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नगर पंचायत संघर्ष समिति व पंचायत सर्मथकों ने भाजपा सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

Thu, 02 Aug 2018 12:45 AM IST
Updated Thu, 02 Aug 2018 12:45 AM IST
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नगर पंचायत संघर्ष समिति व पंचायत सर्मथकों ने भाजपा सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
नगर पंचायत संघर्ष समिति व पंचायत सर्मथकों ने भाजपा सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
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अमर उजाला ब्यूरो
साढौरा।
नगर पंचायत संघर्ष समिति एवं पंचायत समर्थकों ने नगरपालिका गठित करने के प्रयासों के विरोध में मंगलवार को साई मंदिर में आयोजित बैठक में सरकार के विरुद्ध जमकर रोष प्रकट किया। इस दौरान विधायक बलवंत सिंह व भाजपा सरकार के विरूद्ध जमकर नारेबाजी भी की गई। नगर पंचायत संघर्ष समिति के अध्यक्ष अशोक मेहता के नेतृत्व में पंचायत समर्थकों ने साईं मंदिर में आयोजित बैठक में कहा कि भाजपा सरकार को चंद लोग गुमराह कर रहे है। सरकार को लोगों की भावनाओं के अनुरूप ही कोई सही कदम उठाना चाहिए। सरकार को किसी के बहकावे में आकर कस्बे की आबादी के हिसाब से जनमत करवाकर निर्णय लेना चाहिए। अशोक मेहता ने कहा कस्बे की आबादी के हिसाब के अनुसार एक तिहाई हस्ताक्षर पंचायत के पक्ष में करवाए जा चुके है।

अशोक मेहता ने कहा कि कस्बे के 90 प्रतिशत लोग पंचायत को कायम रखने के पक्षधर है। इसके बावजूद विधायक बलवंत सिंह के इशारे पर सीएम मनोहर लाल खट्टर ने नोटिस जारी करके इस पिछड़े क्षेत्र की जनता के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने कहा कि पंचायत समर्थकों की नाराजगी से भाजपा को आगामी चुनावों में बहुत नुक्सान उठाना पड़ेगा। इसीलिए भाजपा सरकार को किसी के दबाव में न आकर नगरपालिका का गठन नही करना चाहिए। अशोक मेहता का आरोप है कि पंचायत संघर्ष समिति को सीएम से मुलाकात करने के प्रयासों को 5 माह से विफल किया जा रहा है। उन्होंने पिछले पांच माह के अंतराल में सीएम से मिलने के लिए कई बार समय मांगा। लेकिन चण्डीगढ़ सर्मथकों सहित पहुंचने पर उन्हें हर बार मिलने से टाल दिया गया है। पंचायत समर्थकों की मांग है कि सरकार को एकपक्षीय फैंसला लेने की बजाए कस्बावासियों के बहुमत से निर्णय लेना चाहिए। जब कस्बे के 90 प्रतिशत लोग पंचायत के चुनाव करवाने के लिए राजी है तो उन्हें जबरन नगरपालिका थोंपने का काम क्यों किया जा रहा है। नगर पंचायत समर्थकों ने एक सुर में कहा कि अगर सरकार ने जबरन नगरपालिका बनाने का फैसला लिया तो सरकार आगामी चुनावों में भारी खामियाजा भुगतने के लिए तैयार रहना होगा।
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