फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   ट्विनसिटी की आबोहवा हुई जानलेवा, खतरनाक स्तर पर पहुंचा प्रदूषण

ट्विनसिटी की आबोहवा हुई जानलेवा, खतरनाक स्तर पर पहुंचा प्रदूषण

Sat, 03 Nov 2018 12:39 AM IST
Updated Sat, 03 Nov 2018 12:39 AM IST
विज्ञापन
ट्विनसिटी की आबोहवा हुई जानलेवा, खतरनाक स्तर पर पहुंचा प्रदूषण
ट्विनसिटी की आबोहवा हुई जानलेवा, खतरनाक स्तर पर पहुंचा प्रदूषण
विज्ञापन

दीवाली पर बिगड़ सकती है स्थिति, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जारी की एडवाइजरी
यमुनानगर
दिवाली से पहले ही ट्विनसिटी की आबोहवा जानलेवा होती जा रही है। कई स्थानों पर हवा में इतना जहर घुल चुका है कि वहां सांस लेना भी मुश्किल होने लगा है। शुक्रवार को भी वायु गुणवत्ता सूचकांक तीन सौ के पार है। जगाधरी के बस अड्डा चौक, बुडिया चुंगी, जड़ोदा गेट, मानकपुर इंडस्ट्री एरिया, यमुनानगर इंडस्ट्री एरिया, शुगरमिल रोड, कमानी चौक पर हवा की गुणवत्ता %बेहद खराब% स्तर पर पहुंच चुकी है। इसकी सबसे बड़ी वजह मेटल और प्लाइवुड इंडस्ट्री के अतिरिक्त सड़कों की खराब स्थिति की वजह से उड़ रही धूल भी मुख्य वजह बन गई है। प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने चेतावनी दी है कि अभी हालात में बदलाव नहीं आएंगे और दिवाली तक स्थिति और बिगड़ सकती है।
बॉक्स
ये है एडवाइजरी
-लोग सुबह टहलने के लिए न निकलें। इससे बीमार होने का खतरा है।
-सांस लेने में दिक्कत हो तो मास्क का प्रयोग करें।
-अस्थमा के मरीज ज्यादा देर तक बाहर न रहें।
-धूल मिट्टी के काम में पानी का छिड़काव करें।
-निर्माण सामग्री के स्टॉप पर लगातार पानी छिड़के।
-खुले में कूड़ा और पराली न जलाएं।
बॉक्स
ये है प्रदूषण बढ़ने की मुख्य वजह
-जगाधरी मेटल इंडस्ट्री का पॉल्यूशन।
-प्लाइवुड इंडस्ट्री का धुआं और धूलकण।
-निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल।
-वाहनों से निकलने वाला धुआं।
-खेतों में पराली जलाना भी मुख्य वजह।
-क्रशर से उड़ने वाली धूल।
बॉक्स
स्थिति बिगड़ी तो जीआरएपी होगा लागू
जिले में प्रदूषण की स्थिति बिगड़ने पर ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानि जीआरएपी के तहत बेहद खराब और गंभीर श्रेणी के प्रतिबंध लागू किए जा सकते हैं। इसमें डीजल जेनरेटरों, हॉट मिक्स प्लांटों और ईंट भट्ठों पर प्रतिबंध के अलावा क्रशर और निर्माण पर भी रोक लगाई जा सकती है।
विज्ञापन

बॉक्स
इस साल पराली जलाने के 67 मामले
-जिले में इस साल पराली जलाने के 67 केस सामने आएं हैं। कृषि विभाग की तरफ से 58 किसानों पर करीब डेढ़ लाख रुपए जुर्माना किया गया। अधिकारियों के मुताबिक दो एकड़ भूमि तक 2500 रुपए, दो से पांच एकड़ तक 5 हजार रुपए और पांच एकड़ से ज्यादा पर 15हजार रुपए का प्रति घटना का जुर्माना लगाया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्जन
-दिवाली पर प्रदूषण में और ज्यादा इजाफा होने की आशंका है। लोगों को अवेयर किया जा रहा है कि वे प्रदूषण कम करने के उपाय अमल में लाएं। पटाखों से निकलने वाला धुआं काफी खतरनाक होता है। लोगों से अपील है कि पटाखों से दूर रहे।-बलराज अहलावत, एक्सइएन, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed