फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Anger among parents, they said - looting fortnight going on in private schools

Yamuna Nagar News: अभिभावकों में आक्रोश, बोले-निजी स्कूलों में चल रहा लूट पखवाड़ा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 10 Apr 2024 04:30 AM IST
विज्ञापन
Anger among parents, they said - looting fortnight going on in private schools
जगाधरी। स्कूलों में निजी प्रकाशकों की पुस्तकों पर रोक नहीं लग पा रही है। विभाग की ओर से एनसीईआरटी की किताबें अनिवार्य करने के बावजूद अधिकतर निजी स्कूल संचालकों की मनमानी जारी है। यही नहीं स्कूलों में ड्रेस भी निर्धारित दुकानों से खरीदने के लिए अभिभावकों पर दबाव दिया जा रहा है, इससे लोगों में रोष है। मंगलवार को इस मामले को लेकर दर्जनों अभिभावक अनाजमंडी में जमा हुए। यहां उन्होंने निजी स्कूलों के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही प्रशासन व शिक्षा विभाग के प्रति भी रोष जताया। अभिभावकों ने अनाजमंडी में टेंट लगाकर सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक धरना दिया और सरकार, निजी स्कूल प्रबंधक, शिक्षा विभाग व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा।
विज्ञापन

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अधिवक्ता साहब सिंह गुर्जर ने कहा कि निजी स्कूलों में अभिभावक लूट पखवाड़ा चल रहा है। दाखिले के दौरान अभिभावकों को मनमानी तरीके से लूटा जा रहा है। स्कूल नियम कानून दरकिनार कर निजी प्रकाशकों की पुस्तकें लगा रहे हैं। जबरन अभिभावकों को नए सत्र में नई वर्दी खरीदने के लिए दबाव दिया जा रहा है। साथ ही अभिभावकों को स्कूलों की निर्धारित दुकानों से किताबें व वर्दी खरीदने को मजबूर किया जा रहा है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग और प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। स्कूलों में बड़ी कक्षाओं में एक दो एनसीईआरटी की किताबों के साथ अधिकतर निजी प्रकाशकों की पुस्तकें लगाई जा रही हैं।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग भी जिम्मेदार हैं। पिछले साल भी पुस्तक विक्रेता के यहां मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने दबिश की थी। निजी स्कूलों पर विभाग ने शिकंजा भी कसा था, लेकिन इस बार कहीं कार्रवाई नहीं की गई। इससे निजी स्कूल संचालकों के हौसले बुलंद हैं। पिछले साल की तुलना में 25 से 30 प्रतिशत महंगी किताबें बेची जा रही हैं। उन्होंने मनमानी करने वाले स्कूल संचालकों पर अंकुश लगाने की मांग उठाई है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि प्रशासन, विभाग व सरकार इस पर कार्रवाई नहीं करेगी तो अभिभावक सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed