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स्टेयरिंग खराब होने से पलटी बस की लाइफ हो गई थी पूरी, नहीं करवाई गई पासिंग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 30 Nov 2019 11:33 PM IST
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accident
गड्ढे में पलटी हुई स्कूल बस - फोटो : Yamuna Nagar
कोट गांव के पास बच्चों से भरी बस पलटने वाली बस 15 साल पुरानी है। जिसकी पासिंग भी खत्म हो चुकी है। जिसका खुलासा बस के डिटेल निकलवाने पर हुआ। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्कूल प्रबंधन बच्चों की सुरक्षा के प्रति कितना गंभीर है। हादसे के बाद से बस पुलिस कस्टडी में है।
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शुक्रवार को कपालमोचन स्थित एमवीवी डीएवी स्कूल की बच्चों से भरी बस बंनसतोर जंगल की खाई में गिर गई थी। जिसमें क्षमता से अधिक बच्चे भरे हुए थे और करीब आधा दर्जन बच्चों को चोटें आई थी। राहगीरों द्वारा बच्चों को दुर्घटनाग्रस्त बस से शीशे तोड़कर बाहर निकाला गया और बच्चों के परिजनों व आसपास के लोगों ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ बड़ी लापरवाही को लेकर रोष प्रदर्शन किया था। हादसा होने के तुरंत बाद राहगीरों व मौके पर पहुंचे बच्चों के परिजनों ने बच्चों को निजी वाहनों में डालकर उपचार के लिए ले गए थे। बस हादसे के बाद स्कूल प्रिंसिपल ने दुर्घटना का कारण बताते हुए कहा था कि चलती बस का स्टेरिंग फ्री हो गया था। जिसकी वजह से हादसा हुआ और बस केवल सात साल पुरानी है और जिसके सभी कागज व पासिंग आरटीओ विभाग से कंप्लीट है।
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आरटीओ विभाग से बस की डिटेल निकलवाई गई तो पता चला कि बस 2005 मॉडल है जो कि 15 साल पुरानी और खस्ताहाल बस है। जिसकी आरटीए विभाग से पासिंग भी नहीं हुई है। जिससे यह साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्कूल प्रशासन छोटे-छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर कितनी बड़ी लापरवाही बरत रहा है। जिस तरह से बस खाई में गिर कर बस के चारों टायर ऊपर आसमान की तरफ हो गए थे। वह मंजर दिल दहला देने वाला था। लोगों का कहना है कि खाई में पड़ी बस की हालत देखकर ऐसा प्रतीत होता था कि इसमें ना जाने कितनी जानें गई होंगी। गनीमत यह रही कि उसमें बच्चों को चोटे तो आई पर कोई भी जान का नुकसान नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि स्कूल प्रशासन की यह बहुत बड़ी लापरवाही थी। जिससे ना जाने कितने घरों के चिराग बुझ जाते। लोगों का कहना है कि बस ज्यादा पुरानी होने के कारण ही बस में स्टेरिंग फेल मैकेनिकल प्रॉब्लम आई थी। लोगों का कहना है कि शुक्र है कि बच्चों से भरी बस स्टेरिंग फेल होने से किसी बड़े वाहन से नहीं टकराई। लोगों का कहना है कि स्कूल प्रशासन के साथ-साथ आरटीओ विभाग की भी बहुत बड़ी लापरवाही है जो इस तरह से कंडम हुई बसों को भी स्कूलों में चलाने के उनको फिटनेस सर्टिफिकेट दिया जा रहा है। लोगों की मांग है कि आरटीओ विभाग द्वारा जिले के सभी स्कूलों में चल रहे हैं वाहनों की गहनता से जांच की जाए और जो वाहन कंडम हो चुके हैं उनको रोड पर ना चलने दिया जाए।इस बारे में थाना प्रभारी छछरौली रामकुमार का कहना है कि कोट गांव के पास एक स्कूल बस दुर्घटनाग्रस्त हुई थी बस पुलिस कस्टडी में है और इसके बारे में दुर्घटना में घायल हुए बच्चों के परिजनों से बात की गई थी वह इस शिकायत देने के लिए कह रहे थे फिलहाल थाना में किसी की तरफ से कोई शिकायत नहीं आई है अगर शिकायत आती है तो इसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
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