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Yamuna Nagar News: सत्संग में संगत को दिया सेवा का संदेश
Sat, 24 Oct 2026 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 24 Oct 2026 01:53 AM IST
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प्रवचन करते वक्ता। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। समता योग आश्रम जगाधरी में आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन के पहले दिन सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने सत्संग में भाग लिया। श्रद्धालुओं ने महात्मा मंगतराम की शिक्षाओं को सुनकर उन्हें अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। सम्मेलन के दौरान सेवा, धर्म और गुरु के बताए मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया।
मंगतराम महाराज की ओर से जगाधरी में स्थापित समतावाद की परंपरा के तहत आयोजित सम्मेलन में मुखी सेवादार मुनीष बजाज और उनकी टीम की ओर से संगत के हित में किए जा रहे प्रयासों की श्रद्धालुओं ने सराहना की। सम्मेलन प्रभारी रॉकी शर्मा ने सभी प्रभु प्रेमियों का स्वागत किया। सुबह के सत्संग में महाराज की शिक्षाओं के आधार पर दो प्रमुख विषयों पर विचार रखे गए।
पहले विषय सेवा तुल नहीं धर्म है पर अमेरिका से पहुंचे विकास शर्मा ने वाणी पाठ किया। इसके बाद दिल्ली से आए बीसी कालरा ने इस विषय पर अपने विचार रखते हुए सेवा के महत्व को समझाया। उन्होंने महाराज की शिक्षाओं के संदर्भ में सेवा को जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताया।
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सत्संग के दूसरे सत्र में दीपक महाजन धारीवाल ने महाराज के वचनों के आधार पर गुरु की शिक्षाओं को अपनाने और उनके अनुरूप जीवन जीने का संदेश दिया। सत्संग के दौरान श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक विचारों को ध्यानपूर्वक सुना। संचालन ओमप्रकाश ढल ने किया।
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यमुनानगर। समता योग आश्रम जगाधरी में आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन के पहले दिन सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने सत्संग में भाग लिया। श्रद्धालुओं ने महात्मा मंगतराम की शिक्षाओं को सुनकर उन्हें अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। सम्मेलन के दौरान सेवा, धर्म और गुरु के बताए मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया।
मंगतराम महाराज की ओर से जगाधरी में स्थापित समतावाद की परंपरा के तहत आयोजित सम्मेलन में मुखी सेवादार मुनीष बजाज और उनकी टीम की ओर से संगत के हित में किए जा रहे प्रयासों की श्रद्धालुओं ने सराहना की। सम्मेलन प्रभारी रॉकी शर्मा ने सभी प्रभु प्रेमियों का स्वागत किया। सुबह के सत्संग में महाराज की शिक्षाओं के आधार पर दो प्रमुख विषयों पर विचार रखे गए।
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पहले विषय सेवा तुल नहीं धर्म है पर अमेरिका से पहुंचे विकास शर्मा ने वाणी पाठ किया। इसके बाद दिल्ली से आए बीसी कालरा ने इस विषय पर अपने विचार रखते हुए सेवा के महत्व को समझाया। उन्होंने महाराज की शिक्षाओं के संदर्भ में सेवा को जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताया।
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सत्संग के दूसरे सत्र में दीपक महाजन धारीवाल ने महाराज के वचनों के आधार पर गुरु की शिक्षाओं को अपनाने और उनके अनुरूप जीवन जीने का संदेश दिया। सत्संग के दौरान श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक विचारों को ध्यानपूर्वक सुना। संचालन ओमप्रकाश ढल ने किया।

प्रवचन करते वक्ता। संवाद