंधित दवाएं बरामद
Sun, 20 Oct 2024 02:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 20 Oct 2024 02:43 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। बलौली गांव में सरपंच की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में बैठे एक झोलाछाप डॉक्टर की दुकान पर दबिश दी है। गांव के सरपंच ने प्रशासन को सूचना दी थी। जिस पर टीम बनाकर छापेमारी की गई है। इस दौरान प्रतिबंधित दवाएं बरामद की गईं।
बलौली निवासी श्याम सिंह ने बताया कि गांव में बैठे एक झोलाछाप डॉक्टर बिना किसी लाइसेंस के लोगों को दवाइयां देता है और वह युवाओं को प्रतिबंध दवाइयां की बिक्री भी करता है। सरपंच द्वारा की गई शिकायत पर आधार पर पुलिस प्रशासन में ड्रग कंट्रोल की टीमों ने गांव में छापेमारी कर दुकान पर दवाइयों की जांच की तो पता चला कि गांव में बैठे एक झोलाछाप डॉक्टर जो चार साल से गांव में प्रैक्टिस कर रहा था।
उसके पास कोई लाइसेंस नहीं है। जो दवाइयां वह दुकान में रखकर बेच रहा था, वह सभीप्रतिबंधित है। बिना लाइसेंस व डिग्री के गांव में प्रैक्टिस करना कानूनी जुर्म है। जांच करने पर पाया गया कि काफी दवाइयां ऐसी है जो नशे के लिए सेवन की जा सकती है। ड्रग इंस्पेक्टर बिंदु धीमान ने बताया कि गांव के सरपंच की तरफ से सूचना मिली थी कि गांव में एक व्यक्ति प्रतिबंधित दवाइयां बेच रहा है।
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मौके पर जाकर देखा तो एक दुकान का शटर बंद था और उसमें दवाइयां पाई गई है। दवाइयां की जांच करने पर पता चला है कि कुछ दवाइयां है जो नशे के लिए इस्तेमाल हो सकती है। जांच करने पर यह भी सामने आया है कि यह दुकान बिना लाइसेंस के ही चल रही है इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग को सूचना दे दी गई है।
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छछरौली। बलौली गांव में सरपंच की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में बैठे एक झोलाछाप डॉक्टर की दुकान पर दबिश दी है। गांव के सरपंच ने प्रशासन को सूचना दी थी। जिस पर टीम बनाकर छापेमारी की गई है। इस दौरान प्रतिबंधित दवाएं बरामद की गईं।
बलौली निवासी श्याम सिंह ने बताया कि गांव में बैठे एक झोलाछाप डॉक्टर बिना किसी लाइसेंस के लोगों को दवाइयां देता है और वह युवाओं को प्रतिबंध दवाइयां की बिक्री भी करता है। सरपंच द्वारा की गई शिकायत पर आधार पर पुलिस प्रशासन में ड्रग कंट्रोल की टीमों ने गांव में छापेमारी कर दुकान पर दवाइयों की जांच की तो पता चला कि गांव में बैठे एक झोलाछाप डॉक्टर जो चार साल से गांव में प्रैक्टिस कर रहा था।
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उसके पास कोई लाइसेंस नहीं है। जो दवाइयां वह दुकान में रखकर बेच रहा था, वह सभीप्रतिबंधित है। बिना लाइसेंस व डिग्री के गांव में प्रैक्टिस करना कानूनी जुर्म है। जांच करने पर पाया गया कि काफी दवाइयां ऐसी है जो नशे के लिए सेवन की जा सकती है। ड्रग इंस्पेक्टर बिंदु धीमान ने बताया कि गांव के सरपंच की तरफ से सूचना मिली थी कि गांव में एक व्यक्ति प्रतिबंधित दवाइयां बेच रहा है।
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मौके पर जाकर देखा तो एक दुकान का शटर बंद था और उसमें दवाइयां पाई गई है। दवाइयां की जांच करने पर पता चला है कि कुछ दवाइयां है जो नशे के लिए इस्तेमाल हो सकती है। जांच करने पर यह भी सामने आया है कि यह दुकान बिना लाइसेंस के ही चल रही है इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग को सूचना दे दी गई है।