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Yamuna Nagar News: सेना में हवलदार रविंद्र का देहांत, राजकीय सम्मान से संस्कार
Mon, 28 Apr 2025 12:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 28 Apr 2025 12:18 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जठलाना/रादौर। गांव नाचनौर निवासी 6 राजपूत 10-आरआर बटालियन के हवलदार रविंद्र सिंह राणा का बीमारी के चलते देहांत हो गया। गांव नाचरौन में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
हवलदार रविंद्र सिंह राणा कुछ वर्षों से कश्मीर के डोडा में तैनात थे। रविंद्र सिंह राणा का अंबाला, पंचकूला के बाद दिल्ली के सैनिक अस्पताल में सवा दो माह से इलाज चल रहा था, जहां गंभीर इंफेक्शन के चलते देहांत हो गया। रविवार दोपहर रविंद्र सिंह राणा का पार्थिव शरीर गांव नाचरौन लाया गया। इससे पूर्व त्रिवेणी चौक पर क्षेत्र के लोगों ने नम आंखों से श्रद्धांजलि दी।
अंतिम संस्कार के दौरान अंबाला कैंट से आए 25 सैनिकों ने उन्हें सलामी देकर नमन किया। इस दौरान क्षेत्र के लोग अंतिम विदाई देने पहुंचे। मृतक हवलदार रविंद्र सिंह राणा के ताऊ राजपाल सिंह ने बताया कि भतीजा रविंद्र सिंह वर्ष 2010 में राजपूत रेजिमेंट में भर्ती हुआ था। जो सैनिक के तौर पर डोडा, मेरठ, पुंछ, राजौरी व अन्य स्थानों पर तैनात रहा।
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कुछ वर्ष पहले रविंद्र सिंह को सर्वश्रेष्ठ सैनिक के अवार्ड से सेना द्वारा मेडल देकर सम्मानित किया गया था। परिवार को रविंद्र सिंह पर गर्व है। उनके परिवार के चार सहित गांव से 25 युवा सेना में सेवाएं दे रहे हैं। रविंद्र राणा सेना में युवाओं को शारीरिक प्रशिक्षण देने का काम करते थे। रविंद्र सिंह राणा के पिता तेजपाल सिंह चलने में असमर्थ है। माता राजकुमारी परिवार की देखभाल करने में सहयोग करती है। बड़ी बेटी अनुष्का डीएवी स्कूल रादौर में छठी कक्षा की छात्रा है और सात वर्षीय बेटा भानुप्रताप इसी स्कूल में चौथी कक्षा का छात्र है।
रविंद्र के नाम पर हो गांव का स्टेडियम
गांव के बृजपाल ने रविंद्र राणा के जीवन से जुड़े किस्से साझा किए। बताया कि रविंद्र का खेलों के प्रति गहरा लगाव था। छुट्टियों के दौरान वह गांव के युवाओं को खेल मैदान में अभ्यास कराते थे और सेना में जाने के लिए प्रेरित करते थे। सरकार गांव के स्टेडियम का नाम रविंद्र राणा के नाम पर रखे और उनकी याद में एक स्मारक बनवाए। पूर्व सैनिक अमित राणा ने कहा कि रविंद्र पर पूरे गांव, क्षेत्र और समाज को गर्व है।
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जठलाना/रादौर। गांव नाचनौर निवासी 6 राजपूत 10-आरआर बटालियन के हवलदार रविंद्र सिंह राणा का बीमारी के चलते देहांत हो गया। गांव नाचरौन में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
हवलदार रविंद्र सिंह राणा कुछ वर्षों से कश्मीर के डोडा में तैनात थे। रविंद्र सिंह राणा का अंबाला, पंचकूला के बाद दिल्ली के सैनिक अस्पताल में सवा दो माह से इलाज चल रहा था, जहां गंभीर इंफेक्शन के चलते देहांत हो गया। रविवार दोपहर रविंद्र सिंह राणा का पार्थिव शरीर गांव नाचरौन लाया गया। इससे पूर्व त्रिवेणी चौक पर क्षेत्र के लोगों ने नम आंखों से श्रद्धांजलि दी।
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अंतिम संस्कार के दौरान अंबाला कैंट से आए 25 सैनिकों ने उन्हें सलामी देकर नमन किया। इस दौरान क्षेत्र के लोग अंतिम विदाई देने पहुंचे। मृतक हवलदार रविंद्र सिंह राणा के ताऊ राजपाल सिंह ने बताया कि भतीजा रविंद्र सिंह वर्ष 2010 में राजपूत रेजिमेंट में भर्ती हुआ था। जो सैनिक के तौर पर डोडा, मेरठ, पुंछ, राजौरी व अन्य स्थानों पर तैनात रहा।
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कुछ वर्ष पहले रविंद्र सिंह को सर्वश्रेष्ठ सैनिक के अवार्ड से सेना द्वारा मेडल देकर सम्मानित किया गया था। परिवार को रविंद्र सिंह पर गर्व है। उनके परिवार के चार सहित गांव से 25 युवा सेना में सेवाएं दे रहे हैं। रविंद्र राणा सेना में युवाओं को शारीरिक प्रशिक्षण देने का काम करते थे। रविंद्र सिंह राणा के पिता तेजपाल सिंह चलने में असमर्थ है। माता राजकुमारी परिवार की देखभाल करने में सहयोग करती है। बड़ी बेटी अनुष्का डीएवी स्कूल रादौर में छठी कक्षा की छात्रा है और सात वर्षीय बेटा भानुप्रताप इसी स्कूल में चौथी कक्षा का छात्र है।
रविंद्र के नाम पर हो गांव का स्टेडियम
गांव के बृजपाल ने रविंद्र राणा के जीवन से जुड़े किस्से साझा किए। बताया कि रविंद्र का खेलों के प्रति गहरा लगाव था। छुट्टियों के दौरान वह गांव के युवाओं को खेल मैदान में अभ्यास कराते थे और सेना में जाने के लिए प्रेरित करते थे। सरकार गांव के स्टेडियम का नाम रविंद्र राणा के नाम पर रखे और उनकी याद में एक स्मारक बनवाए। पूर्व सैनिक अमित राणा ने कहा कि रविंद्र पर पूरे गांव, क्षेत्र और समाज को गर्व है।