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आढ़ती ने ब्याज से कर्ज की राशि कर दी चार गुणा, चुकाने में असमर्थ किसान ने की खुदकुशी
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यमुनानगर। आढ़ती का कर्ज न चुका पाने का मानसिक दबाव झेल रहे युवा किसान ने मंगलवार देर रात अपने खेत में जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। मौत से पहले लिखे सुसाइड नोट में किसान ने आढ़ती पर धोखे से उसकी जमीन रहन रखवाने व साढ़े तीन लाख की जगह 14 लाख रुपये का कर्ज बनाने की बात कही है। खेत में बेसुध मिले किसान को परिजन निजी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामला थाना फर्कपुर क्षेत्र के गांव सुढैल का है। 36 वर्षीय किसान काफी दिनों से कर्ज के कारण मानसिक रूप से परेशान था। पुलिस ने मृतक के भाई युद्धवीर सिंह की शिकायत पर आढ़ती और उसके मुंशी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर किया है। पुलिस ने सुसाइड नोट कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सुसाइड नोट में बताया दर्द
रणबीर सिंह ने आत्महत्या से पहले दो पेज का सुसाइड नोट लिखकर जेब में रख लिया था। मौत के बाद कपड़ों की तलाशी लेने पर उसकी जेब से नोट बरामद हुआ। दो पेज के नोट में युवा किसान ने आढ़ती के चंगुल में फंसने से अपनी मौत तक की कहानी लिखी है। बरामद सुसाइड नोट में लिखा है कि मैं रणबीर सिंह। कुछ समय पहले मुझे रुपये की काफी आवश्यकता थी। जिस बारे में उसने आढ़ती बलविंद्र सिंह से बात की। उसने बलविंद्र से सवा तीन लाख रुपये पहले ही ले रखे थे। उसे 25 हजार रुपये और चाहिए थे। रुपये देने के बदले बलविंद्र ने उसे खेत रहन रखने की बात कही। आढ़ती ने विश्वास दिलवाया कि रुपये चुकाने के बाद वह खेत छुड़वा सकता है। इसके लिए उसे एक प्रतिशत की दर से ब्याज देना होगा। रुपये की जरूरत होने के कारण उसने बलविंद्र की बात मान ली और अपनी एक किला जमीन रहन रखने को तैयार हो गया। जिस पर वह दस्तावेज तैयार करवाने कोर्ट गए। यहां पर बलविंद्र सिंह और उसके मुनीम ने उसे बातों में उलझा लिया। उन्होंने कहा कि कागज में 14 लाख रुपये लिखवा लो। जब उसने मना किया तो दोनों ने कहा कि इसमें उसका फायदा है। इसकी क्रेडिट कार्ड इत्यादि में आवश्यकता होती है। उनके कहने पर वह मान गया और 14 लाख रुपये लिख दिए। वहीं आढ़ती ने जितने रुपये लिए हैं उतने ही देकर खेत वापस करने की बात कही, जिस पर उसने यकीन कर लिया। नोट में कहा कि खेत रहन रखते समय एक प्रतिशत ब्याज तय हुआ था। जिसके लिए वह आढ़ती के पास अपनी फसल गिराकर ब्याज उतारने लगा। बावजूद इसके ब्याज उतरने के बजाय चढ़ने लगा। तीन साल से वह रुपये देता आ रहा है, लेकिन उसका कर्ज नहीं उतर रहा। आढ़ती जे फार्म आधी फसल का ही काटता था। वहीं आढ़ती ने कहा कि खेत रहन रखने में सवा लाख रुपये का खर्च आया है, जो उसे ही चुकाना होगा। ब्याज लगातार बढ़ रहा था। आढ़ती चक्रवृद्धि ब्याज लगाने लगा। विभिन्न तरीकों से दो साल में ही रकम दोगुनी कर दी। कुछ समय पहले आढ़ती ने कहा कि 14 लाख रुपये पूरे हो गए हैं, अब खेत उसके नाम कर दें। परंतु उसने आढ़ती से 14 लाख रुपये नहीं लिए। उसने ब्याज लगाकर इतने रुपये बना दिए हैं। सुसाइड नोट में अंत में लिखा है कि आढ़ती व उसके मुनीम की वजह से वह आत्महत्या कर रहा है। इस बात का इंसाफ होना चाहिए। पांच से छह लाख रुपये की फसल भी आढ़ती के पास डाली। इसके बावजूद कर्ज नहीं उतरा और दोगुना कर दिया। जांच अधिकारी एएसआई दल सिंह ने बताया कि सूचना पर पहुंचकर उन्होंने जांच की। शव का कोरोना टेस्ट करवाया, जो निगेटिव मिला, इसके बाद पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
