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Yamuna Nagar News: सड़क सुरक्षा के दावों के बीच 226 लोगों ने गंवा दी जान

Fri, 17 Jan 2025 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 17 Jan 2025 12:45 AM IST
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226 people lost their lives amidst claims of road safety
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। जिला प्रशासन के सड़क सुरक्षा के तमाम दावों के बीच गत 12 महीनों में जिले में 226 लोगों ने अपनी जान गंवा दी। रोजाना हादसे होते रहे और सड़कें खून से लाल होती गईं। कहीं तेज रफ्तार तो कहीं पर अधिकारियों की लापरवाही की वजह से हादसों में लोगों की जान चली गई। अधिकारी सड़कों पर सफेद पट्टी, कैटआई, संकेतक व चेतावनी बोर्ड नहीं लगवा पा रहे हैं।
वर्ष 2024 में एक जनवरी से लेकर 31 मार्च तक जिले में कुल 445 सड़क हादसे हुए। इजिनमें 226 लोगों की मौत हो गई। साथ ही 391 लोग घायल हो गए। 215 लोग ऐसे रहे, जिन्हें गंभीर चोट लगी। 220 लोगों को थोड़ी चोट थी, जिनमें से 85 को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
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गनीमत यह रही कि जो वाहन सड़क हादसों का शिकार हुए उन पर 479 अन्य लोग भी सवार थे, लेकिन किस्मत अच्छी थी की उन्हें कोई चोट नहीं आई। इनमें से ज्यादातर सड़क हादसे पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर हुए हैं। शायद ही जिले की कोई ऐसी सड़क हो जिसके बरम पूरी तरह से लेवल में हो। सड़कों से सफेद पट्टी गायब है या फिर धूमिल हो गई है। रात के समय सड़कों पर धूमिल पट्टी दिखाई ही नहीं देती।
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जगाधरी-बिलासपुर स्टेट हाइवे पर पीडब्ल्यूडी ने रक्षक विहार नाका से जेल तक सड़क के बीच में सेंटर लाइन बनवा कर खानापूर्ति कर दी। इसके आगे जड़ौदा, जटहेड़ी के पास कई जगह पट्टी गायब है। यहां तक की बिलासपुर में मिनी सचिवालय के सामने भी सड़क पर सफेद पट्टी नहीं है। वीटा मिल्क प्लांट से शिव चौक तक सीसी की सड़क है, लेकिन इस पर भी सेंटर लाइन व सफेद पट्टी बिल्कुल भी नहीं है। सड़क में भी कई सेंटीमीटर चौड़ी दरारें आई हुई हैं। इसी तरह बिलासपुर-प्रतापनगर सड़क पर कई जगह सड़क बरम में आठ से 10 इंच ऊपर है। लेदी से प्रतापनगर तक जो सड़क पिछले महीने बनाई गई थी उस पर अभी तक न तो सेंटर लाइन है और न ही सफेद पट्टी। जबकि इस सड़क पर सारा दिन प्रतापनगर की तरफ से आने वाले खनन सामग्री से भरे ट्रक दौड़ते रहते हैं। जिनसे आए दिन हादसे होते रहते हैं। इस सड़क पर तो कहीं एक भी संकेतक तक नहीं लगा है। वहीं काफी हादसे तेज रफ्तार व लोगों की खुद की लापरवाही से भी हो रहे हैं।

कोहरे में हादसे का खतरा ः कोहरे के दिनों सड़कों पर हादसों का खतरा बढ़ जाता है। कोहरे में सड़कों की सेंटर लाइन व सफेद पट्टी बड़ी मददगार होती है। इन पट्टियों को देख कर ही वाहन चालक आगे बढ़ते हैं। रोजाना हजारों वाहनों के दबाव से सफेद पट्टी मिट जाती है या फिर वह धूमिल होकर सड़क से मेल खा जाती है। जिस कारण वह रात में किसी को दिखाई नहीं देती। वहीं आजकल जो नई गाड़ियां आ रही हैं उनमें सफेद रंग की एलईडी लाइटें लगी हैं। इन एलईडी की रोशनी इतनी ज्यादा होती है कि सामने से किसी को कुछ भी दिखाई नहीं देता।
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