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टॉपर्स की राय से बनेगा सिलेबस
Yamuna Nagar
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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जगाधरी। सीबीएसई के 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को अब सिलेबस से जुड़ी दिक्कतों का सामना नहीं करना पडे़गा। सीबीएसई के अधिकारियों ने सिलेबस कमेटी में टॉपर स्टूडेंट्स को शामिल करने का फैसला लिया है, ताकि वे एक्सपर्ट के साथ बैठकर सिलेबस से जुड़ी दिक्कतों को दूर करवा सकें। सीबीएसई के रिजनल डायरेक्टर आरजे खांडेराव का कहना है कि एक्सपर्ट टॉपर्स की राय के बाद सिलेबस को सरल बनाने की कोशिश करेंगे। सत्र 2014-15 की परीक्षा के लिए सिलेबस कमेटी में विषय के टॉपर्स स्टूडेंट्स को शामिल किया जाएगा। जिले के स्कूलों के प्रिंसिपल का कहना है कि इस निर्णय से छात्रों को फायदा मिलेगा।
सीबीएसई के अधिकारियों के मुताबिक सिलेबस हमेशा विशेषज्ञों द्वारा तैयार किया जाता है। पढ़ाई के दौरान स्टूडेंट्स को क्या परेशानी आ रही है। इसका उसके पास कोई फीडबैक नहीं होता। यही वजह है कि वे स्टैंडर्ड पैटर्न पर काम करते हैं। टॉपर्स की राय यहां फायदेमंद होगी। विद्यार्थियों को सिलेबस की दिक्कतों का सामना पिछले कई वर्षों से करना पड़ रहा है। सीबीएसई की ओर से टॉपर स्टूडेंट्स को सिलेबस कमेटी में शामिल करने का निर्णय लिया है। इसके आधार पर सिलेबस कमेटी के विशेषज्ञ सिलेबस को सरल बनाने की कोशिश करेंगे।
सीबीएसई की पहल सराहनीय
थापर कालोनी स्थित स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल रेनू मलिक का कहना है कि सिलेबस कमेटी में टॉपर्स को शामिल करने का निर्णय लेकर सीबीएसई ने सराहनीय पहल की है। एक तो सिलेबस का सरलीकरण हो जाएगा, दूसरा सिलेबस तैयार करने वाले विशेषज्ञों को विषय से जुड़ा फीडबैक मिल जाएगा। इसके अलावा सिलेबस में क्या होना चाहिए और किस चीज को हटाया जाना चाहिए। इसकी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। सरस्वती पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल दीपक सिंगला का कहना है कि स्टूडेंट्स को अपनी समस्याओं का स्तर पता होता है, जबकि एक्सपर्ट उनसे अनभिज्ञ होते हैं। अकसर देखा जाता है कि जब कोई एक्सपर्ट पेपर तैयार करता है, तो वह उसे सॉल्व करके नहीं देखते, लेकिन जब स्टूडेंट्स उसी पेपर को सॉल्व करते हैं, तो उन्हें कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसा करने से सबसे बड़ा फायदा विद्यार्थियों को होगा।
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अब पढ़ाई को करेंगे एंज्वाय
स्टूडेंट्स आकृति व वंदना का कहना है कि जब सिलेबस में दिक्कतें दूर हो जाएंगी, तो वे पढ़ाई को एंज्वाय कर सकेंगी। साइंस विषय में कई बार इस प्रकार की समस्याएं सामने आ जाती हैं, जिनका समाधान उनके लिए मुश्किल हो जाता है, लेकिन अब उन्हें उम्मीद है कि ऐसा नहीं होगा, क्योंकि सिलेबस सेट करवाने में विद्यार्थियोें की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
कोट
-11वीं व 12वीं का सिलेबस तैयार करने के लिए टॉपर्स की मदद ली जाएगी। टॉपर स्टूडेंट्स विशेषज्ञों के साथ बैठकर पढ़ाई के दौरान विद्यार्थियों को आने वाली दिक्कतों पर विस्तार से विचार करेंगे।
एक्सपर्ट उनकी राय के बाद सिलेबस को सरल बनाने की कोशिश करेंगे।
आरजे खांडेराव, रिजनल डायरेक्टर, सीबीएसई, पंचकूला।
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सीबीएसई के अधिकारियों के मुताबिक सिलेबस हमेशा विशेषज्ञों द्वारा तैयार किया जाता है। पढ़ाई के दौरान स्टूडेंट्स को क्या परेशानी आ रही है। इसका उसके पास कोई फीडबैक नहीं होता। यही वजह है कि वे स्टैंडर्ड पैटर्न पर काम करते हैं। टॉपर्स की राय यहां फायदेमंद होगी। विद्यार्थियों को सिलेबस की दिक्कतों का सामना पिछले कई वर्षों से करना पड़ रहा है। सीबीएसई की ओर से टॉपर स्टूडेंट्स को सिलेबस कमेटी में शामिल करने का निर्णय लिया है। इसके आधार पर सिलेबस कमेटी के विशेषज्ञ सिलेबस को सरल बनाने की कोशिश करेंगे।
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सीबीएसई की पहल सराहनीय
थापर कालोनी स्थित स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल रेनू मलिक का कहना है कि सिलेबस कमेटी में टॉपर्स को शामिल करने का निर्णय लेकर सीबीएसई ने सराहनीय पहल की है। एक तो सिलेबस का सरलीकरण हो जाएगा, दूसरा सिलेबस तैयार करने वाले विशेषज्ञों को विषय से जुड़ा फीडबैक मिल जाएगा। इसके अलावा सिलेबस में क्या होना चाहिए और किस चीज को हटाया जाना चाहिए। इसकी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। सरस्वती पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल दीपक सिंगला का कहना है कि स्टूडेंट्स को अपनी समस्याओं का स्तर पता होता है, जबकि एक्सपर्ट उनसे अनभिज्ञ होते हैं। अकसर देखा जाता है कि जब कोई एक्सपर्ट पेपर तैयार करता है, तो वह उसे सॉल्व करके नहीं देखते, लेकिन जब स्टूडेंट्स उसी पेपर को सॉल्व करते हैं, तो उन्हें कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसा करने से सबसे बड़ा फायदा विद्यार्थियों को होगा।
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अब पढ़ाई को करेंगे एंज्वाय
स्टूडेंट्स आकृति व वंदना का कहना है कि जब सिलेबस में दिक्कतें दूर हो जाएंगी, तो वे पढ़ाई को एंज्वाय कर सकेंगी। साइंस विषय में कई बार इस प्रकार की समस्याएं सामने आ जाती हैं, जिनका समाधान उनके लिए मुश्किल हो जाता है, लेकिन अब उन्हें उम्मीद है कि ऐसा नहीं होगा, क्योंकि सिलेबस सेट करवाने में विद्यार्थियोें की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
कोट
-11वीं व 12वीं का सिलेबस तैयार करने के लिए टॉपर्स की मदद ली जाएगी। टॉपर स्टूडेंट्स विशेषज्ञों के साथ बैठकर पढ़ाई के दौरान विद्यार्थियों को आने वाली दिक्कतों पर विस्तार से विचार करेंगे।
एक्सपर्ट उनकी राय के बाद सिलेबस को सरल बनाने की कोशिश करेंगे।
आरजे खांडेराव, रिजनल डायरेक्टर, सीबीएसई, पंचकूला।