पुलिस ने मौका मुआयना कर शव का पोस्टमार्टम करवा दिया है। मृतक के पास से दो पेज का सुसाइड नोट बरामद हुआ है। जिसमें उसने आढ़ती बलविंद्र और उसके मुनीम पर धोखे से उसकी जमीन रहन रखवाने और कर्ज चार गुणा करने का आरोप लगाया है। मृतक के भाई की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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-दीपचंद, प्रभारी, थाना फर्कपुर।
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सुसाइड नोट में बताया दर्द
रणबीर सिंह ने आत्महत्या से पहले दो पेज का सुसाइड नोट लिखकर जेब में रख लिया था। मौत के बाद कपड़ों की तलाशी लेने पर उसकी जेब से नोट बरामद हुआ। दो पेज के नोट में युवा किसान ने आढ़ती के चंगुल में फंसने से अपनी मौत तक की कहानी लिखी है। बरामद सुसाइड नोट में लिखा है कि मैं रणबीर सिंह। कुछ समय पहले मुझे रुपये की काफी आवश्यकता थी। जिस बारे में उसने आढ़ती बलविंद्र सिंह से बात की। उसने बलविंद्र से सवा तीन लाख रुपये पहले ही ले रखे थे। उसे 25 हजार रुपये और चाहिए थे। रुपये देने के बदले बलविंद्र ने उसे खेत रहन रखने की बात कही। आढ़ती ने विश्वास दिलवाया कि रुपये चुकाने के बाद वह खेत छुड़वा सकता है। इसके लिए उसे एक प्रतिशत की दर से ब्याज देना होगा। रुपये की जरूरत होने के कारण उसने बलविंद्र की बात मान ली और अपनी एक किला जमीन रहन रखने को तैयार हो गया। जिस पर वह दस्तावेज तैयार करवाने कोर्ट गए। यहां पर बलविंद्र सिंह और उसके मुनीम ने उसे बातों में उलझा लिया। उन्होंने कहा कि कागज में 14 लाख रुपये लिखवा लो। जब उसने मना किया तो दोनों ने कहा कि इसमें उसका फायदा है। इसकी क्रेडिट कार्ड इत्यादि में आवश्यकता होती है। उनके कहने पर वह मान गया और 14 लाख रुपये लिख दिए। वहीं आढ़ती ने जितने रुपये लिए हैं उतने ही देकर खेत वापस करने की बात कही, जिस पर उसने यकीन कर लिया। नोट में कहा कि खेत रहन रखते समय एक प्रतिशत ब्याज तय हुआ था। जिसके लिए वह आढ़ती के पास अपनी फसल गिराकर ब्याज उतारने लगा। बावजूद इसके ब्याज उतरने के बजाय चढ़ने लगा। तीन साल से वह रुपये देता आ रहा है, लेकिन उसका कर्ज नहीं उतर रहा। आढ़ती जे फार्म आधी फसल का ही काटता था। वहीं आढ़ती ने कहा कि खेत रहन रखने में सवा लाख रुपये का खर्च आया है, जो उसे ही चुकाना होगा। ब्याज लगातार बढ़ रहा था। आढ़ती चक्रवृद्धि ब्याज लगाने लगा। विभिन्न तरीकों से दो साल में ही रकम दोगुनी कर दी। कुछ समय पहले आढ़ती ने कहा कि 14 लाख रुपये पूरे हो गए हैं, अब खेत उसके नाम कर दें। परंतु उसने आढ़ती से 14 लाख रुपये नहीं लिए। उसने ब्याज लगाकर इतने रुपये बना दिए हैं। सुसाइड नोट में अंत में लिखा है कि आढ़ती व उसके मुनीम की वजह से वह आत्महत्या कर रहा है। इस बात का इंसाफ होना चाहिए। पांच से छह लाख रुपये की फसल भी आढ़ती के पास डाली। इसके बावजूद कर्ज नहीं उतरा और दोगुना कर दिया। जांच अधिकारी एएसआई दल सिंह ने बताया कि सूचना पर पहुंचकर उन्होंने जांच की। शव का कोरोना टेस्ट करवाया, जो निगेटिव मिला, इसके बाद पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
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पुलिस ने मौका मुआयना कर शव का पोस्टमार्टम करवा दिया है। मृतक के पास से दो पेज का सुसाइड नोट बरामद हुआ है। जिसमें उसने आढ़ती बलविंद्र और उसके मुनीम पर धोखे से उसकी जमीन रहन रखवाने और कर्ज चार गुणा करने का आरोप लगाया है। मृतक के भाई की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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-दीपचंद, प्रभारी, थाना फर्कपुर।