{"_id":"6972746e6cc156d07b092217","slug":"an-elderly-man-was-swindled-out-of-rs-1050-lakh-after-being-lured-with-the-promise-of-profits-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1018-150330-2026-01-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: मुनाफे का झांसा देकर बुजुर्ग से 10.50 लाख की ठगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: मुनाफे का झांसा देकर बुजुर्ग से 10.50 लाख की ठगी
Fri, 23 Jan 2026 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 23 Jan 2026 12:33 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और अब ठगों ने बुजुर्गों को अपना आसान निशाना बना लिया है। ताजा मामला पुराना हमीदा क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग से आईआरडीएआई का फर्जी एजेंट बनकर 10.50 रुपये से अधिक की ठगी की गई है। शिकायत के आधार पर साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुराना हमीदा निवासी सुरेश कुमार के मोबाइल फोन पर एक अज्ञात व्यक्ति का कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को आईआरडीएआई से जुड़ा एजेंट बताते हुए कहा कि वह उनकी बीमा पॉलिसी पर ज्यादा ब्याज और बेहतर रिटर्न दिला सकता है। आरोपी ने खुद को सरकारी संस्था से संबंधित बताकर विश्वास में लिया और पॉलिसी से जुड़े फायदों की लंबी जानकारी दी।
इसके साथ ही जल्द निवेश करने का दबाव भी बनाया, ताकि बुजुर्ग को सोचने-समझने का मौका न मिले। ठग की बातों में आकर सुरेश कुमार ने बताए गए बैंक खातों में अलग-अलग तारीखों में ऑनलाइन लेनदेन कर दिए। पुलिस को दी गई शिकायत में उन्होंने बताया कि 13 अगस्त 2025 से 30 दिसंबर 2025 के बीच कई किस्तों में 10.50 आरोपी ने उनसे निकलवा लिए।
विज्ञापन
शुरू में आरोपी लगातार संपर्क में रहा और मुनाफा मिलने का भरोसा देता रहा, लेकिन कुछ समय बाद उसने फोन उठाना बंद कर दिया। जब काफी दिनों तक न तो कोई रिटर्न मिला और न ही आरोपी से संपर्क हो सका, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद पीड़ित बुजुर्ग ने साइबर थाना पहुंचकर पूरे मामले की प्राथमिकी दर्ज कराई। मामले में जांच अधिकारी दीपिका ने बताया कि ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस साइबर तकनीकी सहायता की मदद से आरोपी तक पहुंचने का प्रयास कर रही है और जल्द ही उसे पकड़ने का दावा किया जा रहा है।
साइबर ठगी से कैसे बचें
साइबर थाना पुलिस ने आम लोगों, खासकर बुजुर्गों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस के अनुसार किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर निवेश करने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल जरूरी है। खुद को सरकारी एजेंट बताने वाले व्यक्ति की पहचान और संस्था की आधिकारिक पुष्टि जरूर करें। किसी भी प्रकार का ओटीपी, पासवर्ड, बैंक डिटेल या पॉलिसी नंबर फोन पर साझा न करें। ज्यादा मुनाफे या जल्दी रिटर्न का लालच देने वाली बातों से सावधान रहें, क्योंकि यह साइबर ठगों का आम तरीका होता है। कोई भी सरकारी संस्था फोन कॉल के जरिए निवेश के लिए दबाव नहीं बनाती। यदि किसी को संदेहास्पद कॉल या ठगी का अंदेशा हो तो तुरंत नजदीकी साइबर थाना या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
विज्ञापन
यमुनानगर। जिले में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और अब ठगों ने बुजुर्गों को अपना आसान निशाना बना लिया है। ताजा मामला पुराना हमीदा क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग से आईआरडीएआई का फर्जी एजेंट बनकर 10.50 रुपये से अधिक की ठगी की गई है। शिकायत के आधार पर साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुराना हमीदा निवासी सुरेश कुमार के मोबाइल फोन पर एक अज्ञात व्यक्ति का कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को आईआरडीएआई से जुड़ा एजेंट बताते हुए कहा कि वह उनकी बीमा पॉलिसी पर ज्यादा ब्याज और बेहतर रिटर्न दिला सकता है। आरोपी ने खुद को सरकारी संस्था से संबंधित बताकर विश्वास में लिया और पॉलिसी से जुड़े फायदों की लंबी जानकारी दी।
विज्ञापन
इसके साथ ही जल्द निवेश करने का दबाव भी बनाया, ताकि बुजुर्ग को सोचने-समझने का मौका न मिले। ठग की बातों में आकर सुरेश कुमार ने बताए गए बैंक खातों में अलग-अलग तारीखों में ऑनलाइन लेनदेन कर दिए। पुलिस को दी गई शिकायत में उन्होंने बताया कि 13 अगस्त 2025 से 30 दिसंबर 2025 के बीच कई किस्तों में 10.50 आरोपी ने उनसे निकलवा लिए।
विज्ञापन
शुरू में आरोपी लगातार संपर्क में रहा और मुनाफा मिलने का भरोसा देता रहा, लेकिन कुछ समय बाद उसने फोन उठाना बंद कर दिया। जब काफी दिनों तक न तो कोई रिटर्न मिला और न ही आरोपी से संपर्क हो सका, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद पीड़ित बुजुर्ग ने साइबर थाना पहुंचकर पूरे मामले की प्राथमिकी दर्ज कराई। मामले में जांच अधिकारी दीपिका ने बताया कि ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस साइबर तकनीकी सहायता की मदद से आरोपी तक पहुंचने का प्रयास कर रही है और जल्द ही उसे पकड़ने का दावा किया जा रहा है।
साइबर ठगी से कैसे बचें
साइबर थाना पुलिस ने आम लोगों, खासकर बुजुर्गों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस के अनुसार किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर निवेश करने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल जरूरी है। खुद को सरकारी एजेंट बताने वाले व्यक्ति की पहचान और संस्था की आधिकारिक पुष्टि जरूर करें। किसी भी प्रकार का ओटीपी, पासवर्ड, बैंक डिटेल या पॉलिसी नंबर फोन पर साझा न करें। ज्यादा मुनाफे या जल्दी रिटर्न का लालच देने वाली बातों से सावधान रहें, क्योंकि यह साइबर ठगों का आम तरीका होता है। कोई भी सरकारी संस्था फोन कॉल के जरिए निवेश के लिए दबाव नहीं बनाती। यदि किसी को संदेहास्पद कॉल या ठगी का अंदेशा हो तो तुरंत नजदीकी साइबर थाना या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।