फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   तेंदुए की दहशत से ग्रामीण सहमें, वाइल्ड लाइफ ने बढ़ाई गश्त

तेंदुए की दहशत से ग्रामीण सहमें, वाइल्ड लाइफ ने बढ़ाई गश्त

Sun, 15 Jul 2018 12:45 AM IST
Updated Sun, 15 Jul 2018 12:45 AM IST
विज्ञापन
तेंदुए की दहशत से ग्रामीण सहमें, वाइल्ड लाइफ ने बढ़ाई गश्त
तेंदुए की दहशत से ग्रामीण सहमें, वाइल्ड लाइफ ने बढ़ाई गश्त
विज्ञापन

खिजराबाद। कलेसर में तेंदुए द्वारा गाय को अपना शिकार बनाएं जाने के बाद विभाग द्वारा गांव में गश्त बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों ने डर के साये में रात बिताई। कई ग्रामीणों ने रात को अपने पशुओं और घर की रखवाली के लिए पहरा दिया। विनित कुमार, विनोद कुमार, बाबूराम, बिरम आदि का कहना है कि तेंदुए के गांव में आकर पशुओं पर हमला करना किसी दहशत से कम नही है। जंगल से आए दिन तेंदुए अधिकतर कुत्ते और पशुओं को ही अपना शिकार बनाते हैं। गांव में तेंदुआ आने की खबर ने उनकी नींद उड़ा रखी है।
बाहर नहीं निकलने की चेतावनी : वन्य प्राणी विभाग ने ग्रामीणों को रात के अंधेरे में बाहर न निकलने और रात को अपने पशुओं को बाहर न छोड़ने के लिए कहा गया है। वन्य प्राणी विभाग द्वारा दिन और अधिकतर रात के समय में गांव की ओर गश्त की जा रही है ताकि कोई भी जंगली जानवर ग्रामीणों को नुकसान ना पहुंचा सके। अधिकारियों ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि किसी भी जंगली जानवर के गांव में होने की सूचना तुरंत विभाग के कर्मचारियों को दें और किसी भी सूरत में उन पर हमला न करें। हमला करने पर जंगली जानवर अधिक उग्र हो जाता है और नुकसान पहुंचा सकता है।
विज्ञापन


बूढ़े तेंदुए आते हैं आबादी में : वन्य प्राणी विभाग के निरीक्षक सुल्तान बैरागी ने कहा कि वैसे तो जंगली तेंदुए किसी पर हमला नही करते, लेकिन जब जंगल में रहने वाले तेंदुए बूढ़े हो जाते हैं और वहां पर उनका जंगल राज समाप्त हो जाता है तो वे अपनी भूख मिटाने के लिए मैदानी इलाकों की और रुख करते हैं। बूढ़े तेंदुए कुत्ते या खूंटे आदि पर बंधे पशुओं को ही अपना शिकार बनाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

कलेसर में 35 से ज्यादा तेंदुए : उन्होंने बताया कि कलेसर नेशनल पार्क में 35 से ज्यादा तेंदुए हैं। जिनमें से कुछ बूढे़ हो चुके हैं और कुछ अपने यौवन पर हैं। पिछले दो तीन सालों में लगभग तीन घटनाएं घटित हुई हैं। जिनमें तेंदुए द्वारा पशुओं को अपना शिकार बनाया गया हो। दो घटनाएं हाथी द्वारा गांव में घुसकर हमला करने की हुई हैं। नेशनल पार्क में दो हाथी हैं, जिनमें से एक हाथी एक दांत वाला है और दूसरा दो दांत वाला। कई बार हाथी भी नेशनल हाईवे पर आ जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed