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Yamuna Nagar News: गुलजार हो रहा कृत्रिम फूलों का कारोबार

Mon, 27 Jul 2026 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Mon, 27 Jul 2026 01:02 AM IST
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Artificial flower business is booming
शादी समारोह के लिए सजाया गया पैलेस का मुख्य द्वार। संवाद
अशोक कुमार
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यमुनानगर। जिले में वर्षों से प्राकृतिक फूलों का कारोबार करने वाले करीब 150 फूल विक्रेताओं की आजीविका पर संकट गहराने लगा है। कभी रोजाना करीब पांच लाख रुपये का कारोबार करने वाले इन कारोबारियों का कारोबार अब घटकर करीब दो लाख रुपये प्रतिदिन रह गया है। इसकी मुख्य वजह घरों, होटलों, कार्यालयों और विवाह समारोहों की सजावट में आर्टिफिशियल फूलों का तेजी से बढ़ता उपयोग है।

शहर के फ्लावर वैली के संचालक सुनील कुमार ने बताया कि कुछ वर्ष पहले तक लगभग हर बड़े आयोजन में ताजे फूलों की मांग रहती थी, लेकिन अब ग्राहक ऐसे फूल खरीदना पसंद कर रहे हैं जिन्हें एक बार खरीदने के बाद कई बार इस्तेमाल किया जा सके। इससे लोगों का खर्च भी कम होता है और बार-बार फूल खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती।
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फ्लावर स्टूडियो के संचालक अमन ने बताया कि सितंबर से फरवरी तक विवाह समारोहों के सीजन में पहले ताजे फूलों की भारी मांग रहती थी। अब ग्राहकों की पसंद बदलने के कारण दुकानों में विभिन्न डिजाइन और रंगों के आर्टिफिशियल फूल भी रखने पड़ रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि बदलते बाजार के अनुरूप खुद को ढालना उनकी मजबूरी बन गई है। लंबे समय तक खराब न होने, कम रखरखाव, आकर्षक डिजाइन और बार-बार इस्तेमाल किए जाने के कारण लोग अब आर्टिफिशियल फूलों को अधिक पसंद कर रहे हैं।
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विवाह, सगाई, सालगिरह और अन्य आयोजनों के चलते फ्लोरल डेकोरेशन का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 150 फूल विक्रेता एवं डेकोरेशन प्रतिष्ठान संचालित हैं। शादी सीजन से पहले कारोबारी दिल्ली, गाजियाबाद, गुरुग्राम और चंडीगढ़ की फूल मंडियों से ताजे फूलों की अग्रिम बुकिंग कराते हैं। गुलाब, गेंदा, ऑर्किड, लिली, जरबेरा और रजनीगंधा से होने वाली सजावट की लागत हजारों से लेकर लाखों रुपये तक पहुंच जाती है। संवाद
देशभर की मंडियों से पहुंचते हैं फूल
जिले में फ्लोरल डेकोरेशन के लिए अधिकांश ताजे फूल दिल्ली की गाजीपुर फ्लावर मंडी, गुरुग्राम, चंडीगढ़, गाजियाबाद और पानीपत की थोक मंडियों से मंगाए जाते हैं। गुलाब, गेंदा, रजनीगंधा, ऑर्किड, लिली, कार्नेशन, जरबेरा और मोगरा देश के विभिन्न राज्यों से आते हैं।
घर व कार्यालय की सजावट के लिए आर्टिफिशियल फूल अधिक सुविधाजनक साबित हो रहे हैं। इन्हें रोज बदलने की जरूरत नहीं होती और न ही विशेष देखभाल करनी पड़ती है। - राहुल शर्मा

पहले हर छोटे-बड़े कार्यक्रम में ताजे फूलों का इस्तेमाल होता था, लेकिन अब कृत्रिम फूल कम लागत में बेहतर सजावट का विकल्प बनकर उभरे हैं। - राजीव कुकरेजा
आर्टिफिशियल फूलों को कई वर्षों तक सुरक्षित रखा जा सकता है और जरूरत पड़ने पर दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। ताजे फूल लगातार महंगे होते जा रहे हैं। - सुशील कुमार

शादी समारोह के लिए सजाया गया पैलेस का मुख्य द्वार। संवाद

शादी समारोह के लिए सजाया गया पैलेस का मुख्य द्वार। संवाद

शादी समारोह के लिए सजाया गया पैलेस का मुख्य द्वार। संवाद

शादी समारोह के लिए सजाया गया पैलेस का मुख्य द्वार। संवाद

शादी समारोह के लिए सजाया गया पैलेस का मुख्य द्वार। संवाद

शादी समारोह के लिए सजाया गया पैलेस का मुख्य द्वार। संवाद

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